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बसपा से निकाले गए हाजी दद्दन खां AIMIM में शामिल होते ही फंसे, बिना अनुमति रोड शो पर FIR

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
14 September 2026 12:04 PM 1 मिनट पठन 811 Views
बसपा से निकाले गए हाजी दद्दन खां AIMIM में शामिल होते ही फंसे, बिना अनुमति रोड शो पर FIR

श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले श्रावस्ती की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) से निष्कासित नेता हाजी दद्दन खां के असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM में शामिल होने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्टी में शामिल होने के दौरान बिना अनुमति रोड शो और शक्ति प्रदर्शन करने के आरोप में हाजी दद्दन खां, AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली समेत करीब 50-60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।

AIMIM में शामिल होने के दौरान हुआ शक्ति प्रदर्शन

रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को हाजी दद्दन खां को AIMIM की सदस्यता दिलाने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता जुटे थे। AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की मौजूदगी में समर्थकों के काफिले के साथ शहर में शक्ति प्रदर्शन और रोड शो किया गया।

पुलिस का आरोप है कि इस रोड शो और जुलूस के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की।

भिनगा कोतवाली के पास पुलिस ने रोका काफिला

रोड शो के दौरान जब काफिला भिनगा कोतवाली के पास पहुंचा तो पुलिस ने उसे रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली से काफी देर तक पूछताछ की और मौके पर मौजूद पुलिस बल ने रोड शो को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की।

रिपोर्ट के अनुसार, बाद में सीओ भिनगा भारत पासवान के मौके पर पहुंचने के बाद काफिले को आगे जाने की अनुमति मिली। इसके बाद काफिला कई बाजारों और चौराहों से होते हुए सिरसिया पहुंचा।

सिरसिया में दिलाई गई AIMIM की सदस्यता

काफिला सिरसिया पहुंचने के बाद वहां सदस्यता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी कार्यक्रम में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने हाजी दद्दन खां को पार्टी की सदस्यता दिलाई।

इस दौरान उनके साथ कई समर्थकों और स्थानीय नेताओं के भी AIMIM में शामिल होने की बात सामने आई है। पार्टी की ओर से इसे राजनीतिक विस्तार और संगठन मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

50-60 कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई

पुलिस ने केवल हाजी दद्दन खां और शौकत अली के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं की है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 50-60 अज्ञात कार्यकर्ताओं को भी मामले में शामिल किया गया है।

पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति सार्वजनिक मार्ग पर जुलूस निकालने और भीड़ जुटाने से यातायात तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति पैदा हुई। मामले में जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

BSP ने अगस्त में किया था निष्कासित

हाजी दद्दन खां इससे पहले BSP में थे। अगस्त 2026 में पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। पार्टी संगठन की ओर से उनके खिलाफ अनुशासनहीनता और पार्टी की अनुमति के बिना राजनीतिक गतिविधियां करने जैसे आरोप लगाए गए थे।

दद्दन खां ने उस समय अपने निष्कासन को राजनीतिक साजिश बताया था और कहा था कि वह अपना पक्ष पार्टी प्रमुख मायावती के सामने रखेंगे।

2024 में श्रावस्ती से लड़ा था लोकसभा चुनाव

हाजी दद्दन खां श्रावस्ती लोकसभा सीट से 2024 में BSP के उम्मीदवार भी रह चुके हैं। इसके अलावा 2022 के विधानसभा चुनाव में BSP ने उन्हें भिनगा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था।

अब BSP से अलग होने के बाद AIMIM में उनकी एंट्री को श्रावस्ती की स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका कितना राजनीतिक असर होगा, यह भविष्य में ही स्पष्ट होगा।

AIMIM के लिए क्यों अहम है दद्दन खां की एंट्री?

AIMIM उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन विस्तार पर जोर दे रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर पहचान रखने वाले नेताओं को पार्टी में शामिल कराना उसके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दद्दन खां की AIMIM में एंट्री के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों का जुटना भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि किसी भी चुनावी असर का आकलन अभी शुरुआती स्तर पर ही किया जा सकता है।

अब FIR के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

हाजी दद्दन खां के AIMIM में शामिल होने के साथ ही FIR दर्ज होने से श्रावस्ती की राजनीति में चर्चा और तेज हो गई है। एक तरफ AIMIM इसे संगठन विस्तार के तौर पर देख रही है, वहीं पुलिस की कार्रवाई ने कार्यक्रम के आयोजन और अनुमति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि रोड शो के दौरान वास्तव में क्या हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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