Tuesday, 15 September 2026
होम DBN Samachar शराब ठेकों, टोल प्लाजा और किराना दुकानों पर खपाते थे नकली सिक्के, सहारनपुर में 70 करोड़ के नेटवर्क का दावा
DBN Samachar

शराब ठेकों, टोल प्लाजा और किराना दुकानों पर खपाते थे नकली सिक्के, सहारनपुर में 70 करोड़ के नेटवर्क का दावा

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
14 September 2026 11:57 AM 1 मिनट पठन 808 Views
शराब ठेकों, टोल प्लाजा और किराना दुकानों पर खपाते थे नकली सिक्के, सहारनपुर में 70 करोड़ के नेटवर्क का दावा

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने और उन्हें बाजार में खपाने वाले कथित नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। जांच के मुताबिक, गिरोह तैयार नकली सिक्कों को अलग-अलग माध्यमों से बाजार में पहुंचाता था। इनमें सरकारी शराब के ठेके, टोल टैक्स और छोटी दुकानों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 20 रुपये के 6,400 नकली सिक्के, सिक्के बनाने वाली छह मशीनें, डाई और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी दावा किया गया है कि गिरोह अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नकली सिक्के बाजार में खपा चुका था। इस दावे की जांच अभी जारी है।

शराब ठेकों और टोल प्लाजा पर खपाने की रणनीति

पुलिस के मुताबिक, नकली सिक्कों को बाजार में चलाने के लिए ऐसे स्थानों को चुना जाता था जहां रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े लेनदेन होते हैं। इनमें सरकारी शराब के ठेके, टोल प्लाजा, छोटी दुकानें और किराना बाजार शामिल बताए गए हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, छोटे लेनदेन के दौरान सिक्कों की बड़ी संख्या में आवाजाही होती है। कथित गिरोह इसी का फायदा उठाकर नकली सिक्कों को असली मुद्रा के बीच चलाने की कोशिश करता था।

20 रुपये के 6,400 नकली सिक्के बरामद

सहारनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 20 रुपये के 6,400 नकली सिक्के बरामद किए। इनकी अंकित कीमत करीब 1.28 लाख रुपये बताई गई है।

इसके अलावा पुलिस ने सिक्के बनाने वाली छह मशीनें, लोहे की डाई और सिक्कों की फिनिशिंग में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए हैं। बरामद सामान से पुलिस को कथित उत्पादन प्रक्रिया के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

रोजाना 10 से 12 हजार सिक्के बनाने की क्षमता

पुलिस के अनुसार, कथित गिरोह के पास ऐसा मशीनरी सेटअप था जिससे रोजाना करीब 10 से 12 हजार 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार किए जा सकते थे।

जांच में सिक्कों की डाई, पॉलिशिंग मशीन, घिसाई के उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और अन्य सामान मिलने की बात सामने आई है। इससे पुलिस को आशंका है कि यह काम छोटे स्तर पर नहीं बल्कि व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा था।

सात रजिस्टरों से खुलेगा सप्लाई नेटवर्क का राज?

पुलिस ने आरोपियों के पास से सात हिसाब-किताब रजिस्टर, पैड और चेकबुक भी बरामद किए हैं। जांच टीम अब इन रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है।

माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों से नकली सिक्कों की सप्लाई, एजेंटों और लेनदेन से जुड़ी जानकारी मिल सकती है। मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।

कई राज्यों तक नेटवर्क के तार होने का दावा

पुलिस की शुरुआती जांच में नेटवर्क के संपर्क पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार तक होने की बात सामने आई है। सहारनपुर के अलावा मुजफ्फरनगर, बदायूं, भदोही और बिहार के मधुबनी जैसे इलाकों के नाम भी जांच में सामने आने की जानकारी दी गई है।

हालांकि, इन स्थानों पर नेटवर्क की वास्तविक गतिविधियों और वहां जुड़े लोगों की भूमिका की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।

मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास

पुलिस के मुताबिक, मामले के मुख्य आरोपी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह का नकली सिक्कों से जुड़ा पुराना इतिहास भी सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, वह पहले भी नकली सिक्के बनाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई का सामना कर चुका है।

Live Hindustan की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि उसने पहले धातु और आभूषण से जुड़े काम के दौरान सिक्के बनाने की तकनीक सीखी थी।

जेल से निकलने के बाद बढ़ाया नेटवर्क

पुलिस जांच के अनुसार, पुराने मामले के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपना नेटवर्क बढ़ाया। जांच में दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान तक नकली सिक्कों से जुड़े पुराने ठिकानों की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुराने नेटवर्क से जुड़े लोगों में से कौन-कौन वर्तमान मामले में भी सक्रिय था और सहारनपुर में कथित उत्पादन व्यवस्था किस तरह तैयार की गई।

बाजार में नकली सिक्कों के फैलने से बढ़ी चिंता

सहारनपुर में नकली सिक्कों का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब जिले में नकली नोटों से जुड़े एक बड़े मामले की जांच भी चल रही है। पीएनबी करेंसी चेस्ट में कथित तौर पर 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने के मामले की एनआईए जांच की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में नकली सिक्कों के इस मामले और नकली नोटों वाले मामले के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों मामलों की जांच अलग-अलग की जा रही है।

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती

फैक्ट्री और कथित सप्लाई नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पुलिस का फोकस अब इस बात पर है कि नकली सिक्के कहां-कहां तक पहुंचाए गए और बाजार में कितनी मात्रा में चलाए गए

सात रजिस्टर, मोबाइल फोन और पूछताछ से मिलने वाली जानकारी के आधार पर पुलिस कथित एजेंटों और मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितनी खेप बाजार में उतारी गई थी।

प्रतिक्रिया दें (Leave a Reply)

आपका ईमेल पता सुरक्षित है और प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *