गोरखपुर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े ने शुक्रवार देर शाम गोरखपुर में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई।
मुलाकात के दौरान संजय निषाद ने एक बार फिर निषाद समाज के आरक्षण का मुद्दा उठाया। इसके अलावा कसरवल कांड से जुड़े निषाद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग भी रखी।
संजय निषाद ने उठाया निषाद आरक्षण का मुद्दा
गोरखपुर के पादरी बाजार स्थित संजय निषाद के आवास पर हुई बैठक में निषाद समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। संजय निषाद ने तावड़े के सामने कहा कि निषाद आरक्षण को लेकर अब तक आश्वासन मिलते रहे हैं और इस विषय पर आगे पहल की जरूरत है।
निषाद पार्टी लंबे समय से निषाद समाज के आरक्षण से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाती रही है। तावड़े से मुलाकात के दौरान भी यह विषय बातचीत का प्रमुख हिस्सा रहा।
कसरवल कांड के मुकदमे वापस लेने की मांग
संजय निषाद ने कसरवल कांड का मुद्दा भी भाजपा नेता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि कसरवल आंदोलन से जुड़े निषाद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को सरकार को वापस लेना चाहिए।
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, संजय निषाद ने विशेष रूप से भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दर्ज मुकदमे का जिक्र किया और उसे वापस लेने की मांग रखी।
करीब डेढ़ घंटे चली दोनों नेताओं की बातचीत
दोनों नेताओं के बीच यह बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। इस दौरान चौरीचौरा से भाजपा विधायक सरवन निषाद, पूर्व सांसद प्रवीण निषाद और अमित निषाद समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बैठक में निषाद समाज से जुड़े मुद्दों के अलावा संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़े विषयों पर भी बातचीत हुई।
प्रशासनिक अधिकारियों की शिकायत भी सामने आई
विनोद तावड़े के सामने भाजपा के कुछ पूर्व पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से सहयोग नहीं मिलने की शिकायत भी रखी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कुछ मामलों में उनके उचित कार्यों पर अधिकारियों की ओर से अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
तावड़े ने उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिया।
62 विधानसभा सीटों पर संगठन की तैयारी
विनोद तावड़े उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रभारी के तौर पर गोरखपुर क्षेत्र के दौरे पर हैं। इससे पहले उनके कार्यक्रम में गोरखपुर क्षेत्र की 62 विधानसभा सीटों को लेकर संगठन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें निर्धारित की गई थीं।
तावड़े ने संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों से जमीनी फीडबैक लिया। हाल की बैठकों में उन्होंने बूथ स्तर की सक्रियता, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय तथा जनता से लगातार संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया।
2027 चुनाव से पहले सहयोगी दलों से संवाद
विनोद तावड़े और संजय निषाद की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। भाजपा की ओर से संगठनात्मक बैठकों के साथ सहयोगी दलों के नेताओं से भी संवाद किया जा रहा है।
हालांकि, इस मुलाकात से सीट बंटवारे या किसी नए चुनावी समझौते की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बैठक में मुख्य रूप से निषाद आरक्षण, कसरवल कांड से जुड़े मुकदमों और संगठनात्मक विषयों पर बातचीत की जानकारी सामने आई है।
FAQ
1. विनोद तावड़े गोरखपुर में किससे मिलने पहुंचे थे?
वह निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद से मिलने उनके आवास पहुंचे थे।
2. बैठक में कौन सा प्रमुख मुद्दा उठाया गया?
संजय निषाद ने निषाद समाज के आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
3. कसरवल कांड को लेकर क्या मांग की गई?
संजय निषाद ने कसरवल कांड से जुड़े निषाद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग रखी।
4. दोनों नेताओं के बीच कितनी देर बातचीत हुई?
रिपोर्ट के मुताबिक करीब डेढ़ घंटे तक दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई।
5. विनोद तावड़े गोरखपुर क्यों आए हैं?
वह 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत संगठन, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं तथा क्षेत्र की विधानसभा सीटों को लेकर फीडबैक ले रहे हैं।