Monday, 10 August 2026

5 करोड़ की McLaren जैसी कांवड़ में सवार हुए भोलेनाथ, मुजफ्फरनगर में उमड़ी भीड़; जानिए क्या है पूरी कहानी

Text: मुजफ्फरनगर में McLaren जैसी डमी स्पोर्ट्स कार में विराजमान भगवान शिव की अनोखी कांवड़, जिसे छह शिवभक्त हरिद्वार से दिल्ली लेकर जा रहे हैं

मुजफ्फरनगर में McLaren वाली कांवड़ ने खींचा लोगों का ध्यान

सावन के महीने में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। यहां भगवान शिव की प्रतिमा को McLaren जैसी दिखने वाली स्पोर्ट्स कार में विराजमान करके कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। सड़क से गुजरने वाले लोग इस अनोखी कांवड़ को देखकर रुक रहे हैं और इसकी तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं।

पहली नजर में यह कार इतनी वास्तविक लगती है कि कई लोगों को लगा कि करोड़ों रुपये की असली लग्जरी स्पोर्ट्स कार को कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनाया गया है। लेकिन बाद में सामने आया कि यह असली McLaren नहीं बल्कि विशेष रूप से तैयार की गई डमी कार है।


असली McLaren की कीमत करीब 5 करोड़, लेकिन यह कार डमी है

इस अनोखी कांवड़ की सबसे ज्यादा चर्चा इसकी कीमत को लेकर हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस McLaren जैसी कार की डिजाइन पर यह कांवड़ तैयार की गई है, उसकी कीमत करीब 5 से 5.5 करोड़ रुपये तक बताई गई है।

लेकिन कांवड़ में इस्तेमाल की गई कार असली McLaren नहीं है। इसे खास तौर पर कांवड़ यात्रा के लिए तैयार कराया गया है और इसे बनाने में करीब 7 से 8 लाख रुपये खर्च हुए।

यानी करोड़ों रुपये की कार खरीदने के बजाय शिवभक्तों ने उसी तरह का आकर्षक डिजाइन तैयार करवाया, ताकि उसमें भगवान शिव की प्रतिमा को विराजमान करके यात्रा की जा सके।


कार के अंदर विराजमान हैं भगवान शिव

इस कांवड़ की सबसे खास बात इसका आधुनिक डिजाइन और धार्मिक आस्था का मेल है। स्पोर्ट्स कार के अंदर भगवान शिव की प्रतिमा को विराजमान किया गया है।

दूर से देखने पर यह पूरा सेटअप किसी लग्जरी कार जैसा दिखाई देता है। मुजफ्फरनगर से गुजरते समय इस कांवड़ ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और देखते ही देखते यह चर्चा का विषय बन गई।


छह शिवभक्त लेकर निकले हैं यह अनोखी कांवड़

इस यात्रा में दिल्ली के नवादा गांव के रहने वाले छह शिवभक्त शामिल हैं। इन भक्तों ने 28 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल उठाया था।

रिपोर्ट के अनुसार, भक्त करीब 40 लीटर गंगाजल लेकर यात्रा पर निकले हैं। उनका उद्देश्य इस गंगाजल को दिल्ली के नवादा गांव स्थित शिव मंदिर में ले जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है।


ऑफिस में आया था स्पोर्ट्स कार वाली कांवड़ का आइडिया

इस अनोखी कांवड़ के पीछे की कहानी भी काफी दिलचस्प है।

शिवभक्त दीपक शर्मा के अनुसार, वे अपने साथियों के साथ ऑफिस में बैठे थे और सावन में कुछ अलग तरह से कांवड़ यात्रा करने के बारे में सोच रहे थे। इसी बातचीत के दौरान स्पोर्ट्स कार में भगवान शिव को विराजमान करके कांवड़ लाने का विचार आया।

इसके बाद छह लोगों ने इस विचार को वास्तविक रूप देने का फैसला किया और विशेष डिजाइन वाली डमी कार तैयार कराई।


28 जुलाई को हरिद्वार से शुरू हुई यात्रा

शिवभक्तों ने 28 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लिया।

इसके बाद उनकी यात्रा शुरू हुई। रास्ते में मुजफ्फरनगर पहुंचने पर यह अनोखी कांवड़ लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गई।

इस कांवड़ को देखने के लिए कई लोग सड़क किनारे रुकते दिखाई दिए और मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए।


मंजिल दिल्ली का शिव मंदिर

इस यात्रा का अंतिम पड़ाव दिल्ली के नवादा गांव स्थित शिव मंदिर है।

यात्रा पूरी होने के बाद छह शिवभक्त वहां पहुंचकर हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। भक्तों के अनुसार, इस यात्रा के पीछे मुख्य भावना भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और परिवार की सुख-शांति की कामना है।


क्यों खास है यह कांवड़?

