Pradeep Joshi इंदौर. डिजिटलाइजेश और सोशल मीडिया के दौर में भी लेखन जैसा सृजनात्मक कार्य पूरे उत्साह से जारी है. खुशी की बात ये है कि अब काव्य, लघु कथा, कहानियां के लेखन में युवा और नए लेखकों की ना सिर्फ तादाद बढ़ रही है बल्कि उनकी पुस्तकों का प्रकाशन भी हो रहा है. इन्हीं नव लेखकों में शामिल है सुश्री नीरजा जैन जिनका कहानी संग्रह कभी_धूप कभी_छाँव का हाल ही में विमोचन हुआ. हमारी बिरादरी यानि पत्रकारिता से ताल्लुक…
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