21 दिन, 330 कॉल और ससुर की हत्या… कानपुर केस में फोन हिस्ट्री ने बढ़ाए सवाल
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे परिवार और पुराने कर्मचारी के बीच संपर्क को लेकर नए सवाल सामने आ रहे हैं। अब पुलिस की जांच पिछले 21 दिनों की कॉल डिटेल पर केंद्रित है। Aaj Tak की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में कारोबारी की बहू शालू और पुराने कर्मचारी विशाल गौतम के बीच करीब 30 बार फोन पर बातचीत हुई, जबकि शालू के पति सुब्रत और विशाल के बीच करीब 300 कॉल हुईं।
330 कॉल ने बढ़ाई पुलिस की दिलचस्पी
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि हत्या से पहले विशाल और परिवार के सदस्यों के बीच इतनी बार बातचीत क्यों हुई। केवल कॉल की संख्या से किसी अपराध में भूमिका साबित नहीं होती, इसलिए जांच अधिकारी यह देख रहे हैं कि कॉल कब की गईं, कितनी देर चलीं और वारदात के करीब आने पर बातचीत का पैटर्न कैसे बदला।
सुब्रत की ओर से पूछताछ में बताया गया है कि विशाल पहले परिवार के साथ काम कर चुका था और छोटे-मोटे कामों के लिए उससे बातचीत होती थी। पुलिस अब इस दावे को कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रही है।
बहू की भूमिका पर पुलिस की जांच
इस मामले में पुलिस ने पहले विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर शालू का नाम लिया और आरोप लगाया कि हत्या की योजना उन्हें शालू की ओर से मिली थी। इसके बाद शालू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई। हालांकि, ये पुलिस जांच और आरोप हैं तथा मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
6 लाख रुपये की कथित सुपारी का भी एंगल
पुलिस के मुताबिक, हत्या के लिए करीब 6 लाख रुपये की सुपारी दिए जाने का आरोप सामने आया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित सौदे की शुरुआत कब हुई और हत्या से पहले आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ।
डुप्लीकेट चाबी भी जांच के केंद्र में
जांच में घर में प्रवेश के लिए कथित तौर पर डुप्लीकेट चाबी बनाए जाने का एंगल भी सामने आया है। विशाल परिवार को पहले से जानता था और पूर्व कर्मचारी रह चुका था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चाबी किसने बनवाई, उसे किस तरह हासिल किया गया और वारदात में उसका इस्तेमाल कैसे हुआ।
पहले CCTV, अब कॉल रिकॉर्ड
विनीत मिनोचा की हत्या के बाद पुलिस ने अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली थी। जांच के दौरान विशाल गौतम और राजकिशोर की गतिविधियां पुलिस के सामने आईं और दोनों को बाद में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। अब CCTV के साथ-साथ कॉल डिटेल को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियां तैयार की जा रही हैं।
हत्या वाली रात क्या हुआ था?
पुलिस के अनुसार, विनीत मिनोचा अपने फ्लैट में थे, जबकि उनका बेटा सुब्रत और बहू शालू परिवार के कार्यक्रम में बाहर गए थे। परिवार के लौटने के बाद कारोबारी का शव फ्लैट में मिला। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच और CCTV फुटेज की पड़ताल शुरू की