अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक अपने नाम कर लिया। नागोया में हुई इस रेस को उन्होंने 28 मिनट 29.38 सेकंड में पूरा किया और दूसरे स्थान पर रहे।
गुलवीर ने इससे पहले हांगझोउ एशियन गेम्स में इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। इस बार उन्होंने अपने पदक का रंग बदलते हुए सिल्वर पर कब्जा किया।
10,000 मीटर दौड़ में गुलवीर का सिल्वर
एशियन गेम्स 2026 की पुरुषों की 10,000 मीटर फाइनल रेस में बहरीन के बिरहानु बालेव ने 28:27.51 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। गुलवीर सिंह ने 28:29.38 का समय निकालकर सिल्वर हासिल किया, जबकि बहरीन के अल्बर्ट किप्टू ने 28:34.38 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
गुलवीर रेस के ज्यादातर हिस्से में शीर्ष धावकों के समूह के साथ बने रहे। अंतिम चरण में उन्होंने अपनी रणनीति के मुताबिक रफ्तार बढ़ाई और दूसरे स्थान पर अपनी जगह पक्की कर ली।
हांगझोउ के ब्रॉन्ज को नागोया में सिल्वर में बदला
गुलवीर सिंह ने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। चार साल बाद उन्होंने नागोया में उसी स्पर्धा में सिल्वर जीतकर अपना प्रदर्शन बेहतर किया।
इस उपलब्धि के साथ गुलवीर पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में दो एशियन गेम्स पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने हैं।
अलीगढ़ के सिरसा गांव से शुरू हुआ सफर
गुलवीर सिंह का संबंध उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के अतरौली क्षेत्र के सिरसा गांव से है। उनका शुरुआती जीवन गांव की पगडंडियों और खेतों के आसपास दौड़ते हुए बीता।
रिपोर्टों के मुताबिक, शुरुआत में उनका लक्ष्य भारतीय सेना में भर्ती होना था। इसी तैयारी के दौरान उनकी दौड़ने की प्रतिभा सामने आई। बाद में वह भारतीय सेना के ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में शामिल हुए और उनकी एथलेटिक्स प्रतिभा को व्यवस्थित प्रशिक्षण का मौका मिला।
सेना में भर्ती के बाद बदली जिंदगी
गुलवीर 2018 में स्पोर्ट्स कोटे के जरिए भारतीय सेना के ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में शामिल हुए। सेना में रहते हुए उनकी दौड़ने की प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिला और वह धीरे-धीरे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पहुंच गए।
उनका सफर साधारण गांव की सड़कों से शुरू होकर एशियन गेम्स के अंतरराष्ट्रीय ट्रैक तक पहुंचा है।
लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन
गुलवीर का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में लगातार चर्चा में रहा है। 2023 में उन्होंने एशियन गेम्स में 10,000 मीटर का कांस्य पदक जीता। इसके बाद 2025 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5,000 और 10,000 मीटर में स्वर्ण पदक हासिल किए।
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने 10,000 मीटर में सिल्वर और 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता। अब एशियन गेम्स में सिल्वर जीतकर उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय पदकों में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।
गांव में जश्न का माहौल
गुलवीर के सिल्वर मेडल जीतने की खबर मिलते ही अलीगढ़ के सिरसा गांव में खुशी का माहौल बन गया। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की।
गुलवीर के पिता किसान हैं और उनकी मां गृहिणी हैं। गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले गुलवीर की उपलब्धि को स्थानीय लोग गर्व के रूप में देख रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने भी दी बधाई
गुलवीर सिंह की उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, उन्होंने एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने पर गुलवीर के प्रदर्शन और उनकी निरंतर प्रगति की सराहना की।
आगे भी ट्रैक पर नजर
एशियन गेम्स में 10,000 मीटर का सिल्वर जीतने के बाद गुलवीर की नजर अब प्रतियोगिता की अन्य दौड़ों पर भी है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, वह आगे 5,000 मीटर और 1,500 मीटर स्पर्धाओं में भी हिस्सा लेने की तैयारी में हैं।