आगरा: कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले चिंता का विषय बन रहे हैं। पहले जहां दिल की बीमारियों को अधिक उम्र के लोगों से जोड़कर देखा जाता था, वहीं अब युवाओं में भी हृदय संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं। आगरा के हृदय रोग विशेषज्ञों ने मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, धूम्रपान और अस्वास्थ्यकर खानपान को हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल किया है।
अमर उजाला की 26 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया कि कुछ मामलों में 17–18 वर्ष की उम्र के मरीजों को भी एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ रही है। विशेषज्ञों ने समय पर जांच, स्वस्थ जीवनशैली और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने पर जोर दिया है।
युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ रहा है?
हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बदलती जीवनशैली युवाओं के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है। फास्ट फूड, ज्यादा तला हुआ भोजन, धूम्रपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित दिनचर्या से मोटापा, मधुमेह तथा कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा हो सकता है। लंबे समय तक ये समस्याएं बनी रहने पर हृदय की धमनियों में फैटी जमाव विकसित हो सकता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं को केवल उम्र के आधार पर खुद को हृदय रोग से सुरक्षित नहीं मानना चाहिए। यदि परिवार में कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास रहा हो या व्यक्ति को मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर अथवा कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो, तो चिकित्सकीय सलाह के अनुसार जांच कराना महत्वपूर्ण है।
धूम्रपान, मोटापा और तनाव भी जोखिम बढ़ाते हैं
धूम्रपान हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं, मोटापा, बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर और असामान्य कोलेस्ट्रॉल धमनियों में रुकावट बनने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं। लगातार तनाव और पर्याप्त नींद न लेना भी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
अमर उजाला की एक अन्य रिपोर्ट में डॉक्टरों ने फास्ट फूड, देर रात तक जागने, धूम्रपान, तनाव और अधूरी नींद को युवाओं के हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं के रूप में बताया है।
हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
हार्ट अटैक के लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। कुछ प्रमुख चेतावनी संकेत हैं:
- छाती में दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द।
- दर्द का बांह, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना।
- सांस फूलना या अचानक सांस लेने में परेशानी।
- ठंडा पसीना, मितली या उल्टी।
- अचानक चक्कर आना या असामान्य कमजोरी महसूस होना।
कभी-कभी लक्षण हल्के भी हो सकते हैं। इसलिए सीने में असामान्य दबाव या दर्द के साथ सांस फूलने अथवा ठंडा पसीना आने पर इंतजार न करें। तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। भारत में आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है