गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक कुत्ते ने लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी है। ऊरुवा और सिकरीगंज क्षेत्र में एक ही कुत्ते ने अलग-अलग इलाकों में करीब 40 लोगों को काटकर घायल कर दिया। इनमें पांच लोगों की हालत गंभीर बताई गई है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।
रविवार को सुबह से ही कुत्ते के हमलों के बाद घायलों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुत्ता लगातार अलग-अलग गांवों और बाजारों की तरफ बढ़ता रहा और रास्ते में कई लोगों को अपना शिकार बनाया।
सिकरीगंज से शुरू हुआ हमला
रिपोर्ट के मुताबिक सिकरीगंज क्षेत्र में एक बच्ची पर कुत्ते ने हमला कर दिया। परिजनों ने किसी तरह उसे बचाया। इसके बाद कुत्ते ने सिकरीगंज में कई अन्य लोगों को भी काटा।
इसके बाद कुत्ता कुई बाजार और असोजी बाजार की तरफ पहुंचा। वहां भी कई लोगों पर हमला किया गया। ग्रामीणों ने उसे पकड़ने और भगाने की कोशिश की, लेकिन वह अलग-अलग रास्तों से दूसरे गांवों की तरफ निकल गया।
कई गांवों में फैली दहशत
बताया गया कि कुत्ते ने सतोरा, महुई, भैंसा रानी, विशुनपुरा, परसा खुर्द, उसरी, माननापर, ठाठी, पांडेयपुर, रसेत, बड़गो और उरुवा समेत कई इलाकों में लोगों को घायल किया।
कुत्ते के लगातार हमलों से ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुत्ता असामान्य व्यवहार कर रहा था और उसके पकड़े जाने तक लोगों को हमले का डर बना हुआ है। हालांकि, कुत्ते के वास्तव में रेबीज से संक्रमित होने की आधिकारिक पुष्टि खबर में नहीं की गई है।
सुबह से अस्पताल पहुंचते रहे घायल
उरुवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह करीब आठ बजे से कुत्ते के हमले में घायल लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ और शाम तक जारी रहा।
स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों के अनुसार करीब 40 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन दी गई। गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें शैल और धनपत समेत अन्य घायल शामिल बताए गए हैं। गंभीर मरीजों के लिए एंटी-रेबीज उपचार के साथ इम्युनिटी इंजेक्शन की सलाह भी दी गई।
बच्चों को घर से बाहर निकलने से रोक रहे परिवार
कुत्ते के लगातार हमलों के कारण ग्रामीणों में सबसे ज्यादा चिंता बच्चों को लेकर है। डर के चलते कई परिवार बच्चों को घर के अंदर ही रख रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को भी मामले की जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार देर शाम तक कुत्ते को पकड़ा नहीं जा सका था और उसे पकड़ने के लिए प्रयास जारी थे।
आवारा कुत्तों की समस्या पर भी सवाल
इस घटना ने इलाके में आवारा कुत्तों की समस्या और उनके टीकाकरण को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। एक अन्य स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार ऊरुवा नगर पंचायत में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए एबीसी सेंटर तथा प्रशिक्षित टीम की व्यवस्था की आवश्यकता बताई गई है। नगर पंचायत की ओर से इस दिशा में परियोजना तैयार करने की बात कही गई है।