गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से पति-पत्नी और दोस्ती से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है। उरुवा क्षेत्र के एक युवक ने अपने पुराने दोस्त पर आरोप लगाया है कि वह मदद के बहाने उसके घर आता-जाता था और इसी दौरान उसकी पत्नी को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया। पीड़ित के मुताबिक, आरोपी पत्नी को दिल्ली और गुरुग्राम ले गया।
मामले में उस समय विवाद और बढ़ गया जब पति ने अपनी पत्नी के बारे में दोस्त से जानकारी लेने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान दोस्त ने उसके साथ मारपीट की और पत्नी का पीछा छोड़ने की धमकी दी।
पुरानी दोस्ती का उठाया फायदा?
मामला उरुवा क्षेत्र के दुधरा आशा नंदनपुर का बताया गया है। पीड़ित धीरज प्रताप सिंह के मुताबिक, खोराबार क्षेत्र के सिक्टौर निवासी ऋषभ कुमार सिंह से उसकी पुरानी पहचान थी।
पीड़ित का आरोप है कि दोनों के बीच दोस्ती थी और ऋषभ का उसके घर भी आना-जाना था। इसी दौरान उसने उसकी पत्नी को कथित तौर पर शादी का झांसा दिया और करीब एक साल पहले उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली-गुरुग्राम ले गया।
धीरज के मुताबिक, जानकारी मिलने के बाद उसने पत्नी को वापस लाने और अपने दोस्त को समझाने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर बात नहीं बनी।
ट्रांसपोर्ट नगर के पास हुई मुलाकात
रिपोर्ट के मुताबिक, 3 अगस्त को धीरज अपने पिता की दवा लेने गोरखपुर आया था। इसी दौरान ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी के पास बस से उतरते समय उसकी मुलाकात ऋषभ से हो गई।
धीरज का आरोप है कि उसने दोस्त से अपनी पत्नी के बारे में पूछा तो वह नाराज हो गया और गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट करने लगा।
पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने उसे पत्नी को भूल जाने और उसका पीछा नहीं करने की धमकी दी। आरोप है कि उसे जान से मरवाने की धमकी भी दी गई। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया।
जेब से पैसे और घड़ी ले जाने का भी आरोप
पीड़ित ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान आरोपी उसकी जेब से 2,000 रुपये और एक घड़ी ले गया।
इसके अलावा उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी को दिल्ली-गुरुग्राम ले जाने में उसकी साली गुड़िया, शालिनी और सास संयोगिता देवी की भी भूमिका रही। ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और मामले की जांच में इनकी पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस से शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचा मामला
धीरज के मुताबिक, घटना के बाद उसने ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी में शिकायत दी, लेकिन उसे तत्काल कार्रवाई नहीं मिली।
इसके बाद उसने 4 अगस्त को पंजीकृत डाक के जरिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी। जब वहां से भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने और पत्नी को वापस दिलाने की गुहार लगाई।
कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई के बाद मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मामले में BNSS की धारा 173(4) के तहत कार्रवाई की गई।