Farrukhabad News: 50 फीट गहरे कुएं में गिरी 5 साल की सौम्या, जान जोखिम में डालकर सिपाही ने बचाया
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज में एक दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस के एक सिपाही ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए पांच साल की बच्ची की जान बचा ली। स्कूल से घर लौट रही सौम्या करीब 50 फीट गहरे कुएं में गिर गई थी। कुएं में जहरीली गैस होने के कारण बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया था।
कई प्रयास विफल होने के बाद सिपाही मनोज ऑक्सीजन मास्क लगाकर कुएं में उतरे और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्ची की हालत गंभीर बताई गई है और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
स्कूल से घर लौटते समय हुआ हादसा
घटना कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के रसीदाबाद बल्लभ गांव की है। रिपोर्ट के अनुसार पांच वर्षीय सौम्या अपनी बड़ी बहनों अनन्या और लवन्या के साथ स्कूल से घर लौट रही थी।
गांव में सड़क किनारे एक कुएं के ऊपर पटिया रखी हुई थी। सौम्या उस पटिया पर चढ़ गई। अचानक पटिया टूट गई और बच्ची करीब 50 फीट नीचे कुएं में जा गिरी।
बच्ची के कुएं में गिरने की खबर मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। परिवार और ग्रामीणों ने बच्ची को निकालने की कोशिश शुरू की, लेकिन कुएं के अंदर जहरीली गैस होने के कारण बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो गया।
ग्रामीणों ने भी बच्ची को निकालने की कोशिश की
बच्ची के कुएं में गिरने के बाद गांव के मुकेश और गुड्डू ने रस्सी के सहारे कुएं में उतरने का प्रयास किया।
लेकिन नीचे पहुंचते ही उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। जहरीली गैस की वजह से दोनों को वापस बाहर आना पड़ा। इसके बाद पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही कायमगंज कोतवाली से क्राइम इंस्पेक्टर बी. यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद SDM अभिषेक वर्मा, CO राजेश कुमार द्विवेदी और नायब तहसीलदार अनवर हुसैन भी घटनास्थल पर पहुंचे।
कुएं में जहरीली गैस बनी सबसे बड़ी चुनौती
बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी परेशानी कुएं के अंदर मौजूद जहरीली गैस थी।
सिपाही मनोज ने भी शुरुआत में रस्सी के सहारे कुएं में उतरने की कोशिश की। वह करीब 35 फीट नीचे तक पहुंचे, लेकिन वहां सांस लेने में परेशानी होने लगी। इसके बाद उन्हें वापस ऊपर लाया गया।
अधिकारियों ने जब कुएं में देखा तो सौम्या नीचे दिखाई दे रही थी। बच्ची की स्थिति को देखते हुए उसे जल्द से जल्द बाहर निकालना जरूरी था।
दमकल कर्मियों का प्रयास भी हुआ विफल
बचाव अभियान में दमकल कर्मियों को भी लगाया गया। उन्होंने ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ कुएं में उतरने की कोशिश की, लेकिन कुएं की चौड़ाई कम होने के कारण वे अंदर नहीं जा सके।
लगातार प्रयासों के बावजूद बच्ची तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा था। इसके बाद प्रशासन ने दूसरे तरीके से बच्ची की मदद करने की कोशिश की।
रस्सी से कुएं में पहुंचाया गया पानी
बच्ची करीब तीन घंटे तक कुएं में फंसी रही। इस दौरान उसे पानी की जरूरत थी।
SDM ने एक चादर मंगवाई और उसमें रस्सी बांधकर पानी नीचे भेजा। बच्ची ने पानी पीया, जिससे उसे कुछ राहत मिली। इसके बाद सिपाही मनोज ने दोबारा कुएं में उतरने की तैयारी की।
इस बार उनके लिए ऑक्सीजन सिलेंडर नीचे लटकाया गया और उन्होंने ऑक्सीजन मास्क लगाया।
ऑक्सीजन मास्क लगाकर कुएं में उतरे सिपाही मनोज
बच्ची की जिंदगी बचाने के लिए सिपाही मनोज ने एक बार फिर अपनी जान जोखिम में डाली।
ऑक्सीजन मास्क पहनकर वह रस्सी के सहारे करीब 50 फीट गहरे कुएं में उतरे। नीचे पहुंचने के बाद उन्होंने सौम्या को पकड़ा और उसे रस्सी के सहारे ऊपर खींचने में मदद की।
करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सौम्या को कुएं से बाहर निकाल लिया गया।
बच्ची के बाहर आते ही वहां मौजूद अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
