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प्रेमानंद महाराज पहुंचे केली कुंज आश्रम, शिष्य की मौत के बाद अफवाहों पर आश्रम ने दिया स्पष्टीकरण

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
9 October 2026 12:23 PM 1 मिनट पठन 133 Views
प्रेमानंद महाराज पहुंचे केली कुंज आश्रम, शिष्य की मौत के बाद अफवाहों पर आश्रम ने दिया स्पष्टीकरण

वृंदावन, मथुरा: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद उनके आश्रम और महाराज की मौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इन चर्चाओं के बीच प्रेमानंद महाराज गुरुवार, 8 अक्टूबर की सुबह राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे और वहां भक्तों को दर्शन दिए। इसके साथ ही आश्रम से जुड़े एक फेसबुक पेज पर दोनों आश्रमों को लेकर स्पष्टीकरण भी साझा किया गया। <Cite refs={[“turn365845search0″,”turn365845search1”]}/>

सुबह केली कुंज आश्रम पहुंचे प्रेमानंद महाराज

रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमानंद महाराज गुरुवार सुबह करीब छह बजे राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर सुनकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। पिछले कई दिनों से भक्त उनके दर्शन का इंतजार कर रहे थे।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराज सुबह करीब सवा पांच बजे मांट के जहांगीरपुर खादर स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम से रवाना हुए थे। वे केली कुंज आश्रम में करीब 20 मिनट रुके और इसके बाद वाराह घाट स्थित अपने गुरु श्री हित गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे। वहां दर्शन करने के बाद वे यमुना विहार कुंज लौट गए। <Cite refs={[“turn365845search1″,”turn365845search4”]}/>

शिष्य की मौत के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही थीं चर्चाएं

प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी, जिन्हें रसिक दुलारी शरण के नाम से भी जाना जाता था, की 25 सितंबर को मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर महाराज के आश्रम छोड़ने और आश्रमों के बीच बंटवारे जैसी चर्चाएं सामने आईं।

कुछ पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि प्रेमानंद महाराज केली कुंज आश्रम छोड़कर एकांतवास में चले गए हैं। इन चर्चाओं के कारण भक्तों के बीच यह सवाल उठने लगा कि महाराज अब कहां हैं और आश्रम की व्यवस्थाएं पहले जैसी क्यों नहीं हैं। <Cite refs={[“turn365845search0″,”turn365845search5”]}/>

आश्रम ने क्या स्पष्टीकरण दिया?

आश्रम से जुड़े संत महिमा फेसबुक पेज पर साझा किए गए नोट में बताया गया कि राधा केली कुंज आश्रम और दूसरा आश्रम अलग-अलग हैं। इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य दोनों आश्रमों को लेकर फैल रही भ्रमित करने वाली चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट करना था।

आश्रम की ओर से लोगों से अपील की गई कि अधूरी जानकारी और अपुष्ट दावों के आधार पर निष्कर्ष न निकालें। इससे पहले राधा केली कुंज ट्रस्ट ने भी शिष्य की मौत के मामले में दुख जताते हुए पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में सहयोग देने की बात कही थी। <Cite refs={[“turn365845search0″,”turn365845search3”]}/>

शिष्य की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में हुए बदलाव

दीपक लोधी की मौत के बाद आश्रम की कुछ व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, केली कुंज आश्रम में दीक्षा देने का कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया था। टोकन के माध्यम से होने वाले दर्शन पर भी रोक लगाई गई थी।

इसके अलावा, यमुना विहार कुंज बेलवान स्थित आश्रम में दीक्षित भक्तों के दर्शन की व्यवस्था भी फिलहाल बंद किए जाने की जानकारी दी गई थी। सेवादारों ने माइक के जरिए श्रद्धालुओं को इन बदलावों के बारे में बताया था। इन व्यवस्थाओं को दोबारा कब शुरू किया जाएगा, इसकी स्पष्ट तारीख सामने नहीं आई थी। <Cite refs={[“turn365845search2″,”turn365845search0”]}/>

दीपक लोधी की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी

दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत 25 सितंबर को हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, वह वृंदावन स्थित गौ कृपा कुंज की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। घटना के बाद उनकी मौत हो गई और 26 सितंबर को यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया।

इस मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। आश्रम ट्रस्ट ने भी पुलिस जांच में सहयोग देने की बात कही थी। घटना के वास्तविक कारण और उससे जुड़े सभी तथ्यों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है। <Cite refs={[“turn365845search1″,”turn365845search3”]}/>

भक्तों के लिए क्या मायने रखता है यह घटनाक्रम?

प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम पहुंचने की खबर से उन श्रद्धालुओं को राहत मिली जो कई दिनों से उनके दर्शन का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, आश्रम में दर्शन और दीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव की जानकारी भी महत्वपूर्ण है।

ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए जरूरी है कि वे आश्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से लें और सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट खबरों पर भरोसा करने से बचें।

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