मेरठ की डॉ. खुशाली की मौत का मामला: पति और ससुर गिरफ्तार, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में महिला चिकित्सक डॉ. खुशाली की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने उनके पति मयंक चौधरी और ससुर, सेवानिवृत्त दरोगा हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। डॉ. खुशाली का शव 16 अगस्त को पल्लवपुरम फेस-2 की सर्विस रोड स्थित उनके क्लीनिक के ऊपर बने कमरे में मिला था। मामले में मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
🚨 क्लीनिक के कमरे में मिला था डॉक्टर का शव
जानकारी के अनुसार, डॉ. खुशाली 16 अगस्त की सुबह करीब 6:23 बजे अपने घर से क्लीनिक के लिए निकली थीं। कुछ समय बाद परिवार ने उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद उनके भाई रजत और परिवार के अन्य सदस्य क्लीनिक पहुंचे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खोलने पर डॉ. खुशाली का शव पंखे से लटका मिला। परिवार की ओर से यह भी दावा किया गया कि उनके दोनों हाथ आगे की ओर बंधे हुए थे।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
⚖️ पति और ससुर गिरफ्तार
मामले में डॉ. खुशाली के पिता जगदेव सिंह की तहरीर पर पति मयंक, सास निर्मला, ससुर हरेंद्र सिंह, देवर निशांत और देवरानी के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई।
इसके बाद पुलिस ने देर रात पति मयंक चौधरी और ससुर हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब आरोपों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है।
💊 परिवार का आरोप—खाने में नशीला पदार्थ दिया जाता था
डॉ. खुशाली के पिता और भाई ने पति मयंक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि शादी के बाद मयंक कथित तौर पर खुशाली के खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ मिलाकर देता था।
परिजनों के मुताबिक, इसके बाद खुशाली अक्सर काफी नींद में रहती थीं और कई बार उनके मुंह से झाग भी आने की बात सामने आई।
हालांकि, ये परिवार द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के जरिए होनी बाकी है।
💰 बेटी के नाम पर 15 लोन लेने का आरोप
परिवार ने आर्थिक उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है।
डॉ. खुशाली के पिता के मुताबिक, उनकी बेटी के नाम पर करीब 12 लाख रुपये के 15 लोन लिए गए थे। परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद मयंक की ओर से मायके से पांच लाख रुपये अतिरिक्त लाने का दबाव बनाया जा रहा था।
परिवार ने यह भी बताया कि लोन से जुड़े दस्तावेजों पर खुशाली से हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया जाता था।
📱 आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी का आरोप
मायके पक्ष ने पति पर एक और गंभीर आरोप लगाया है।
परिवार के अनुसार, अगर खुशाली अतिरिक्त रकम नहीं लाती थीं तो उन्हें उनकी कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती थी।
पुलिस अब इन आरोपों की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस संबंध में कोई डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध है या नहीं।
💍 जनवरी 2026 में हुई थी शादी
रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. खुशाली की शादी 14 जनवरी 2026 को मयंक चौधरी से हुई थी।
परिवार का कहना है कि शादी के बाद वह कुछ महीनों तक ससुराल में रहीं। बाद में पति के कथित मारपीट और उत्पीड़न से परेशान होकर वह अपने मायके चली गई थीं।
परिजनों के अनुसार, 29 जुलाई के बाद वह मायके में रह रही थीं।
📄 पति पर चेक बाउंस के मामले भी बताए गए
खुशाली के पिता और भाई ने पुलिस को बताया कि मयंक के खिलाफ काशीपुर और सोनीपत में चेक बाउंस के मामले भी दर्ज हैं।
मयंक के बारे में यह भी बताया गया है कि वह BAMS चिकित्सक है, लेकिन वर्तमान में कहीं नौकरी नहीं करता था। उसके पिता हरेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा पद से सेवानिवृत्त बताए गए हैं।
इन मामलों का डॉ. खुशाली की मौत से क्या संबंध है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
🔬 पोस्टमार्टम में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदा लगने से मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि मौत का अंतिम कारण स्पष्ट करने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।
यानी पोस्टमार्टम में फंदे से मौत की पुष्टि होने के बावजूद मामले से जुड़े अन्य आरोपों और परिस्थितियों की जांच अभी जारी है।
🎥 CCTV फुटेज भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, घटनास्थल के बाहर लगे एक अस्पताल का कैमरा खराब मिला। इसके बाद पुलिस आसपास के अन्य CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
जांचकर्ताओं के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि डॉ. खुशाली के क्लीनिक पहुंचने के बाद वहां कौन-कौन आया था और घटना से पहले तथा बाद में क्या गतिविधियां हुईं।
🔎 जांच में अब किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं?
पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं:
- डॉ. खुशाली की मौत की परिस्थितियां वास्तव में क्या थीं?
- उनके हाथ बंधे होने की बात की पुष्टि किस साक्ष्य से होती है?
- क्या उन्हें नशीला पदार्थ दिया जाता था?
- कथित 15 लोन की वास्तविक स्थिति क्या है?
- पांच लाख रुपये की मांग के आरोप की क्या पुष्टि होती है?
- आपत्तिजनक वीडियो के संबंध में कोई डिजिटल सबूत है या नहीं?
- घटना के समय क्लीनिक पर कौन मौजूद था?
- CCTV फुटेज में क्या सामने आता है?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
⚠️ मामले में अभी जांच जारी
डॉ. खुशाली की मौत को लेकर परिवार की ओर से लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। पुलिस ने पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन आरोप साबित होना अभी बाकी है।
कानूनी रूप से किसी आरोपी को दोषी तभी माना जाएगा जब अदालत में आरोप सिद्ध हों। फिलहाल पुलिस साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
📌 पूरी खबर एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| 📍 स्थान | मेरठ, उत्तर प्रदेश |
| 👩⚕️ मृतका | डॉ. खुशाली |
| उम्र | 26 वर्ष |
| 💍 शादी | 14 जनवरी 2026 |
| 🏥 घटना | अपने क्लीनिक में मौत |
| 👨 आरोपी पति | मयंक चौधरी |
| 👴 आरोपी ससुर | हरेंद्र सिंह, सेवानिवृत्त दरोगा |
| ⚖️ केस | दहेज हत्या की FIR |
| 🚔 गिरफ्तारी | पति और ससुर |
| 💰 परिवार का आरोप | करीब 12 लाख के 15 लोन |
| 💊 अन्य आरोप | खाने में नशीला पदार्थ देने का दावा |
| 📱 अन्य आरोप | आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी |
| 🔬 पोस्टमार्टम | फंदे से मौत की पुष्टि |
| 🔎 जांच | CCTV, विसरा और अन्य साक्ष्यों की जांच |
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