गंभीर हालत में अस्पताल भेजी गई बच्ची
कुएं से बाहर निकालने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्ची को प्राथमिक उपचार दिया।
इसके बाद उसे 108 एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल भेजा गया। रिपोर्ट के अनुसार सौम्या की हालत अभी गंभीर बनी हुई है।
परिवार के अनुसार बच्ची के पिता पवन कुमार दिल्ली में निजी नौकरी करते हैं, जबकि उसकी मां गांव में आशा कार्यकर्ता हैं।
सिपाही मनोज के साहस की हो रही चर्चा
इस पूरे बचाव अभियान में सिपाही मनोज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही।
कुएं में जहरीली गैस होने के बावजूद उन्होंने दोबारा नीचे जाने का फैसला किया। ऑक्सीजन मास्क के साथ उन्होंने बच्ची तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
ऐसे जोखिम भरे बचाव अभियान में पुलिसकर्मी की यह पहल मौके पर मौजूद लोगों के लिए भी बड़ी राहत बनी।
बचाव अभियान के दौरान पुलिस और फौजी में विवाद
बच्ची को बचाने के लिए चल रहे अभियान के दौरान एक अलग घटना भी सामने आई।
रिपोर्ट के अनुसार भीड़ को हटाने को लेकर एक सिपाही और गांव के एक फौजी के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच धक्कामुक्की हुई और फौजी ने कथित तौर पर सिपाही का कॉलर पकड़ लिया।
स्थिति बिगड़ती देखकर दरोगा और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों को अलग किया।
बाद में CO के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। हालांकि, Live Hindustan ने वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
प्रशासन और ग्रामीणों की मौजूदगी में चला रेस्क्यू
इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन की कई टीमें मौके पर पहुंचीं।
पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने मिलकर बच्ची को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए। कुएं में जहरीली गैस और कम जगह होने के कारण बचाव कार्य में कई बाधाएं आईं।
आखिरकार सिपाही मनोज के प्रयास से बच्ची को बाहर निकाल लिया गया।
खुले कुएं और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
इस घटना ने गांवों और ग्रामीण इलाकों में खुले कुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
सड़क किनारे स्थित कुएं पर रखी पटिया टूटने के बाद बच्ची उसमें गिर गई। ऐसे स्थानों पर मजबूत ढक्कन या सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर छोटे बच्चों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
हालांकि इस घटना में जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले स्थानीय प्रशासन की जांच का इंतजार करना जरूरी होगा।
निष्कर्ष
फर्रुखाबाद के कायमगंज में पांच साल की सौम्या के लिए गुरुवार का दिन बेहद मुश्किल था। स्कूल से घर लौटते समय वह सड़क किनारे बने करीब 50 फीट गहरे कुएं में गिर गई। कुएं में जहरीली गैस के कारण कई बचाव प्रयास असफल हुए।
ऐसे मुश्किल हालात में सिपाही मनोज ने ऑक्सीजन मास्क लगाकर कुएं में उतरने का जोखिम उठाया। करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद बच्ची को बाहर निकाल लिया गया और इलाज के लिए लोहिया अस्पताल भेजा गया। उसकी हालत गंभीर बताई गई है।
यह घटना एक तरफ सिपाही के साहस को सामने लाती है, वहीं दूसरी तरफ खुले और असुरक्षित कुओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
FAQs
सौम्या कितनी गहराई वाले कुएं में गिरी थी?
सौम्या करीब 50 फीट गहरे कुएं में गिर गई थी।
बच्ची को किसने बचाया?
सिपाही मनोज ऑक्सीजन मास्क लगाकर कुएं में उतरे और बच्ची को बाहर निकालने में सफल रहे।
बचाव अभियान में कितना समय लगा?
बच्ची को बचाने में करीब तीन घंटे की मशक्कत हुई।
कुएं में बचाव कार्य मुश्किल क्यों था?
कुएं के अंदर जहरीली गैस होने और कम जगह होने के कारण बचाव कार्य में काफी परेशानी आई।
सौम्या को कहां भर्ती कराया गया?
प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को 108 एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल भेजा गया। उसकी हालत गंभीर बताई गई है।
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