कांवड़ यात्रा में हर साल अलग-अलग तरह की झांकियां और कांवड़ देखने को मिलती हैं। इस बार भी कई रचनात्मक और विशाल कांवड़ लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।

2026 की कांवड़ यात्रा में McLaren-थीम वाली कांवड़ के अलावा 221 फुट लंबी तिरंगा कांवड़ और बड़ी मात्रा में गंगाजल लेकर चलने वाली कांवड़ जैसी प्रस्तुतियां भी चर्चा में रही हैं।

McLaren जैसी स्पोर्ट्स कार वाली कांवड़ खास इसलिए बन गई क्योंकि इसमें आधुनिक लग्जरी कार की डिजाइन को धार्मिक आस्था के साथ जोड़ा गया है।


सोशल मीडिया पर भी चर्चा

इस अनोखी कांवड़ की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। कई लोगों के लिए यह कांवड़ आधुनिक तकनीक और धार्मिक आस्था के अनोखे मेल का उदाहरण है।

हालांकि सोशल मीडिया पर इसे कई जगह 5 करोड़ रुपये की McLaren बताया जा रहा है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह बात स्पष्ट करना जरूरी है कि कांवड़ में इस्तेमाल वाहन असली McLaren नहीं बल्कि डमी मॉडल है। इसकी अनुमानित निर्माण लागत करीब 7–8 लाख रुपये बताई गई है।


भक्तों का कहना है—मकसद दिखावा नहीं, आस्था है

इस कांवड़ की भव्यता देखकर भले ही लोगों का ध्यान सबसे पहले कार की ओर जाता हो, लेकिन यात्रा में शामिल भक्तों के अनुसार इसका उद्देश्य किसी तरह का प्रदर्शन नहीं है।

उनकी इच्छा सावन में भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने और परिवार में सुख-शांति की कामना करने की है।


मुजफ्फरनगर क्यों महत्वपूर्ण है कांवड़ यात्रा के लिए?

हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले बड़ी संख्या में कांवड़िए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रास्तों से अपने घरों और स्थानीय शिव मंदिरों की ओर जाते हैं। मुजफ्फरनगर भी इस यात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल है।

सावन के दौरान इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में कांवड़िए दिखाई देते हैं और सड़कें धार्मिक माहौल से भर जाती हैं। अलग-अलग समूह अपनी श्रद्धा और कल्पना के अनुसार कांवड़ तैयार करते हैं।


निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर में दिखाई दे रही McLaren जैसी स्पोर्ट्स कार वाली कांवड़ ने इस साल की कांवड़ यात्रा को एक अलग पहचान दी है। पहली नजर में करोड़ों रुपये की लग्जरी कार जैसी दिखने वाली यह कांवड़ वास्तव में करीब 7–8 लाख रुपये में तैयार की गई डमी कार है, जिसमें भगवान शिव की प्रतिमा विराजमान है।

हरिद्वार से 40 लीटर गंगाजल लेकर निकले छह शिवभक्त इस यात्रा को दिल्ली के नवादा स्थित शिव मंदिर तक पूरा करेंगे। यह अनोखी कांवड़ दिखाती है कि धार्मिक परंपराओं के साथ लोग अपनी रचनात्मकता और आधुनिक डिजाइन को भी किस तरह जोड़ रहे हैं।


FAQs

क्या यह असली McLaren कार है?

नहीं। रिपोर्टों के अनुसार यह McLaren जैसी दिखने वाली डमी स्पोर्ट्स कार है, जिसे विशेष रूप से कांवड़ यात्रा के लिए तैयार किया गया है।

इस डमी कार को बनाने में कितना खर्च आया?

शिवभक्तों के अनुसार, इसे तैयार कराने में करीब 7 से 8 लाख रुपये खर्च हुए।

असली McLaren की कीमत कितनी बताई जा रही है?

रिपोर्टों में संबंधित McLaren मॉडल की कीमत करीब 5 से 5.5 करोड़ रुपये तक बताई गई है।

कितने शिवभक्त इस कांवड़ को लेकर चल रहे हैं?

इस यात्रा में छह शिवभक्त शामिल हैं।

गंगाजल कहां से लिया गया?

शिवभक्तों ने 28 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से करीब 40 लीटर गंगाजल लिया था।

कांवड़ की अंतिम मंजिल कहां है?

इस यात्रा का अंतिम पड़ाव दिल्ली के नवादा गांव स्थित शिव मंदिर है, जहां गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।

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