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9 साल 9 महीने से फरार दुष्कर्म आरोपी की तलाश में AI का सहारा, छह राज्यों में दबिश के बाद पुलिस ने बदली रणनीति

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
3 October 2026 2:11 PM 1 मिनट पठन 1123 Views
9 साल 9 महीने से फरार दुष्कर्म आरोपी की तलाश में AI का सहारा, छह राज्यों में दबिश के बाद पुलिस ने बदली रणनीति

आगरा: आगरा पुलिस को करीब नौ साल नौ महीने से जिस 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी की तलाश है, उसे पकड़ने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद ली जा रही है। आरोपी की पहचान करतार सिंह के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह मूल रूप से फिरोजाबाद के टूंडला का रहने वाला है और नरायच क्षेत्र में रहता था।

पुलिस आरोपी की तलाश में उत्तर प्रदेश समेत छह राज्यों में कई बार दबिश दे चुकी है। रेलवे और बस स्टेशनों पर उसके पोस्टर भी लगाए गए, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। अब पुलिस उसके संभावित बदले हुए हुलिए की AI तस्वीरें तैयार कर उन्हें विभिन्न माध्यमों से साझा कर पहचान की कोशिश कर रही है।

2013 में दर्ज हुआ था अपहरण का मामला

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार करतार सिंह के खिलाफ फरवरी 2013 में आगरा के एत्माद्दौला थाने में 14 वर्षीय किशोरी के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया था। उसके बयानों के आधार पर मामले में दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ी गई थीं।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई। अप्रैल 2016 में अदालत ने अपहरण के मामले में उसे साढ़े तीन साल की सजा सुनाई थी।

सितंबर 2016 में जेल से बाहर आया, फिर हो गया फरार

रिपोर्ट के अनुसार करतार सिंह ने 1 सितंबर 2016 को अपनी सजा पूरी की और जेल से बाहर आया। इसके बाद दुष्कर्म के मामले में अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया।

दिसंबर 2016 में हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए। पुलिस जब उसकी तलाश में पहुंची तो वह फरार हो चुका था।

परिवार से संपर्क नहीं होने से बढ़ी मुश्किल

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि आरोपी अविवाहित था और परिजनों के संपर्क में भी नहीं था। ऐसे में उसके संभावित ठिकाने के बारे में जानकारी जुटाना मुश्किल हो गया।

लगातार तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने के बाद 21 जनवरी 2018 को उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। इसके बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।

छह राज्यों में पुलिस ने की तलाश

आगरा की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पुलिस को आशंका थी कि आरोपी उत्तर प्रदेश से बाहर जाकर छिप सकता है। इसके बाद उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत छह राज्यों में उसकी तलाश की गई।

पुलिस टीमों ने कई स्थानों पर दबिश दी। रेलवे और बस स्टेशनों पर आरोपी के पोस्टर लगाए गए। दिल्ली और लखनऊ में उसके छिपे होने की सूचना मिलने पर भी पुलिस टीमों ने वहां जाकर तलाश की, लेकिन आरोपी का पता नहीं चल सका।

अब AI से तैयार होगी आरोपी के अलग-अलग हुलिए की तस्वीर

लगातार बदलते समय के साथ आरोपी के चेहरे और हुलिए में बदलाव की संभावना को देखते हुए पुलिस ने अब तकनीक का इस्तेमाल करने की रणनीति अपनाई है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस AI की मदद से आरोपी के अलग-अलग उम्र और संभावित हुलिए की तस्वीरें तैयार कर रही है। इन तस्वीरों को पुलिस के आंतरिक पोर्टलों, सोशल मीडिया ग्रुप्स और दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ साझा किया जा रहा है।

इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि इतने वर्षों में बदले हुए हुलिए के बावजूद कोई व्यक्ति आरोपी को पहचान सके।

बैंक खाते और सिम कार्ड पर भी नजर

पुलिस केवल तस्वीरों के जरिए ही आरोपी को खोजने की कोशिश नहीं कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी से जुड़े संभावित बैंक खातों, टोल प्लाजा से गुजरने की जानकारी, गैस कनेक्शन और सिम कार्ड पर भी नजर रखी जा रही है।

इस तरह पारंपरिक पुलिसिंग के साथ डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

आगरा में 22 इनामी अपराधियों पर फोकस

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के अनुसार नगर जोन में ऐसे 22 इनामी अपराधी हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इन मामलों में AI समेत अलग-अलग डिजिटल माध्यमों को जांच प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा रहा है। करतार सिंह की तलाश भी इसी रणनीति के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस की नई रणनीति से क्या उम्मीद?

करीब एक दशक से आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस के लिए AI आधारित तस्वीरें एक अतिरिक्त पहचान माध्यम हो सकती हैं। अलग-अलग उम्र और संभावित हुलिए की तस्वीरें तैयार होने के बाद उन्हें दूसरे राज्यों की पुलिस तथा संबंधित नेटवर्क के साथ साझा किया जा रहा है।

हालांकि, AI से तैयार तस्वीरें संभावित हुलिए को दर्शाती हैं, यह आरोपी की वास्तविक वर्तमान तस्वीर होने की पुष्टि नहीं है। आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस को अन्य जांच माध्यमों से भी पुष्टि करनी होगी।

9 साल 9 महीने बाद भी तलाश जारी

करतार सिंह की तलाश अब करीब नौ साल नौ महीने तक पहुंच चुकी है। छह राज्यों में दबिश, रेलवे और बस स्टेशनों पर पोस्टर तथा विभिन्न स्तरों पर तलाश के बाद अब आगरा पुलिस ने तकनीक आधारित रणनीति अपनाई है।

AI तस्वीरों के साथ-साथ बैंकिंग, टोल, गैस कनेक्शन और मोबाइल सिम से जुड़े संभावित सुरागों की जांच कर पुलिस आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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