Friday, 09 October 2026
होम DBN Samachar Aadhaar Date of Birth Change Rules: आधार में जन्मतिथि बदलने के नियम होंगे सख्त, दूसरी बार बदलाव के लिए नई प्रक्रिया
DBN Samachar

Aadhaar Date of Birth Change Rules: आधार में जन्मतिथि बदलने के नियम होंगे सख्त, दूसरी बार बदलाव के लिए नई प्रक्रिया

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
2 October 2026 11:33 AM 1 मिनट पठन 10929 Views
Aadhaar Date of Birth Change Rules: आधार में जन्मतिथि बदलने के नियम होंगे सख्त, दूसरी बार बदलाव के लिए नई प्रक्रिया

लखनऊ: आधार कार्ड में जन्मतिथि (Date of Birth) बदलवाने वालों के लिए नियम और सख्त होने जा रहे हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मौजूदा नियमों के मुताबिक आधार में जन्मतिथि सामान्य प्रक्रिया से केवल एक बार अपडेट की जा सकती है। इसके बाद बदलाव के लिए विशेष प्रक्रिया और सत्यापन की जरूरत होती है। अब इसी प्रक्रिया को और कड़ा किए जाने की तैयारी है।

अमर उजाला की 2 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से दूसरी बार जन्मतिथि बदलने से जुड़े आवेदनों पर रोक लगी हुई है। नई व्यवस्था तैयार की जा रही है और 15 अक्टूबर 2026 से दूसरी बार जन्मतिथि में बदलाव की सुविधा नई प्रक्रिया के साथ शुरू होने की उम्मीद है।

आधार में जन्मतिथि कितनी बार बदली जा सकती है?

UIDAI की जानकारी के अनुसार आधार में Date of Birth सामान्य प्रक्रिया के तहत एक बार अपडेट की जा सकती है। UIDAI के 2026 हैंडबुक में भी DOB अपडेट की सीमा एक बार बताई गई है। इसके बाद वास्तविक आवश्यकता होने पर exception process के माध्यम से अनुरोध किया जा सकता है।

इसका मतलब यह है कि आधार कार्ड में जन्मतिथि को बार-बार सामान्य तरीके से बदलवाने की सुविधा नहीं है।

दूसरी बार जन्मतिथि बदलने के लिए क्या करना होगा?

अगर किसी व्यक्ति को पहले बदलाव के बाद फिर से जन्मतिथि में सुधार की जरूरत पड़ती है, तो उसे सामान्य अपडेट प्रक्रिया के बजाय विशेष प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

UIDAI के अनुसार ऐसे मामले में आधार केंद्र पर वैध जन्मतिथि प्रमाण के साथ अपडेट अनुरोध देना होता है। इसके बाद मामला सत्यापन के लिए संबंधित UIDAI क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा जा सकता है। स्वीकृति उचित दस्तावेज और जांच के आधार पर होती है।

15 अक्टूबर से क्या बदल सकता है?

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार दूसरी बार DOB अपडेट के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। 15 अक्टूबर से यह सुविधा नई प्रक्रिया के तहत शुरू होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नई व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सख्त होगी, ताकि गलत या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जन्मतिथि बदलवाने की संभावना को कम किया जा सके।

ध्यान देने वाली बात है कि 15 अक्टूबर की तारीख रिपोर्ट में उम्मीद के रूप में दी गई है, इसलिए इसे अंतिम लागू तारीख के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए जब तक UIDAI की ओर से औपचारिक पुष्टि न हो।

जन्मतिथि बदलने के लिए दस्तावेज जरूरी

दूसरी बार जन्मतिथि में बदलाव सामान्य प्रक्रिया से नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में आवेदक को जन्मतिथि से संबंधित वैध दस्तावेज देने होते हैं। दस्तावेजों और मामले की जांच के बाद ही बदलाव की अनुमति मिल सकती है।

UIDAI की आधिकारिक जानकारी में भी DOB को दोबारा अपडेट करने के लिए exception process और supporting documents की जरूरत बताई गई है।

नियम सख्त करने की जरूरत क्यों पड़ी?

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक विभागीय अधिकारियों के अनुसार एक से अधिक बार जन्मतिथि बदलने से जुड़े सैकड़ों मामले रोज सामने आते रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश और बिहार में ऐसे आवेदन अधिक संख्या में आते हैं और इनमें युवाओं की संख्या भी अधिक रहती है।

रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि कुछ मामलों में नौकरी आदि से जुड़े अवसरों के लिए जन्मतिथि बदलवाने की कोशिश की जाती है। इसी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए दूसरी या उसके बाद की DOB correction प्रक्रिया को और कड़ा करने की तैयारी है। यह एक रिपोर्ट में अधिकारियों/सूत्रों द्वारा बताई गई वजह है, न कि हर DOB correction आवेदन के बारे में निष्कर्ष।

प्रतिक्रिया दें (Leave a Reply)

आपका ईमेल पता सुरक्षित है और प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *