अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 22 वर्षीय एक शिक्षिका की मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। परिजनों ने एक युवक पर लंबे समय से परेशान करने, धमकी देने और AI की मदद से वीडियो बनाकर बदनाम करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर नामजद युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक महीने से सोशल मीडिया पर भेज रहा था मैसेज
मामला खैर क्षेत्र के गोला कुआं मोहल्ला ओमनगर का बताया जा रहा है। मृतका माधुरी कस्बे के एक निजी स्कूल में शिक्षिका थीं। उनकी छोटी बहन खुशबू ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि करीब एक महीने से चमन नगरिया निवासी दिव्यांश सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर माधुरी को लगातार मैसेज भेजकर परेशान कर रहा था।
परिजनों के मुताबिक, विरोध करने पर युवक ने धमकी भी दी। आरोप है कि उसने AI की मदद से वीडियो बनाकर उसे वायरल करने और बदनाम करने की बात कही थी।
घर पहुंचकर भी धमकी देने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, 20 सितंबर को आरोपी युवक अपने एक साथी के साथ माधुरी के घर पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि वहां भी उसने माधुरी का जीवन बर्बाद करने की धमकी दी थी।
परिवार का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण माधुरी काफी परेशान थीं। हालांकि इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
रिश्ता कहीं और तय होने के बाद बढ़ा विवाद
सीओ खैर अभिषेक कुमार पटेल के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक और युवती के बीच लंबे समय से बातचीत होती थी। हाल में माधुरी का रिश्ता कहीं और तय हो गया था। आरोप है कि इसी बात को लेकर युवक नाराज था और वह युवती पर शादी के लिए दबाव बना रहा था।
पुलिस के अनुसार, घटना से पहले दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इसके बाद मैसेज के जरिए भी बातचीत हुई।
पुलिस खंगाल रही कॉल डिटेल
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। शव का पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया।
सीओ खैर ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर नामजद युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपी की तलाश भी की जा रही है।
AI से वीडियो वायरल करने की धमकी की भी जांच
इस मामले में AI के जरिए वीडियो तैयार कर उसे वायरल करने की कथित धमकी का आरोप भी महत्वपूर्ण है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस तरह की कोई सामग्री तैयार की गई थी, आरोपी और युवती के बीच किस तरह की बातचीत हुई थी और घटना से पहले दोनों के संपर्क में क्या बातचीत हुई।
फिलहाल पुलिस की जांच कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे बढ़ रही है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।