अयोध्या राम मंदिर निर्माण: 70 में से 60 काम पूरे, नृपेंद्र मिश्रा बोले- अब इन परियोजनाओं पर विशेष ध्यान
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि मंदिर परिसर के लिए तय किए गए करीब 70 प्रमुख निर्माण कार्यों में से लगभग 60 पूरे हो चुके हैं। पूरे हो चुके कार्यों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जा चुका है और अब उनके रखरखाव की जिम्मेदारी ट्रस्ट की होगी।
नृपेंद्र मिश्रा ने यह जानकारी राम मंदिर भवन निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करोड़ों श्रद्धालुओं के लंबे समय से चले आ रहे सपने के पूरा होने जैसा है।
🛕 राम मंदिर निर्माण के 70 में से 60 काम पूरे
नृपेंद्र मिश्रा के मुताबिक, मंदिर और परिसर में निर्माण के लिए करीब 70 कार्य निर्धारित किए गए थे, जिनमें से लगभग 60 काम पूरे हो चुके हैं।
जो परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उन्हें अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। इसके बाद इन सुविधाओं और निर्माणों के रखरखाव की जिम्मेदारी ट्रस्ट की होगी।
इससे संकेत मिलता है कि राम मंदिर परिसर का निर्माण चरणबद्ध तरीके से पूरा होने की ओर बढ़ रहा है।
💰 केंद्र या राज्य सरकार के पैसे से नहीं बना मंदिर
नृपेंद्र मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि राम मंदिर और उसके परिसर के निर्माण में केंद्र या राज्य सरकार का पैसा इस्तेमाल नहीं हुआ है।
उनके अनुसार, मंदिर और परिसर का निर्माण ट्रस्ट द्वारा एकत्रित धनराशि से कराया गया है।
यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर के अलावा कई सहायक परियोजनाओं का निर्माण भी जारी है।
🏗️ अभी किन कामों पर है ज्यादा ध्यान?
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि अब निर्माण के बचे हुए महत्वपूर्ण हिस्सों के साथ कुछ प्रमुख सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इनमें मुख्य रूप से:
- रामकथा संग्रहालय
- ऑडिटोरियम
- ट्रस्ट कार्यालय
- जल निकासी और ड्रेनेज व्यवस्था
- परिसर से जुड़ी अन्य सहायक सुविधाएं
शामिल हैं।
🌧️ बारिश में जलभराव की समस्या दूर करने की तैयारी
अयोध्या में बारिश के दौरान मंदिर परिसर में पानी जमा होने की समस्या को दूर करने के लिए सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था को मुख्य नाले से जोड़ने की योजना पर काम किया जाएगा।
इसका उद्देश्य बारिश के पानी की निकासी को बेहतर बनाना और परिसर में जलभराव की समस्या को कम करना है।
मंदिर जैसे बड़े और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ वाले परिसर में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था को महत्वपूर्ण सुविधा माना जाता है।
🏛️ रामकथा संग्रहालय और ऑडिटोरियम पर फोकस
मंदिर परिसर से जुड़ी सांस्कृतिक परियोजनाओं में रामकथा संग्रहालय भी महत्वपूर्ण है।
मिश्रा के अनुसार, अब संग्रहालय और ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संग्रहालय की गैलरी नंबर-7 के निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
संग्रहालय के संचालन और प्रवेश शुल्क को लेकर अंतिम फैसला ट्रस्ट की ओर से लिया जाएगा।
🏢 ट्रस्ट कार्यालय का निर्माण भी महत्वपूर्ण
राम मंदिर परिसर में ट्रस्ट से संबंधित प्रशासनिक गतिविधियों के लिए कार्यालय का निर्माण भी परियोजना का हिस्सा है।
अब जब मुख्य मंदिर से जुड़े कई निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, प्रशासनिक और श्रद्धालु सुविधाओं से जुड़े भवनों को पूरा करना अगला महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
🧱 पहले भी बताया गया था कि निर्माण अंतिम चरण में है
इससे पहले जून 2026 में नृपेंद्र मिश्रा ने बताया था कि राम मंदिर निर्माण का करीब 90 प्रतिशत कार्य ट्रस्ट को हस्तांतरित किया जा चुका है और निर्माण एजेंसियों के अधिकांश काम पूरे होने की स्थिति में थे।
जुलाई में भी उन्होंने कहा था कि मंदिर परिसर के शेष निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
यानी शुक्रवार को सामने आया 60 में से 70 कार्य पूरे होने का अपडेट उसी अंतिम चरण की प्रगति को दर्शाता है।
⚠️ चंपत राय के पत्र पर नृपेंद्र मिश्रा ने क्या कहा?
बैठक के दौरान नृपेंद्र मिश्रा से चंपत राय के पत्र को लेकर भी सवाल पूछा गया।
इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने वह पत्र देखा ही नहीं है और इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
इसलिए वर्तमान खबर का मुख्य फोकस मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति है, न कि चंपत राय के पत्र से जुड़ा विवाद।
👤 राम मंदिर CEO की नियुक्ति पर भी बोले
राम मंदिर के CEO की नियुक्ति से जुड़े सवाल पर भी नृपेंद्र मिश्रा ने दूरी बनाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
🕉️ राम मंदिर परिसर का काम कितना पूरा हुआ?
ताजा जानकारी के अनुसार, करीब 70 निर्धारित निर्माण कार्यों में से 60 पूरे हो चुके हैं। इसका अर्थ है कि लगभग 86 प्रतिशत कार्य पूरे होने की स्थिति में हैं, यदि 70 को आधार मानकर गणना की जाए।
हालांकि, यह प्रतिशत केवल दिए गए 70 कार्यों की संख्या पर आधारित है। इसे पूरे निर्माण प्रोजेक्ट की भौतिक प्रगति का आधिकारिक प्रतिशत नहीं माना जाना चाहिए।
अब बची हुई परियोजनाओं को पूरा करने के साथ-साथ पहले से तैयार सुविधाओं के रखरखाव और संचालन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
🔎 आगे क्या होगा?
अब राम मंदिर परिसर की शेष परियोजनाओं को पूरा करने के साथ संग्रहालय, ऑडिटोरियम, ट्रस्ट कार्यालय और ड्रेनेज व्यवस्था जैसे कामों पर विशेष ध्यान रहेगा।
मंदिर निर्माण समिति की निगरानी के बाद जो काम पूरे हो चुके हैं, वे धीरे-धीरे ट्रस्ट के संचालन और रखरखाव के अधीन आ रहे हैं।
📊 पूरी खबर एक नजर में
| मुद्दा | जानकारी |
|---|---|
| 📍 स्थान | अयोध्या, उत्तर प्रदेश |
| 🛕 परियोजना | राम मंदिर परिसर |
| 👤 जानकारी देने वाले | नृपेंद्र मिश्रा |
| 🏗️ कुल निर्धारित कार्य | करीब 70 |
| ✅ पूरे कार्य | करीब 60 |
| 📈 गणितीय अनुपात | करीब 86% |
| 🏛️ जिम्मेदारी | पूरे कार्य ट्रस्ट को सौंपे जा रहे हैं |
| 🌧️ नई व्यवस्था | ड्रेनेज और सीवेज सुधार |
| 🏛️ प्रमुख शेष कार्य | संग्रहालय, ऑडिटोरियम, ट्रस्ट कार्यालय |
| 💰 निर्माण का स्रोत | ट्रस्ट की एकत्रित धनराशि |
| 📝 चंपत राय पत्र | नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, पत्र देखा नहीं |
| 👔 CEO नियुक्ति | मिश्रा ने प्रक्रिया से दूरी बताई |
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