वाराणसी में छात्रा श्रेया की हत्या: शादी से पहले अगवा कर मारने का आरोप, प्रॉपर्टी विवाद की आशंका; पुलिस जांच में जुटी
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एमएससी की छात्रा श्रेया उर्फ मोनू उपाध्याय (22) की हत्या से सनसनी फैल गई है। श्रेया जगतपुर पीजी कॉलेज की छात्रा थी और उसकी शादी तय हो चुकी थी। परिवार के मुताबिक, नवंबर में उसकी रिंग सेरेमनी और अगले साल फरवरी में शादी होनी थी। इसी बीच घर से करीब 20 किलोमीटर दूर बच्छांव-पश्चिमपुरा में एक किराये के कमरे में उसका शव मिला।
परिजनों ने दूर के रिश्तेदार विवेक चौबे पर श्रेया को अगवा कर हत्या करने का आरोप लगाया है। परिवार ने यह भी आशंका जताई है कि वारदात के पीछे संपत्ति का लालच हो सकता है। हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है और हत्या के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
कौन थी श्रेया?
श्रेया उर्फ मोनू उपाध्याय वाराणसी के जगतपुर पीजी कॉलेज में एमएससी की पढ़ाई कर रही थी। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी।
परिजनों के अनुसार उसकी शादी मिर्जापुर में तय हो चुकी थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। रिपोर्ट के मुताबिक, 22 नवंबर को रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को शादी प्रस्तावित थी।
लेकिन शादी की तैयारियों के बीच हुई इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
घर से करीब 20 किलोमीटर दूर मिला शव
श्रेया की हत्या उसके घर से लगभग 20 किलोमीटर दूर बच्छांव-पश्चिमपुरा के एक किराये के कमरे में हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, उसका शव कमरे के बाथरूम में मिला। परिवार को कमरे के अंदर जाने के लिए चाबी की जरूरत पड़ी। बाद में आरोपी के ननिहाल से मिली चाबी के जरिए कमरे को खोला गया, जिसके बाद अंदर श्रेया का शव मिला।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
परिवार ने संपत्ति के लालच का लगाया आरोप
मृतका के परिवार ने हत्या के पीछे संपत्ति से जुड़ी वजह होने का आरोप लगाया है।
परिजनों के मुताबिक, आरोपी विवेक चौबे श्रेया से जबरन बातचीत करता था। परिवार का दावा है कि वह वीडियो कॉल के दौरान श्रेया के पिता को धमकी भी देता था।
परिवार ने आरोप लगाया कि चूंकि श्रेया अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी, इसलिए आरोपी की नजर कथित तौर पर परिवार की संपत्ति पर थी। परिजनों के अनुसार, अगर श्रेया से उसकी शादी हो जाती तो संपत्ति पर उसका अधिकार बन सकता था।
हालांकि, संपत्ति को हत्या की वजह मानना फिलहाल परिवार का आरोप है। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि होना बाकी है।
शादी तय होने से आरोपी नाराज था?
परिवार का आरोप है कि श्रेया की शादी मिर्जापुर में तय होने के बाद विवेक चौबे नाराज था।
परिजनों के अनुसार, इसी के बाद श्रेया को कथित तौर पर रास्ते से अगवा किए जाने और उसकी हत्या किए जाने की आशंका है।
श्रेया की मां ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी कॉलेज पहुंची ही नहीं थी। इससे परिवार को शक है कि उसे रास्ते में ही अगवा किया गया होगा। इस पहलू की भी पुलिस जांच कर रही है।
आरोपी के कमरे तक कैसे पहुंची पुलिस?
