Barabanki News: तिरंगा यात्रा में ‘जय श्रीराम’ के नारे पर बवाल, शिक्षक-कर्मचारी और ABVP कार्यकर्ता आमने-सामने
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्वतंत्रता दिवस से पहले निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान विवाद का मामला सामने आया है। रामनगर स्थित पीजी कॉलेज में तिरंगा यात्रा के दौरान ‘जय श्रीराम’ के नारे को लेकर शिक्षक-कर्मचारियों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हो गई।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना कॉलेज के प्राचार्य कक्ष के सामने हुई, जिससे परिसर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया। बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई।
तिरंगा यात्रा में नारे को लेकर शुरू हुआ विवाद
रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को ABVP कार्यकर्ताओं की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान यात्रा में शामिल किसी छात्र ने ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया।
ABVP कार्यकर्ता का आरोप है कि कॉलेज के एक शिक्षक ने यात्रा के दौरान इस नारे को लगाने से मना किया। इसके बाद जब तिरंगा यात्रा कॉलेज परिसर में पहुंची तो इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई।
शुरुआत में यह केवल कहासुनी थी, लेकिन बाद में विवाद बढ़ गया और कॉलेज स्टाफ तथा ABVP कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
कॉलेज परिसर में बढ़ा तनाव
विवाद बढ़ने के बाद कॉलेज के प्राचार्य कक्ष के सामने दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
इसके बाद स्थानीय स्तर पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराकर मामला शांत कराया गया।
दोनों पक्षों में हुआ लिखित समझौता
मामले को आगे बढ़ने से रोकने के लिए स्थानीय लोगों और संबंधित पदाधिकारियों ने दोनों पक्षों के साथ बातचीत की।
रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व चेयरमैन, ABVP के विभाग संगठन मंत्री और वार्ड सभासद समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लिखित सुलह-समझौता हो गया।
हालांकि, घटना के बाद कॉलेज परिसर का माहौल कुछ समय तक तनावपूर्ण बना रहा।
SDM ने क्या कहा?
मामले को लेकर रामनगर की SDM आकांक्षा गुप्ता ने बताया कि कॉलेज कर्मचारियों और कुछ बाहरी लोगों के बीच कहासुनी हुई थी।
उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया है। प्रशासन की कोशिश रही कि मामला आगे न बढ़े और कॉलेज का माहौल सामान्य बना रहे।
प्राचार्य ने विवाद की वजह को बताया गलतफहमी
पीजी कॉलेज रामनगर के प्राचार्य डॉ. कौशलेंद्र विक्रम मिश्र ने मामले को लेकर अलग जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का बैनर लगाने और ‘जय श्रीराम’ के नारे को लेकर कुछ गलतफहमी के कारण बातचीत हुई थी।
प्राचार्य के अनुसार, कुछ बाहरी लोग भी वहां आ गए थे। बाद में दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया और मामला शांत हो गया।
ABVP कार्यकर्ताओं ने क्या आरोप लगाया?
ABVP कार्यकर्ता की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी में आरोप लगाया गया कि तिरंगा यात्रा के दौरान एक छात्र ने ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया था।
कार्यकर्ता के अनुसार, एक शिक्षक द्वारा नारा लगाने से मना किए जाने के बाद विवाद शुरू हुआ। जब यात्रा कॉलेज परिसर में पहुंची तो इसी मुद्दे को लेकर कॉलेज स्टाफ और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच बहस होने लगी।
हालांकि, प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन ने घटना को गलतफहमी और बाहरी लोगों के हस्तक्षेप से जुड़ा बताया है।
पुलिस ने संभाला मामला
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया।
पुलिस की मौजूदगी के बीच बातचीत के जरिए विवाद को शांत कराने की कोशिश की गई। बाद में स्थानीय लोगों और संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों ने भी इसमें हस्तक्षेप किया।
अंततः दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद तत्काल स्थिति सामान्य हो गई।
स्वतंत्रता दिवस से पहले तिरंगा यात्रा का आयोजन
देशभर में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इसके पहले अलग-अलग स्थानों पर तिरंगा यात्रा और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
रामनगर पीजी कॉलेज में भी इसी क्रम में तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। लेकिन यात्रा के दौरान नारे को लेकर विवाद हो गया।
इस घटना ने स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय स्तर पर संवेदनशील मुद्दों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को भी सामने रखा है।
कॉलेज प्रशासन के सामने क्या चुनौती?
कॉलेज परिसर में विवाद होने के बाद प्रशासन के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती शैक्षणिक माहौल को सामान्य बनाए रखना है।
छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच किसी भी तरह का तनाव पढ़ाई और कॉलेज की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।
इसलिए दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद अब कॉलेज प्रशासन की कोशिश होगी कि परिसर में सामान्य माहौल बना रहे।
सुलतानपुर में भी तिरंगा यात्रा को लेकर विवाद
रिपोर्ट में एक अन्य घटना का भी उल्लेख किया गया है। इसके मुताबिक, दो दिन पहले सुलतानपुर में भी तिरंगा यात्रा के दौरान भाजपा से जुड़े लोगों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी।
वहां यात्रा के तय मार्ग को लेकर मतभेद के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष और उनके समर्थकों ने जिला महामंत्री के वाहन को रोककर नारेबाजी की थी।
इस तरह स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तिरंगा यात्राओं को लेकर राजनीतिक और स्थानीय विवाद की घटनाएं सामने आई हैं।
क्या अब मामला पूरी तरह शांत है?
प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के अनुसार दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और फिलहाल स्थिति सामान्य है।
हालांकि, घटना के बाद कॉलेज का माहौल कुछ समय तक तल्ख रहने की बात रिपोर्ट में कही गई है। इसलिए प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी कि किसी नए विवाद की स्थिति पैदा न हो।
निष्कर्ष
बाराबंकी के रामनगर पीजी कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस से पहले निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान ‘जय श्रीराम’ के नारे को लेकर शिक्षक-कर्मचारियों और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया और कॉलेज परिसर में तनाव की स्थिति पैदा हुई।
पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद दोनों पक्षों को अलग किया गया। बाद में पूर्व चेयरमैन, ABVP पदाधिकारी और वार्ड सभासद समेत अन्य लोगों ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई। इसके बाद लिखित सुलह-समझौता हुआ।
SDM आकांक्षा गुप्ता और कॉलेज प्राचार्य ने मामले को बाहरी लोगों और गलतफहमी से जुड़ा बताया है। फिलहाल प्रशासन के अनुसार स्थिति शांत है।
FAQs
बाराबंकी के पीजी कॉलेज में विवाद क्यों हुआ?
रिपोर्ट के अनुसार तिरंगा यात्रा के दौरान ‘जय श्रीराम’ के नारे को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद शिक्षक-कर्मचारी और ABVP कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
विवाद कहां हुआ?
घटना पीजी कॉलेज रामनगर, बाराबंकी में हुई।
क्या मामला मारपीट तक पहुंचा?
हां। रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई।
क्या पुलिस मौके पर पहुंची थी?
हां। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
क्या दोनों पक्षों में समझौता हुआ?
हां। रिपोर्ट के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लिखित सुलह-समझौता कराया गया।
SDM ने घटना के बारे में क्या कहा?
SDM आकांक्षा गुप्ता ने बताया कि कॉलेज कर्मचारियों और कुछ बाहरी लोगों के बीच कहासुनी हुई थी और बाद में दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया।
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