बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पति-पत्नी के विवाद के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर एक युवक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। नगीना देहात थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में युवक का दावा है कि उसे पुलिस ने करीब 18 घंटे तक थाने में बैठाए रखा। इसके बाद उसका शांतिभंग की धारा 151 के तहत चालान किया गया।
युवक ने आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बाद भी उसे घर जाने के बजाय दोबारा पुलिसकर्मियों के पास ले जाया गया और उससे रुपये मांगे गए। उसने पुलिस पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद बिजनौर के एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।
पत्नी से विवाद के बाद शुरू हुआ मामला
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड के काशीपुर क्षेत्र के मिस्सरवाला गांव निवासी सुहैल अब्बास का कुछ दिन पहले अपनी पत्नी से विवाद हुआ था। इसके बाद पत्नी नाराज होकर मायके चली गई थी।
सुहैल के मुताबिक, उसे जानकारी मिली कि उसकी पत्नी जोगीरमपुरी गई हुई है। वह उसे मनाने के लिए वहां पहुंचा। शाम के समय दोनों के बीच फिर कहासुनी हुई। इसके बाद पत्नी की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की बात सामने आई।
शिकायत में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी जैसे आरोप लगाए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
थाने बुलाकर 18 घंटे रखने का आरोप
सुहैल का कहना है कि उसे फोन करके नगीना देहात थाने बुलाया गया। युवक ने एक वीडियो में आरोप लगाया कि वहां तैनात एसआई बादशाह खान ने उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की और उसे लॉकअप में करीब 18 घंटे तक रखा।
इसके बाद दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे के बीच उसका धारा 151 के तहत चालान किए जाने की बात सामने आई। पुलिसकर्मी उसे नगीना एसडीएम कोर्ट लेकर गए, जहां से उसे जमानत मिल गई।
जमानत के बाद दोबारा पुलिस के पास ले जाने का दावा
युवक का आरोप है कि जमानत मिलने के बाद भी उसे सीधे घर नहीं जाने दिया गया। उसके मुताबिक, दो पुलिसकर्मी उसे दोबारा दारोगा के पास लेकर गए।
सुहैल ने दावा किया कि उसे रायपुर थाने में दारोगा के कमरे में ले जाया गया, जहां उससे रुपये मांगे गए। उसने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर उसे किसी अन्य मामले में फंसाने की धमकी दी गई।
12 हजार ऑनलाइन और 7 हजार नकद लेने का आरोप
सुहैल ने वीडियो में दावा किया कि उससे 12 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। उसके मुताबिक, ऑनलाइन भुगतान में उसे ‘अनस’ नाम दिखाई दिया।
इसके अलावा युवक ने आरोप लगाया कि उसकी जेब में मौजूद करीब 7 हजार रुपये नकद भी ले लिए गए। इस हिसाब से उसके शुरुआती आरोप में कुल 19 हजार रुपये लिए जाने की बात सामने आती है।
वहीं, अमर उजाला की रिपोर्ट में युवक के हवाले से यह भी कहा गया है कि घर जाने के बाद उससे 2 हजार रुपये ऑनलाइन और लिए गए थे। इस दावे को जोड़ने पर युवक द्वारा लगाए गए कुल रकम के आरोप की राशि 21 हजार रुपये बताई गई है।
मोबाइल रीसेट करने का भी आरोप
युवक ने पुलिस पर उसका मोबाइल फोन रीसेट करने का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पूरी घटना के बाद मोबाइल में मौजूद जानकारी को हटा दिया गया।
हालांकि इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि युवक द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
SP ने दिए जांच के आदेश
मामला सामने आने के बाद बिजनौर के एसपी केके बिश्नोई ने जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जांच एएसपी ग्रामीण गौतम राय को सौंपी गई है।
एसपी ने कहा है कि युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी और यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल यह मामला युवक द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस जांच के बीच है। एक तरफ युवक ने हिरासत में रखने, पैसे लेने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
जांच में थाने के रिकॉर्ड, चालान से जुड़े दस्तावेज, कोर्ट की कार्रवाई, कथित ऑनलाइन लेनदेन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।