भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष 23 घंटे के कानपुर दौरे पर रहे। शनिवार शाम कानपुर पहुंचने के बाद रविवार शाम तक उन्होंने तीन बैठकों और एक संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उनका अंदाज एक टीचर जैसा नजर आया। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों की बातें सुनीं, शिकायतें नोट कीं, संगठन को मजबूत करने का पाठ पढ़ाया और कई अहम निर्देश दिए। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीएल संतोष के इस दौरे को संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह रही कि बैठकों के दौरान उन्होंने पदाधिकारियों की बातों को गंभीरता से सुना और कई बिंदुओं को अपनी डायरी में नोट किया। 8 संगठनात्मक जिलो के जनप्रतिनिधियों के साथ 3 घंटे बैठक शनिवार शाम करीब 7 बजे कानपुर पहुंचने के बाद बीएल संतोष तुरंत एक्टिव मोड में आ गए। सबसे पहले उन्होंने 8 संगठनात्मक जिलों के जनप्रतिनिधियों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ करीब 3 घंटे बैठक की। बैठक में उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के वोट प्रतिशत को लेकर सवाल किए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से पूछा कि 2022 में जीत और वोट मिलने के बाद 2024 के आम चुनाव में जहां वोट कम हुआ, वहां उसे कैसे बढ़ाया जाए। उन्होंने सरकार के विकास कार्यों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपनी शिकायतें और समस्याएं खुलकर रखने को कहा। इस दौरान संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी चर्चा हुई। बीएल संतोष ने कहा कि संगठन में किसी तरह का आपसी मनमुटाव नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को विकास और संगठन के काम को संकल्प के साथ आगे बढ़ाना होगा। 200 मंडल अध्यक्ष पहुंचे, करीब 130 एक-एक कर बात सुनी रविवार सुबह 10 बजे होटल लैंडमार्क में मंडल अध्यक्षों के साथ बैठक शुरू हुई। प्रदेश के 214 मंडल अध्यक्षों में से करीब 200 बैठक में मौजूद रहे। बीएल संतोष ने शुरुआत में ही मंडल अध्यक्षों से पूछा कि वे क्या कहना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने करीब 130 मंडल अध्यक्षों की अलग-अलग बातें सुनीं। कुछ मंडल अध्यक्षों ने सरकारी विभागों से जुड़े अधिकारियों की शिकायतें रखीं। वहीं कुछ ने अपने काम और समस्याओं को अधिकारियों द्वारा अनसुना किए जाने की बात कही। बीएल संतोष पूरी बैठक के दौरान उनकी बातें सुनते रहे और महत्वपूर्ण बिंदुओं को डायरी में नोट करते रहे। सोशल मीडिया पदाधिकारियों की बैठक में टीचर बने बीएल संतोष रविवार दोपहर करीब 1 बजे सोशल मीडिया पदाधिकारियों की बैठक हुई। यहां बीएल संतोष का अंदाज अलग नजर आया। वे मंच पर कम समय बैठे और पदाधिकारियों के बीच जाकर एक शिक्षक की तरह उन्हें सोशल मीडिया की बारीकियां समझाईं। विधानसभा स्तर के 50 से अधिक भाजपा सोशल मीडिया पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहे। बीएल संतोष ने मौजूदा सोशल मीडिया पोस्ट और पार्टी के डिजिटल प्रचार की जानकारी ली। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में मर्यादा का विशेष ध्यान रखने की नसीहत दी। साथ ही कहा कि यदि विपक्ष झूठे नरेटिव के जरिए भ्रम और दुष्प्रचार कर रहा है तो उसे सोशल मीडिया के माध्यम से एक्सपोज करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की पहुंच बहुत व्यापक है, इसलिए इसका प्रभावी और जिम्मेदारी से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बूथ अध्यक्षों से संवाद, विधायक की भी ली क्लास रविवार शाम करीब 4 बजे बीएल संतोष शास्त्रीनगर स्थित एक्सल पैलेस पहुंचे। यहां उन्होंने गोविंदनगर विधानसभा क्षेत्र के 347 बूथ अध्यक्षों के साथ संवाद किया। संवाद की शुरुआत में ही उन्होंने गोविंदनगर विधायक सुरेंद्र मैथानी से उनके क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि विधानसभा क्षेत्र में ऐसे 5 प्रमुख विकास कार्य बताइए, जो कराए गए हैं। सुरेंद्र मैथानी ने इसके जवाब में 22 प्रमुख विकास कार्य उनके सामने रखे। इसके बाद बीएल संतोष ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर बूथ कार्यकर्ता और पदाधिकारी से सीधा संवाद होना जरूरी है। कार्यकर्ताओं तक पहुंच और उनसे लगातार संपर्क ही मजबूत संगठन की नींव तैयार करता है। 23 घंटे के दौरे में संगठन की नब्ज टटोली बीएल संतोष शनिवार शाम 7 बजे कानपुर पहुंचे और रविवार शाम करीब 6:30 बजे कानपुर सेंट्रल से वंदे भारत ट्रेन के जरिए दिल्ली रवाना हो गए। करीब 23 घंटे के इस दौरे में उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लेकर मंडल अध्यक्षों, सोशल मीडिया पदाधिकारियों और बूथ अध्यक्षों तक संगठन के अलग-अलग स्तरों से सीधा संवाद किया। शिकायतें सुनने से लेकर संगठन की कमियां समझने और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी का पाठ पढ़ाने तक, उनका पूरा दौरा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर केंद्रित रहा।
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