आगरा: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट के नेतृत्व में अमेरिकी उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को आगरा पहुंचा। दो दिवसीय दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का भ्रमण किया और इसकी बारीक पच्चीकारी, स्थापत्य कला तथा इतिहास के बारे में जानकारी ली।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने ताजमहल की संगमरमर की नक्काशी और जटिल इनले वर्क को करीब से देखा। ताज की वास्तुकला और कलात्मक बारीकियों को देखकर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य प्रभावित नजर आए।
विशेष विमान से आगरा पहुंचे अमेरिकी सांसद
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे विशेष सैन्य विमान से दिल्ली से आगरा वायुसेना स्टेशन पहुंचा। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रतिनिधिमंडल को होटल अमर विलास ले जाया गया, जहां भारतीय परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया गया।
प्रतिनिधिमंडल के आगरा पहुंचने को देखते हुए एयरफोर्स स्टेशन से लेकर ताजमहल तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।
ताजमहल की पच्चीकारी ने खींचा ध्यान
ताजमहल पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने गाइड के साथ स्मारक का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें ताजमहल के निर्माण काल, इसके इतिहास, स्थापत्य शैली और संरक्षण से जुड़ी जानकारी दी गई।
खास तौर पर संगमरमर पर की गई बारीक पच्चीकारी ने प्रतिनिधिमंडल का ध्यान आकर्षित किया। आगरा की पच्चीकारी परंपरा को आज भी स्थानीय कारीगर आगे बढ़ा रहे हैं। भारत सरकार के पर्यटन पोर्टल के अनुसार, ताजमहल की खूबसूरती में इसकी intricate inlay work यानी पच्चीकारी का महत्वपूर्ण योगदान है।
डायना बेंच पर यादगार तस्वीरें
ताजमहल भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अपनी पत्नियों के साथ डायना बेंच के पास तस्वीरें भी खिंचवाईं। ताजमहल के सामने यह स्थान पर्यटकों के बीच लंबे समय से लोकप्रिय फोटो प्वाइंट रहा है।
ब्रायन मास्ट और उनकी पत्नी ने भी यहां फोटोशूट कराया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने ताजमहल परिसर में समय बिताते हुए स्मारक की वास्तुकला और आसपास के दृश्य देखे।
दो दिवसीय दौरे पर आया है प्रतिनिधिमंडल
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का आगरा दौरा दो दिनों का है। ताजमहल के अलावा प्रतिनिधिमंडल के शहर के अन्य ऐतिहासिक स्थलों का भी भ्रमण करने की जानकारी सामने आई है।
यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत की आधिकारिक यात्रा पर है। ब्रायन मास्ट के नेतृत्व वाले द्विदलीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने इससे पहले नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ भी बैठकें की थीं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ हुई बातचीत में भारत-अमेरिका संबंधों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
ताजमहल की वास्तुकला बनी आकर्षण का केंद्र
ताजमहल को उसकी सफेद संगमरमर की संरचना, सममिति, गुंबद और विस्तृत सजावटी काम के लिए जाना जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, ताजमहल का निर्माण शाहजहां ने मुमताज महल की स्मृति में कराया था और मुख्य स्मारक का निर्माण 17वीं सदी में पूरा हुआ।
ताजमहल की पच्चीकारी में संगमरमर पर विभिन्न रंगों के पत्थरों को बेहद बारीकी से जड़कर फूलों और अन्य सजावटी आकृतियां बनाई गई हैं। यही कलात्मक काम आज भी दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख कारण है।