आगरा: उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के लिए आगरा से राहत की खबर सामने आई है। भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण (LARA) आगरा की अदालत ने परिषद के सील किए गए कार्यालय को खोलने और उसकी संपत्तियों की कुर्की का आदेश निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने जिलाधिकारी आगरा को तत्काल सील हटाने और कुर्की समाप्त करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी।
यह मामला कुंवरजीत बनाम कलक्टर आगरा एवं अन्य से संबंधित है। अदालत की ओर से जारी वसूली प्रमाणपत्र के अनुपालन में उपजिलाधिकारी सदर ने 22 अगस्त को आवास एवं विकास परिषद के निर्माण खंड-2 कार्यालय को सील कर दिया था। साथ ही परिषद की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया था।
22 अगस्त को सील हुआ था आवास विकास परिषद का कार्यालय
अदालत से जारी वसूली प्रमाणपत्र के आधार पर प्रशासन ने 22 अगस्त 2026 को निर्माण खंड-2 के कार्यालय पर कार्रवाई की थी। कार्यालय सील करने के साथ परिषद की चल और अचल संपत्तियों को भी कुर्क किया गया।
कार्यालय बंद होने के बाद परिषद के नियमित कामकाज पर असर पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार जनहित से जुड़े कार्य भी प्रभावित हो रहे थे।
परिषद ने अदालत में दाखिल किया आवेदन
कार्यालय सील होने के बाद आवास एवं विकास परिषद ने अपने अधिशासी अभियंता के माध्यम से अदालत में आवेदन दाखिल किया। परिषद ने अदालत को बताया कि उसने पूरी डिक्री राशि का मांगपत्र जमा करा दिया है और इसके साथ गणना पत्रक भी प्रस्तुत किया गया है।
परिषद की ओर से न्यायहित में कार्यालय की सील हटाने और कामकाज दोबारा शुरू कराने का अनुरोध किया गया।
अदालत ने माना, जनता के काम हो रहे थे प्रभावित
मामले की सुनवाई जिला न्यायाधीश एवं पीठासीन अधिकारी विजय शंकर उपाध्याय ने की।
अदालत ने माना कि कार्यालय बंद रहने के कारण आम जनता से जुड़े काम प्रभावित हो रहे थे। परिषद की ओर से दाखिल आवेदन को स्वीकार करते हुए अदालत ने कुर्की का आदेश निरस्त कर दिया।
डीएम आगरा को तत्काल सील हटाने के निर्देश
अदालत ने जिलाधिकारी आगरा को निर्देश दिया है कि कार्यालय से तत्काल सील हटाई जाए और कुर्की समाप्त की जाए।
इसके साथ ही जिलाधिकारी को की गई कार्रवाई की अनुपालन आख्या अदालत में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। यानी प्रशासन को अदालत के आदेश पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी देनी होगी।
क्या है कुंवरजीत बनाम कलक्टर आगरा मामला?
यह पूरा घटनाक्रम कुंवरजीत बनाम कलक्टर आगरा एवं अन्य मामले में जारी वसूली प्रमाणपत्र के अनुपालन से जुड़ा है।
इसी प्रमाणपत्र के आधार पर आवास विकास परिषद के निर्माण खंड-2 कार्यालय को सील किया गया और परिषद की संपत्तियों की कुर्की की गई थी। इसके बाद परिषद ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए पूरी डिक्री राशि का मांगपत्र जमा किए जाने की जानकारी दी।
अब 5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने मौजूदा आदेश के साथ मामले में आगे के आदेशों के लिए 5 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है।
इस सुनवाई में मामले की आगे की न्यायिक कार्यवाही और अदालत के निर्देश सामने आएंगे। फिलहाल अदालत के आदेश के बाद कार्यालय से सील हटाने और कुर्की समाप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आम लोगों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मामला?
आवास विकास परिषद के कार्यालय से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और जनहित के कार्य कार्यालय के माध्यम से संचालित होते हैं। कार्यालय बंद रहने से इन कार्यों के प्रभावित होने की बात अदालत के सामने भी रखी गई थी।
अदालत ने इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए कार्यालय खोलने और कुर्की समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।
अब आगे क्या होगा?
अदालत के आदेश के बाद जिला प्रशासन को कार्यालय की सील हटाने और कुर्की समाप्त करने की कार्रवाई करनी होगी। इसके बाद जिलाधिकारी को अनुपालन आख्या अदालत में प्रस्तुत करनी होगी।
मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी, इसलिए आगे की न्यायिक स्थिति उस सुनवाई में स्पष्ट होगी।