आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में पैतृक जमीन के सौदे को लेकर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन के संबंध में पहले अनुबंध किया गया और बाद में उसके आधे हिस्से का बैनामा करा दिया गया, लेकिन शिकायतकर्ता को तय रकम का भुगतान नहीं किया गया। इसके साथ ही धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पैतृक जमीन को लेकर हुआ था अनुबंध
शिकायत के अनुसार, विवादित जमीन पैतृक संपत्ति से संबंधित है। जमीन के संबंध में पक्षों के बीच एक अनुबंध हुआ था। इसके बाद जमीन के करीब आधे हिस्से का बैनामा किए जाने का आरोप है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि बैनामा होने के बावजूद उसे जमीन की तय कीमत नहीं मिली। रकम मांगने पर कथित तौर पर टालमटोल की गई और बाद में धमकी देने का आरोप भी लगाया गया।
आधे हिस्से का बैनामा कराने का आरोप
मामले में आरोप है कि अनुबंध के बाद जमीन के आधे हिस्से को लेकर बैनामा कराया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, सौदे में तय शर्तों के अनुसार भुगतान किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इसके बाद विवाद बढ़ गया और शिकायतकर्ता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई न होने के बाद न्यायालय का रुख किया गया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
मामले में अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस पूरे जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेजों, अनुबंध, बैनामा और भुगतान से संबंधित तथ्यों की जांच करेगी।
जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि जमीन का सौदा किन शर्तों पर हुआ था और बैनामा कराने के समय दोनों पक्षों के बीच क्या सहमति बनी थी।
धमकी देने का भी आरोप
शिकायत में जमीन की कीमत नहीं मिलने के अलावा धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब शिकायतकर्ता के बयान, जमीन से जुड़े कागजात और रजिस्ट्री कार्यालय के रिकॉर्ड समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जमीन के वास्तविक मालिकाना हक, अनुबंध की वैधता, बैनामे की प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष आने तक आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है। पुलिस की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।