Grap 1 Imposed In Delhi-NCR: दशहरा पर्व पर कथित तौर पर दिल्ली-एनसीआर में आतिशबाजी के साथ पटाखे फोड़े गए. इसके चलते दशहरे के अगले दिन दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के ‘खराब’ (poor) श्रेणी में पहुंचने के बाद GRAP-1 लागू किया गया है. एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने बुधवार (21 अक्टूबर, 2026) को कहा कि GRAP के चरण-1 (Stage-1) के तहत आने वाले उपायों को सभी एजेंसियों द्वारा लागू किया जाएगा, उनकी निगरानी की जाएगी और उनकी समीक्षा की जाएगी. इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण को कम करना है. GRAP स्टेज-I क्या है और इसे क्यों लागू किया जाता है? GRAP स्टेज-I, ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (Graded Response Action Plan) का पहला चरण है. यह दिल्ली-NCR में तब लागू होता है जब AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) ‘खराब’ (poor) श्रेणी में आ जाता है यानी 201 से 300 के बीच होता है. CAQM (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) धूल, वाहनों से निकलने वाले धुएं और कचरा जलाने जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए ये उपाय लागू करता है. स्टेज-1 के तहत मुख्य प्रतिबंध GRAP का स्टेज-1 प्रदूषण को उसके स्रोत पर ही रोकने पर केंद्रित है, खासकर धूल, वाहनों और औद्योगिक उत्सर्जन से होने वाले प्रदूषण पर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में अब निम्नलिखित प्रतिबंध लागू हैं. सभी निर्माण और विध्वंस (demolition) स्थलों पर धूल को नियंत्रित करना अनिवार्य है. 500 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए एक स्वीकृत ‘डस्ट मैनेजमेंट प्लान’ (धूल प्रबंधन योजना) होना जरूरी है. कचरा, सूखी पत्तियां और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को खुले में जलाने पर प्रतिबंध है. सड़क किनारे खाने-पीने की दुकानों और कमर्शियल किचन में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक है. होटल, रेस्तरां और खाने-पीने की अन्य जगहों पर खाना पकाने के लिए केवल बिजली, गैस या अन्य स्वच्छ ईंधन का ही उपयोग किया जाना चाहिए. डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक है, सिवाय बहुत जरूरी या आपातकालीन स्थितियों के.जो वाहन हवा में साफ तौर पर प्रदूषण फैलाते हुए पाए जाते हैं, उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है या उन्हें जब्त किया जा सकता है. ट्रैफिक नियमों के तहत प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है और ड्राइवरों को निर्देश दिया गया है कि वे रेड लाइट पर अपने वाहनों का इंजन बंद कर दें. दिल्ली में 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियां और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियां प्रतिबंधित हैं. लोगों को सलाह दी जाती है कि वे रेड लाइट पर इंजन बंद रखें और गाड़ी को बेवजह चालू न छोड़ें (आइडलिंग से बचें). प्रदूषण कम करने के लिए हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करें. दिल्ली के 300 km के दायरे में आने वाले प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और थर्मल पावर प्लांटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
Source: Read Full Article