विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का बढ़ा दायरा, 14 नए ट्रेड शामिल
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हुनरमंद युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए योगी सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का दायरा बढ़ा दिया है। योजना में 14 नए ट्रेड शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही अब कुल 25 ट्रेड के कारीगर और कामगार योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
सरकार का उद्देश्य पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऐसे आधुनिक कामों से जुड़े युवाओं को भी वित्तीय और कौशल संबंधी मदद देना है, जिनकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है।
कौन-कौन से 14 नए ट्रेड जुड़े?
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में जोड़े गए नए ट्रेडों को पारंपरिक और आधुनिक श्रेणियों में शामिल किया गया है।
पारंपरिक क्षेत्र में शामिल नए ट्रेड:
- मूर्तिकार
- मालाकार
- दूध कारोबार
- भरभूजा
- मछली पालन
वहीं आधुनिक जरूरतों से जुड़े ट्रेडों में मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत, विद्युत उपकरणों की मरम्मत, प्लम्बर, कंप्यूटर रिपेयरिंग, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और सौंदर्य एवं वेलनेस को शामिल किया गया है।
पहले 11 ट्रेड थे शामिल
योजना में पहले से बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, टोकरी बुनकर, सुनार, नाई, हलवाई, मोची, राजमिस्त्री और धोबी जैसे 11 पारंपरिक ट्रेड शामिल थे।
14 नए ट्रेड जुड़ने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 25 हो गई है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार के हुनर रखने वाले ज्यादा लोगों को सरकारी सहायता के दायरे में लाने की कोशिश की गई है।