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Agra Housing Development Council: आवास विकास परिषद को अदालत से राहत, कार्यालय की सील हटेगी और कुर्की खत्म

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
2 October 2026 11:42 AM 1 मिनट पठन 1025 Views
Agra Housing Development Council: आवास विकास परिषद को अदालत से राहत, कार्यालय की सील हटेगी और कुर्की खत्म

आगरा: उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को आगरा में बड़ी राहत मिली है। भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण (लारा) आगरा की अदालत ने परिषद के सील किए गए कार्यालय को खोलने और उसकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की समाप्त करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने जिलाधिकारी आगरा को तत्काल सील हटाने और कुर्की समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी।

यह मामला कुंवरजीत बनाम कलक्टर आगरा एवं अन्य से जुड़ा है। अदालत द्वारा जारी वसूली प्रमाणपत्र के अनुपालन में उपजिलाधिकारी (SDM) सदर ने 22 अगस्त को आवास एवं विकास परिषद के निर्माण खंड-2 कार्यालय को सील कर दिया था। साथ ही परिषद की चल-अचल संपत्तियों को भी कुर्क किया गया था।

22 अगस्त को सील किया गया था कार्यालय

रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत के आदेश से जारी वसूली प्रमाणपत्र के अनुपालन में SDM सदर ने 22 अगस्त 2026 को आवास एवं विकास परिषद के निर्माण खंड-2 कार्यालय पर कार्रवाई की थी।

कार्यालय सील किए जाने के साथ परिषद की चल और अचल संपत्तियों को भी कुर्क कर लिया गया था। इसके कारण कार्यालय का नियमित कामकाज प्रभावित हुआ और जनहित से जुड़े कार्य भी रुक गए।

कार्यालय बंद होने से आम लोगों के काम प्रभावित

अदालत के समक्ष परिषद की ओर से बताया गया कि कार्यालय के सील होने के कारण दैनिक प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ आम जनता से जुड़े काम भी प्रभावित हो रहे हैं।

इसी स्थिति को देखते हुए परिषद ने अपने अधिशासी अभियंता के माध्यम से अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया। परिषद ने अपने पक्ष में कहा कि उसने पूरी डिक्री राशि का मांगपत्र अदालत में जमा कर दिया है और उसका गणना पत्रक भी साथ लगाया है।

परिषद ने सील हटाने की मांग की

आवास एवं विकास परिषद ने अदालत से अनुरोध किया कि कार्यालय की सील हटाकर कामकाज दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाए।

परिषद की ओर से न्यायहित में कार्यालय खोलने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस प्रार्थना को उचित माना और कार्यालय बंद रहने से जनता को हो रही परेशानी को भी ध्यान में रखा।

अदालत ने कुर्की का आदेश किया निरस्त

मामले की सुनवाई जिला न्यायाधीश एवं पीठासीन अधिकारी विजय शंकर उपाध्याय ने की।

अदालत ने परिषद की ओर से दाखिल आवेदन को स्वीकार करते हुए कुर्की का आदेश निरस्त कर दिया। इसके साथ ही जिलाधिकारी आगरा को निर्देश दिया गया कि कार्यालय से तत्काल सील हटाई जाए और कुर्की समाप्त की जाए।

जिलाधिकारी को अनुपालन रिपोर्ट देने का निर्देश

अदालत ने केवल सील हटाने और कुर्की खत्म करने का आदेश ही नहीं दिया, बल्कि जिलाधिकारी आगरा को इसकी अनुपालन आख्या अदालत में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।

इससे संबंधित अगली कार्रवाई और अदालत के आगे के आदेशों के लिए 5 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला कुंवरजीत बनाम कलक्टर आगरा एवं अन्य से संबंधित है। वसूली प्रमाणपत्र के अनुपालन में प्रशासन की ओर से आवास विकास परिषद के कार्यालय और संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

इसके बाद परिषद ने अदालत का रुख किया और बताया कि उसने पूरी डिक्री राशि का मांगपत्र अदालत में जमा कर दिया है। कार्यालय बंद होने के कारण आम लोगों से जुड़े कार्य प्रभावित होने की बात भी अदालत के सामने रखी गई।

अब 5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

अदालत के मौजूदा आदेश के बाद आवास विकास परिषद के कार्यालय को दोबारा खोलने और कुर्की समाप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि मामले की न्यायिक कार्यवाही अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

5 अक्टूबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में मामले में आगे के आदेश सामने आ सकते हैं।

जनता के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

आवास विकास परिषद से जुड़े कार्यालयों में आवासीय योजनाओं, संपत्ति, निर्माण और अन्य प्रशासनिक कार्यों से संबंधित लोगों के काम होते हैं। ऐसे में कार्यालय सील होने से इन कार्यों पर असर पड़ सकता है।

अदालत ने भी अपने आदेश में कार्यालय बंद रहने के कारण आम जनता के कार्य प्रभावित होने की बात दर्ज की है। इसी आधार पर तत्काल सील हटाने और कार्यालय का काम शुरू कराने का निर्देश दिया गया।

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