देवरिया, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की हत्या के मामले के बीच प्रशासन ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। सलेमपुर तहसील प्रशासन ने भीखम छपरा गांव में सरकारी पोखरे की जमीन पर बोई गई धान की फसल को बुलडोजर चलाकर नष्ट कर दिया। प्रशासन की पैमाइश में जमीन पर कब्जे की बात सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। <Cite refs={[“turn295136search0″,”turn295136search3”]}/>
सरकारी पोखरे की जमीन पर बोई गई थी धान की फसल
रिपोर्ट के मुताबिक, गांव में सरकारी पोखरे की जमीन पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग ने जमीन की पैमाइश कराई थी। चार अक्टूबर को की गई पैमाइश में गाटा संख्या 35 की कुल 0.178 हेक्टेयर पोखरे की जमीन में से 0.081 हेक्टेयर हिस्से पर धान की फसल बोए जाने की बात सामने आई।
प्रशासनिक रिपोर्ट में संजय तिवारी और वशिष्ठ नारायण से जुड़े कब्जे का उल्लेख किया गया। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सरकारी जमीन को खाली कराने की कार्रवाई की। <Cite refs={[“turn295136search1″,”turn295136search3”]}/>
एसडीएम और राजस्व टीम की मौजूदगी में कार्रवाई
सलेमपुर के एसडीएम क्षितिज द्विवेदी के निर्देश पर जमीन की पैमाइश और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, राजस्व कर्मचारी और पुलिस बल मौजूद रहे।
रिपोर्ट के अनुसार, बुलडोजर से धान की फसल हटाने और जमीन को कब्जे में लेने की कार्रवाई करीब एक घंटे तक चली। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी पोखरे की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना था। <Cite refs={[“turn295136search1″,”turn295136search3”]}/>
ब्रेकर विवाद में हुई थी RSS कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की मौत
यह मामला देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव में एक अक्टूबर को हुए विवाद के बाद चर्चा में आया था। रिपोर्ट के मुताबिक, रामेश्वर तिवारी के घर के सामने बन रही सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद में रामेश्वर तिवारी के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। <Cite refs={[“turn295136search4″,”turn295136search5”]}/>
मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। हत्या के मामले में पुलिस ने कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मामले में गिरफ्तारी और जांच की कार्रवाई भी की गई है। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा। <Cite refs={[“turn295136search4″,”turn295136search5”]}/>
परिवार ने सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत भी की थी
रामेश्वर तिवारी की हत्या के बाद उनके परिवार की ओर से आरोपियों के कथित सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर भी शिकायत की गई। इसके बाद प्रशासन ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर जमीन की जांच और पैमाइश कराई।
पैमाइश में पोखरे की जमीन पर धान की फसल पाए जाने के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस तरह हत्या के मामले की पुलिस जांच और सरकारी जमीन से कब्जा हटाने की राजस्व कार्रवाई अपने-अपने कानूनी आधार पर आगे बढ़ीं। <Cite refs={[“turn295136search0″,”turn295136search3”]}/>
हत्या के मामले में पुलिस की जांच जारी
रामेश्वर तिवारी की मौत के मामले में पुलिस आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है। मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।