अयोध्या: राम मंदिर के बाद अब अयोध्या के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को भी नए सिरे से परखा जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीम ने सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी और कनक भवन समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों का सुरक्षा ऑडिट शुरू किया है। टीम धार्मिक स्थलों की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की आवाजाही और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया व्यवस्था का आकलन कर रही है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को NSG कमांडो ने हनुमानगढ़ी परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्तों, भीड़ की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई गई।
बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच सुरक्षा पर फोकस
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन भी नई सुरक्षा योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।
NSG की टीम प्रमुख धार्मिक स्थलों की भौगोलिक स्थिति, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा संभावित संवेदनशील स्थानों का अध्ययन कर रही है। इसका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिससे किसी भी आपात स्थिति में संबंधित सुरक्षा एजेंसियां बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई कर सकें।
राम मंदिर के बाद दूसरे धार्मिक स्थल भी दायरे में
अब तक राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान रहा है। नई कवायद में हनुमानगढ़ी और कनक भवन जैसे अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी व्यापक सुरक्षा आकलन के दायरे में लाया जा रहा है।
NSG की टीम इन स्थानों की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को समझने के साथ यह भी देख रही है कि आपात स्थिति में सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को किस तरह बेहतर बनाया जा सकता है।
अयोध्या में NSG की स्थायी मौजूदगी की दिशा में कदम
अयोध्या में NSG की भूमिका बढ़ाने की प्रक्रिया पहले से चल रही है। हाल की रिपोर्ट के अनुसार, NSG की एक यूनिट को राम मंदिर समेत धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए स्थायी रूप से तैनात किया गया है और टीम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन कर रही है।
इसके अलावा अयोध्या में NSG के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना की तैयारी भी चल रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मिल्कीपुर तहसील में करीब 26 हेक्टेयर यानी 65 एकड़ भूमि केंद्रीय गृह मंत्रालय को NSG क्षेत्रीय केंद्र के लिए निशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है।
सुरक्षा योजना में भीड़ प्रबंधन अहम हिस्सा
अयोध्या में धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ सकती है। ऐसे में नई सुरक्षा योजना केवल किसी एक धार्मिक परिसर तक सीमित रखने के बजाय शहर के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने पर जोर है।
NSG के मौजूदा निरीक्षण से जुटाई जा रही जानकारी के आधार पर आगे सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और आपात प्रतिक्रिया से जुड़े उपायों में बदलाव किए जा सकते हैं।
आगे बढ़ सकती है NSG की भूमिका
अयोध्या में NSG की सक्रियता आने वाले समय में और बढ़ सकती है। राम मंदिर की सुरक्षा के साथ शहर के दूसरे प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक ढांचे में शामिल किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
फिलहाल NSG की टीम विभिन्न स्थानों का सुरक्षा आकलन कर रही है। इस आकलन के आधार पर तैयार होने वाली योजना में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति में त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया पर भी ध्यान दिया जाएगा।
निष्कर्ष: अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को अब राम मंदिर परिसर से आगे बढ़ाकर प्रमुख धार्मिक स्थलों तक व्यापक रूप देने की कवायद चल रही है। NSG का सुरक्षा ऑडिट इसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें हनुमानगढ़ी और कनक भवन जैसे महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का भी अध्ययन किया जा रहा है।