लखनऊ में चौक स्थित पंचवटी घाट के प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी मंदिर में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीराम कथा के छठे दिन कथा व्यास स्वामी विष्णु दास महाराज ने शबरी की नवधा भक्ति और प्रभु श्रीराम-हनुमान मिलन के प्रसंग सुनाए। उन्होंने सुग्रीव से श्रीराम की मित्रता, बालि वध और माता सीता की खोज से जुड़े प्रसंगों का भी वर्णन किया। स्वामी विष्णु दास महाराज ने शबरी की नवधा भक्ति की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान की प्राप्ति के लिए श्रद्धा, समर्पण और निष्कपट भाव से भक्ति करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति में दिखावा नहीं, बल्कि मन की शुद्धता और विश्वास महत्वपूर्ण है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में भावविभोर होकर प्रसंगों का श्रवण करते रहे।
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