मध्य प्रदेश में शुक्रवार से मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। कम दबाव के क्षेत्र के चलते उमरिया, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि 12-13 सितंबर से एक नया सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिसके असर से पश्चिमी हिस्से के जिलों में तेज बारिश होने का अनुमान है। गुरुवार, 10 सितंबर को प्रदेश में कहीं-कहीं बादल छा सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। राजधानी भोपाल में बादल छाए रह सकते हैं। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। आज भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा में मौसम बदला रह सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, उत्तर बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर स्थित ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से आज उत्तर बंगाल की खाड़ी तथा आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिससे बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है। मध्य प्रदेश में कोटे से 7 % कम पानी गिरा, पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश 1 जून से 9 सितंबर 2026 तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 31.3 इंच बारिश (741.1 मिमी) हुई है, जबकी अबतक 33.7 इंच (856 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से 2.4 इंच यानि 7% बारिश कम हुई है। जून से अबतक पूर्वी मध्य प्रदेश में 1% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 13% कम पानी गिरा है। इस सीजन में सबसे अधिक मऊगंज में 53 इंच और सबसे कम आलीराजपुर में सिर्फ 13.6 इंच बारिश हुई है। अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़्र, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1% तक कम बारिश बारिश। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से भी कम पानी गिरा है।
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