Sunday, 20 September 2026
होम DBN Samachar ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- ऐसे मामलों में आसानी से नहीं मिलेगी जमानत
DBN Samachar

‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- ऐसे मामलों में आसानी से नहीं मिलेगी जमानत

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
3 August 2026 3:16 PM 1 मिनट पठन 27001 Views
‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- ऐसे मामलों में आसानी से नहीं मिलेगी जमानत

देशभर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट स्कैम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि इस तरह की साइबर ठगी लोगों की जीवनभर की कमाई छीन लेती है और इसे सामान्य अपराध नहीं माना जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में आरोपियों को केवल असाधारण परिस्थितियों में ही जमानत पर विचार किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि इस तरह के संगठित साइबर अपराधों से समाज पर व्यापक असर पड़ता है और इनसे निपटने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।

डिजिटल अरेस्ट स्कैम में ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी, कस्टम या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं। इसके बाद गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर बैंक खातों से बड़ी रकम ट्रांसफर करा लेते हैं। हाल के वर्षों में इस तरह की घटनाओं में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।

अदालत ने यह भी संकेत दिया कि डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों से निपटने के लिए मजबूत कानूनी ढांचे की आवश्यकता है। केंद्र सरकार ने भी अदालत को बताया है कि डिजिटल अरेस्ट और डीपफेक जैसे साइबर अपराधों से निपटने के लिए नए कानूनी प्रावधानों पर काम किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आम लोगों को किसी भी वीडियो कॉल, फोन कॉल या मैसेज के जरिए मिलने वाले गिरफ्तारी संबंधी दावों पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी संदिग्ध कॉल की पुष्टि संबंधित सरकारी एजेंसी या साइबर हेल्पलाइन से करना सबसे सुरक्षित तरीका है।

प्रतिक्रिया दें (Leave a Reply)

आपका ईमेल पता सुरक्षित है और प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *