लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीण इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शारदा नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी का पानी पलिया, भीरा और बिजुआ क्षेत्र के कई गांवों में पहुंच गया है। कई संपर्क मार्ग जलमग्न होने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
वहीं, तिकुनिया क्षेत्र में मोहाना नदी और धौरहरा क्षेत्र में घाघरा नदी के कटान की स्थिति भी तेज होने की खबर है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाई है।
बनबसा बैराज से छोड़ा गया 1.91 लाख क्यूसेक पानी
लखीमपुर खीरी में बाढ़ की स्थिति बिगड़ने के पीछे शारदा नदी में बढ़ा पानी प्रमुख कारणों में है। रिपोर्ट के अनुसार, बनबसा बैराज से मंगलवार को 1.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा।
बुधवार शाम नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। इसके बाद नदी किनारे बसे कई गांवों में पानी पहुंच गया।
पलिया तहसील के कई गांव बाढ़ की चपेट में
पलिया तहसील की ग्राम पंचायत शाहपुर के मजरा ढकिया, कुंवरपुर, नरायनपुरवा और बझेड़ा समेत कई गांव प्रभावित हुए हैं। कुंवरपुर खुर्द में करीब 30 से 40 घरों में पानी भरने की जानकारी सामने आई है।
कुछ परिवारों को घर की छतों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। वहीं नरायनपुरवा में बाढ़ के बीच एक परिवार के नाव पर खाना बनाने की तस्वीर सामने आई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शारदा नदी के उफान पर आने के बाद हर साल गांव में पानी भर जाता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। यह ग्रामीणों का आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
दूषित पानी और राहत को लेकर ग्रामीण परेशान
जलभराव के बीच ग्रामीणों ने राहत और मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी समस्याएं बताई हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि राहत सामग्री और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है तथा दूषित पानी के कारण परेशानी बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने नाव, राहत सामग्री, पशुओं के चारे और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था कराने की मांग की है। एसडीएम पुष्पक ने लेखपाल को मौके पर भेजने और प्रभावित क्षेत्र में नाव की व्यवस्था कराने की बात कही है।
बिजुआ ब्लॉक के कई गांव प्रभावित
बिजुआ ब्लॉक में बझेड़ा, करसौर, गुजरा, कोरियाना, सिंघिया एहतमाली व गैर एहतमाली, बेचेपुरवा, मिस्त्रीपुरवा, ढकिया कलां, रेवतीपुरवा, दौलतापुर, रड़ा देवरिया, रामपुर, जंगल नंबर सात, इमलिया फार्म और कांप एलनगंज समेत कई गांव बाढ़ प्रभावित बताए गए हैं।
इन इलाकों में ग्रामीणों के सामने आने-जाने, पशुओं के लिए चारे और सुरक्षित स्थान पर पहुंचने जैसी चुनौतियां हैं। तहसील प्रशासन के अनुसार लेखपालों को मौके पर रहकर लगातार स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
कई सड़कों पर पानी का बहाव
पलिया से नगला जाने वाले मार्ग पर पानी बहने की सूचना है। कर्बला के पास रपटा पुल और खेरना मार्ग पर भी पानी का बहाव है। अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास मेला जाने वाले रास्ते पर कई जगह पानी भर गया है। पलिया-भीरा मार्ग पर भी रपटा पुल के पास पानी बहने की जानकारी सामने आई है।
इससे ग्रामीणों और यात्रियों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है।
मोहाना और घाघरा नदी में कटान तेज
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया क्षेत्र में मोहाना नदी और धौरहरा क्षेत्र में घाघरा नदी का कटान भी तेज होने की जानकारी है। निघासन क्षेत्र के जसनगर में मोहाना नदी के पानी से घिरे कुछ घरों को खाली कराया गया है और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
ऐसे में नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों के लिए आने वाले घंटों में जलस्तर और कटान की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।
कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद
अत्यधिक बारिश, जलभराव और अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण तिवारी ने जिले में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में 3 सितंबर को अवकाश घोषित किया है।
इससे पहले भी जिले में बारिश के कारण स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया था और प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया था।