Saturday, 12 September 2026
होम DBN Samachar UP Startup Ecosystem: यूपी के 8 स्टार्टअप बने यूनिकॉर्न, छोटे स्तर से शुरू होकर अरबों डॉलर की कंपनियां बनीं
DBN Samachar

UP Startup Ecosystem: यूपी के 8 स्टार्टअप बने यूनिकॉर्न, छोटे स्तर से शुरू होकर अरबों डॉलर की कंपनियां बनीं

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
11 September 2026 11:40 AM 1 मिनट पठन 1398 Views
UP Startup Ecosystem: यूपी के 8 स्टार्टअप बने यूनिकॉर्न, छोटे स्तर से शुरू होकर अरबों डॉलर की कंपनियां बनीं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश अब सिर्फ पारंपरिक उद्योगों और कारोबार के लिए ही नहीं, बल्कि स्टार्टअप और इनोवेशन के बड़े केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। राज्य से जुड़े 8 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बन चुके हैं, यानी इनका मूल्यांकन 1 अरब डॉलर या उससे ज्यादा पहुंच चुका है। वहीं एक और कंपनी सूनिकॉर्न बनने की दौड़ में है।

उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक Startup Mission के मुताबिक राज्य में अब 24,000 से ज्यादा DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। सरकार यूपी को देश के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है।

यूपी के 8 स्टार्टअप बने यूनिकॉर्न

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की सूची के अनुसार यूपी से जुड़े 8 स्टार्टअप यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हैं। इनमें पेटीएम (Paytm), फिजिक्सवाला (Physics Wallah), पाइनलैब्स (Pine Labs), इंफोएज (Info Edge), मॉजलिक्स (Moglix), इंडियामार्ट (IndiaMART), इनोवेसर (Innovaccer) और रेटगेन (RateGain) शामिल हैं। वहीं रैफे एमफिन (Rafay Mfin) सूनिकॉर्न की श्रेणी में है।

इन कंपनियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में कारोबार खड़ा किया है। किसी ने डिजिटल पेमेंट और फिनटेक में पहचान बनाई तो किसी ने एडटेक, बी2बी ई-कॉमर्स, ऑनलाइन मार्केटप्लेस, हेल्थटेक और ट्रैवल टेक्नोलॉजी में अपनी जगह बनाई।

छोटे स्तर से शुरू हुईं, आज अरबों डॉलर की कंपनियां

इन स्टार्टअप्स की खास बात यह है कि इनकी शुरुआत बड़े कॉर्पोरेट ढांचे के साथ नहीं हुई थी। कई कंपनियों ने छोटे स्तर से शुरुआत करके धीरे-धीरे अपना कारोबार बढ़ाया और निवेश हासिल करते हुए बड़े वैल्यूएशन तक पहुंच बनाई।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों को यूनिकॉर्न बनने में करीब 10 से 25 साल तक का समय लगा।

Paytm

साल 2000 में शुरू हुआ Paytm आज भारत के प्रमुख डिजिटल वित्तीय प्लेटफॉर्म में शामिल है। कंपनी ने डिजिटल भुगतान से शुरुआत की और बाद में वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में अपना विस्तार किया। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का परिचालन राजस्व 8,437 करोड़ रुपये और सालाना शुद्ध लाभ 552 करोड़ रुपये रहा।

Physics Wallah

Physics Wallah ने 2016 में एक YouTube चैनल के तौर पर शुरुआत की थी। बाद में 2020 में इसे कंपनी के रूप में स्थापित किया गया। आज यह ऑनलाइन, ऑफलाइन और हाइब्रिड मॉडल के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाला बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है।

Pine Labs

Pine Labs की शुरुआत 1998 में हुई थी। कंपनी डिजिटल पेमेंट और मर्चेंट कॉमर्स के क्षेत्र में काम करती है। मार्च 2026 तक कंपनी में करीब 5,357 कर्मचारी थे।

Info Edge

1995 में शुरू हुई Info Edge ने नौकरी डॉट कॉम से अपना सफर शुरू किया था। इसके बाद कंपनी ने मैट्रिमोनियल, रियल एस्टेट और एजुकेशन समेत कई क्षेत्रों में विस्तार किया।

Moglix और IndiaMART

Moglix ने B2B ई-कॉमर्स के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई, जबकि IndiaMART ने कारोबारियों और खरीदारों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए जोड़ने का मॉडल विकसित किया। दोनों कंपनियों ने डिजिटल बिजनेस इकोसिस्टम में अपनी मजबूत जगह बनाई है।

Innovaccer और RateGain

Innovaccer हेल्थटेक क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी है। इसका मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को में है, जबकि नोएडा और बंगलूरू में इसके प्रमुख संचालन हैं।

वहीं RateGain ट्रैवल और होटल इंडस्ट्री के लिए सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी में करीब 800 से 1,000 कर्मचारी हैं।

कौन है सूनिकॉर्न की दौड़ में?

Rafay Mfin फिलहाल सूनिकॉर्न की श्रेणी में है। सूनिकॉर्न उन स्टार्टअप्स को कहा जाता है जिनके जल्द ही 1 अरब डॉलर के वैल्यूएशन वाले यूनिकॉर्न क्लब में पहुंचने की संभावना होती है।

रिपोर्ट में Rafay Mfin का राजस्व करीब 268 करोड़ रुपये बताया गया है।

2017 से पहले सिर्फ 120 स्टार्टअप थे

उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक 2017 से पहले राज्य में सिर्फ करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब यह संख्या 24,000 से ज्यादा हो चुकी है। राज्य के सभी 75 जिलों में कम से कम एक स्टार्टअप सक्रिय है।

सरकारी Startup Mission के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार यूपी में 24,245 DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, 88 मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर और 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हैं।

नई Startup Policy से मिल रहा सपोर्ट

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026 की Startup Policy के तहत स्टार्टअप्स को वित्तीय और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट देने पर जोर दिया है। पात्र स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप ग्रांट, सीड कैपिटल, मैचिंग ग्रांट और सस्टेनेंस अलाउंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

सरकार के अनुसार पात्र स्टार्टअप को शुरुआती चरण में 20,000 रुपये प्रति माह तक का सस्टेनेंस अलाउंस, 10 लाख रुपये तक का प्रोटोटाइप ग्रांट और 15 लाख रुपये तक की सीड कैपिटल सहायता मिल सकती है। हाई-ग्रोथ स्टार्टअप्स के लिए फंड जुटाने पर 5 करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट का प्रावधान भी है।

AI और Deep-Tech पर भी फोकस

उत्तर प्रदेश सरकार अब अगले चरण में AI, Deep-Tech, Electronics, HealthTech, AgriTech, DefenceTech और Quantum Computing जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है। इसका उद्देश्य राज्य को देश के प्रमुख इनोवेशन और स्टार्टअप हब में बदलना है।

यूपी की बदलती तस्वीर

24,000 से ज्यादा स्टार्टअप, 8 यूनिकॉर्न और एक सूनिकॉर्न की मौजूदगी यह दिखाती है कि उत्तर प्रदेश का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है। आने वाले वर्षों में सरकारी नीतियों, निवेश और नए तकनीकी क्षेत्रों के विस्तार के साथ राज्य से और कंपनियों के यूनिकॉर्न क्लब में शामिल होने की उम्मीद बढ़ी है।

प्रतिक्रिया दें (Leave a Reply)

आपका ईमेल पता सुरक्षित है और प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *