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सीएम योगी की PWD समीक्षा बैठक से पहले छुट्टी में भी खुलेंगे दफ्तर, इंजीनियरों को देना होगा सड़कों और अधूरे कामों का हिसाब

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
6 October 2026 12:29 PM 1 मिनट पठन 4441 Views
सीएम योगी की PWD समीक्षा बैठक से पहले छुट्टी में भी खुलेंगे दफ्तर, इंजीनियरों को देना होगा सड़कों और अधूरे कामों का हिसाब

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) के कामकाज की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 सितंबर 2026 को बैठक बुलाई। बैठक से पहले विभागीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। समीक्षा बैठक को देखते हुए शनिवार और रविवार को भी PWD के प्रमुख अभियंता कार्यालय के साथ क्षेत्रीय, वृत्तीय और खंडीय कार्यालय खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में प्रदेश की क्षतिग्रस्त सड़कों, गड्ढामुक्त अभियान, अधूरे बड़े प्रोजेक्ट, आगामी वित्तीय वर्ष के नए कार्यों और चालू वित्तीय वर्ष में जारी बजट के खर्च की स्थिति पर जानकारी ली जाएगी।

छुट्टी के दिन भी PWD कार्यालय खुले रहेंगे

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक से पहले PWD के अधिकारियों को जरूरी आंकड़े और रिपोर्ट तैयार करने के लिए छुट्टी के दिन भी कार्यालय खोलने का निर्देश दिया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख अभियंता कार्यालय के अलावा सभी क्षेत्रीय, वृत्तीय और खंडीय कार्यालय शनिवार और रविवार को सामान्य दिनों की तरह काम करेंगे। मुख्य अभियंता मुख्यालय-1, सेतु और भवन से जुड़े कार्यालयों में भी काम जारी रहेगा।

प्रमुख सचिव अजय चौहान ने सभी मुख्य अभियंताओं को बैठक की पूरी तैयारी के साथ शामिल होने के निर्देश दिए हैं।

बारिश से खराब हुई सड़कों पर होगी समीक्षा

मानसून के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। मुख्यमंत्री की बैठक में इन सड़कों की मरम्मत और उन्हें गड्ढामुक्त करने की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

अधिकारियों से यह जानकारी ली जाएगी कि बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत का काम कहां तक पहुंचा है और किन स्थानों पर अभी काम बाकी है।

सड़क सुरक्षा और आम लोगों की आवाजाही को देखते हुए क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत PWD के लिए बैठक का प्रमुख विषय रहने वाली है।

50 करोड़ से अधिक के अधूरे प्रोजेक्ट पर भी होगी नजर

समीक्षा बैठक में उन अधूरे कार्यों को भी प्रमुखता से देखा जाएगा, जिन्हें वित्तीय वर्ष 2023-24 से पहले मंजूरी मिली थी और जिनकी लागत 50 करोड़ रुपये से अधिक है।

ऐसे अधूरे प्रोजेक्ट के लिए PWD को पुनरीक्षित कार्ययोजना यानी Revised Action Plan तैयार करना है। बैठक में अधिकारियों से इन योजनाओं की प्रगति और उन्हें पूरा करने की प्रस्तावित समय-सीमा के बारे में जानकारी ली जा सकती है।

2027-28 के नए कामों का भी बनेगा एक्शन प्लान

मुख्यमंत्री की समीक्षा केवल पुराने और अधूरे कामों तक सीमित नहीं रहेगी। PWD से वित्तीय वर्ष 2027-28 में प्रस्तावित नए कार्यों का Action Plan भी मांगा गया है।

इसमें प्रस्तावित सड़क और अन्य निर्माण कार्यों की प्राथमिकता, योजना और कार्यान्वयन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी शामिल होगी।

इससे विभाग को आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए अपने कामों की प्राथमिकता तय करने में मदद मिलेगी।

2026-27 के बजट खर्च का भी हिसाब

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में PWD को आवंटित बजट और उसके खर्च की भी समीक्षा होगी।

अधिकारियों को यह बताना होगा कि विभाग को कितनी राशि आवंटित हुई, उसमें से कितना खर्च हो चुका है और किन योजनाओं में अभी धनराशि खर्च की जानी बाकी है।

इसके साथ ही GST और अतिरिक्त बिटुमिन की आवश्यकता से जुड़ी रिपोर्ट भी बैठक में प्रस्तुत की जाएगी।

सभी मुख्य अभियंताओं से मांगी गई रिपोर्ट

PWD के प्रमुख सचिव के अनुसार प्रदेश के सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को आवश्यक सूचनाओं के साथ बैठक में शामिल होना है।

बैठक दोपहर 12 बजे से आयोजित होने की जानकारी दी गई थी। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की सड़कों, निर्माण कार्यों और बजट से संबंधित आंकड़ों के साथ तैयार रहने को कहा गया।

कानपुर की खराब सड़कों पर भी सख्ती

इसी बीच कानपुर में खराब सड़कों को लेकर अलग से अधिकारियों की बैठक हुई। नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक में शहर की प्रमुख सड़कों, क्षतिग्रस्त मार्गों और अलग-अलग विभागों द्वारा सड़क खोदने के बाद मरम्मत की स्थिति की समीक्षा की गई।

कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने बैठक में कहा कि शहर की कई खराब सड़कें PWD के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। वहीं नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के निर्देश दिए।

10 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त सड़कों का लक्ष्य

कानपुर में अधिकारियों को 10 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य दिया गया है।

जिन स्थानों पर पैचवर्क बारिश या अन्य कारणों से प्रभावित है, वहां मौसम साफ होते ही काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। नई सड़क बनने वाले क्षेत्रों में संबंधित विभाग अपनी निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार काम करेंगे।

सड़क बनाने के बाद दोबारा खुदाई पर भी जोर

बैठक में यह मुद्दा भी सामने आया कि कई जगह एक विभाग सड़क बनाने के बाद दूसरा विभाग पाइपलाइन, बिजली लाइन या अन्य विकास कार्यों के लिए सड़क खोद देता है। इससे नई सड़क दोबारा खराब हो जाती है।

अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने और सड़क निर्माण के बाद अनावश्यक दोबारा खुदाई से बचने पर जोर दिया गया है।

PWD के लिए क्यों महत्वपूर्ण है समीक्षा बैठक?

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में सड़क मरम्मत से लेकर बड़े अधूरे प्रोजेक्ट और आगामी वित्तीय वर्ष के नए कामों तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

बैठक से पहले छुट्टी के दिन भी PWD कार्यालय खोलने का फैसला इस बात को दर्शाता है कि विभागीय अधिकारियों को संबंधित आंकड़ों और कार्ययोजनाओं के साथ तैयार रहने को कहा गया है।

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