रिपोर्ट के मुताबिक, 19 अगस्त की सुबह परिवार के लोग दोबारा बच्छांव पहुंचे और आसपास पूछताछ शुरू की।
मकान मालिक से पता चला कि विवेक चौबे करीब दो महीने से कमरे में किराये पर रह रहा था। मकान मालिक ने उसका आधार कार्ड भी परिवार को उपलब्ध कराया था।
इसके बाद परिवार को विवेक पर शक और गहरा गया।
ननिहाल में बाइक और बैग छोड़कर गया
परिवार के मुताबिक, विवेक चौबे 18 अगस्त की शाम अपने ननिहाल भुवालपुर, सीखड़, मिर्जापुर पहुंचा था। वहां उसने अपनी बाइक और बैग छोड़ा और फिर वहां से चला गया।
बैग में कमरे की चाबी मिली।
इसके बाद परिजन चाबी लेकर बच्छांव स्थित किराये के कमरे में पहुंचे। गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे कमरे का दरवाजा खोला गया, जहां बाथरूम में श्रेया का शव मिला।
इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी।
पुलिस ने मकान मालिक और आरोपी के पिता को हिरासत में लिया
घटना के बाद रोहनिया पुलिस ने मकान मालिक विवेक द्विवेदी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवेक चौबे उस कमरे में कब से रह रहा था, श्रेया वहां कैसे पहुंची और वारदात से पहले तथा बाद में वहां क्या हुआ।
इसके अलावा क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी के गांव पहुंची और उसके पिता को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की।
मोबाइल फोन से खुल सकते हैं कई राज
श्रेया के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
पुलिस मोबाइल से जुड़े कई डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है, जिनमें:
- कॉल डिटेल
- चैट
- फोटो
- वीडियो
- अन्य डिजिटल रिकॉर्ड
शामिल हैं। इनसे श्रेया के आखिरी संपर्कों और घटना से पहले की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
पुलिस के सामने कई अहम सवाल
इस हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने कई सवाल हैं:
- श्रेया कॉलेज के लिए घर से निकली तो वह बच्छांव कैसे पहुंची?
- क्या उसे रास्ते से अगवा किया गया था?
- आरोपी और श्रेया के बीच पहले से किस तरह का संबंध था?
- क्या संपत्ति वास्तव में हत्या की वजह थी?
- घटना के समय कमरे में कौन-कौन मौजूद था?
- आरोपी ने बाइक और बैग ननिहाल में क्यों छोड़ा?
- श्रेया के मोबाइल से कौन-कौन से डिजिटल सबूत मिलते हैं?
- हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं?
इन सवालों के जवाब जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद सामने आने की उम्मीद है।
परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
घटना के बाद श्रेया के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते उनकी शिकायतों और आशंकाओं पर प्रभावी कार्रवाई होती तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी।
हालांकि पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
शादी से पहले उजड़ गया परिवार का सपना
श्रेया अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। परिवार बेटी की शादी को लेकर तैयारियों में जुटा था। लेकिन शादी से कुछ महीने पहले उसकी हत्या की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।
मां का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार आरोपी की गिरफ्तारी तथा मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
आगे क्या होगा?
पुलिस अब आरोपी की तलाश, मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच तथा घटनास्थल से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।
मामले में हत्या की असली वजह, आरोपी की भूमिका और किसी संभावित सहयोगी की मौजूदगी जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल संपत्ति विवाद और अन्य आरोपों को परिवार के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, जब तक पुलिस या अदालत की जांच से उनकी पुष्टि न हो जाए।
📌 पूरी खबर एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| स्थान | वाराणसी, उत्तर प्रदेश |
| मृतका | श्रेया उर्फ मोनू उपाध्याय |
| उम्र | 22 वर्ष |
| पढ़ाई | एमएससी छात्रा |
| कॉलेज | जगतपुर पीजी कॉलेज |
| घटना स्थल | बच्छांव-पश्चिमपुरा का किराये का कमरा |
| आरोपी | विवेक चौबे, पुलिस जांच के अनुसार संदिग्ध/आरोपित |
| परिवार का आरोप | अपहरण और हत्या |
| संभावित वजह का आरोप | संपत्ति का लालच |
| शादी | 26 फरवरी प्रस्तावित |
| रिंग सेरेमनी | 22 नवंबर प्रस्तावित |
| डिजिटल जांच | मोबाइल, कॉल डिटेल, चैट, फोटो और वीडियो |
| जांच एजेंसी | वाराणसी पुलिस/क्राइम ब्रांच |
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