वृंदावन में निर्माणाधीन मॉल की शटरिंग भरभराकर गिरी, 3 मजदूरों की मौत; एक गंभीर
मथुरा/वृंदावन: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में शुक्रवार को एक दर्दनाक निर्माण हादसा हो गया। रुक्मणि विहार स्थित निर्माणाधीन ओमेक्स के ‘वृंदावन कोर्टयार्ड मॉल’ में छत और छज्जे की ढलाई के दौरान अचानक शटरिंग और निर्माण सामग्री भरभराकर नीचे गिर गई। हादसे की चपेट में चार मजदूर आ गए। इलाज के दौरान तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है।
🚨 ढलाई के दौरान अचानक गिरी शटरिंग
जानकारी के अनुसार, रुक्मणि विहार में निर्माणाधीन मॉल में रात के समय छत और छज्जे की ढलाई का काम चल रहा था। इसी दौरान शटरिंग का ढांचा अचानक ढह गया और उसके साथ निर्माण सामग्री भी नीचे आ गिरी।
हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला। चार मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद अन्य मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।
🏗️ चार मजदूर मलबे में दबे
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
चारों मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती जानकारी में एक मजदूर की मौके पर मौत की बात सामने आई थी, जबकि अन्य घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। बाद में उपचार के दौरान दो और मजदूरों ने दम तोड़ दिया।
🕯️ तीन मजदूरों की मौत
पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी आलम, रिफ्यूल और नेपाल निवासी शिवराम के रूप में हुई है।
वहीं पश्चिम बंगाल निवासी 45 वर्षीय दिलदार गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें बेहतर उपचार के लिए आगरा रेफर किया गया है।
🚑 अस्पताल पहुंचाए गए घायल
हादसे के बाद घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए घायल मजदूर को आगे के इलाज के लिए आगरा भेजा गया।
प्रशासन और पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य पूरा किया और मामले की जांच शुरू कर दी।
⚠️ निर्माण कंपनी पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद मृतक मजदूरों के परिजनों ने निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिजनों ने हादसे की निष्पक्ष जांच के साथ पीड़ित परिवारों के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह आरोप फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। निर्माण कंपनी की वास्तविक जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी।
🏢 कंपनी प्रबंधन ने क्या बताया?
ओमेक्स के जनरल मैनेजर आरके जैन ने हादसे पर दुख जताया। उनके अनुसार, रात करीब 8 बजे से सुबह तक ढलाई का काम चल रहा था और उस समय मौके पर लगभग 10 से 12 मजदूर काम कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि हादसे में चार मजदूर इसकी चपेट में आए, जिनमें से तीन की मौत हो गई।
🏗️ 7 अगस्त से शुरू हुआ था निर्माण कार्य
कंपनी प्रबंधन के अनुसार, इस मॉल का निर्माण कार्य 7 अगस्त 2026 से शुरू हुआ था।
परियोजना में दो बेसमेंट, एक लोअर फ्लोर और ग्राउंड प्लस सात मंजिल की इमारत का निर्माण प्रस्तावित बताया गया है।
इतने बड़े निर्माण प्रोजेक्ट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।
🔎 हादसे की वजह क्या थी?
फिलहाल पुलिस जांच कर रही है कि शटरिंग आखिर किस वजह से गिरी।
जांच में कई पहलुओं को देखा जा सकता है, जैसे:
- शटरिंग की मजबूती
- ढलाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था
- निर्माण सामग्री का भार
- मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण
- निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन
- शटरिंग लगाने और ढलाई की तकनीकी प्रक्रिया
हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
👷 निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल
वृंदावन की यह घटना एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है।
निर्माण कार्य के दौरान शटरिंग, स्कैफोल्डिंग और भारी सामग्री से जुड़े जोखिम काफी गंभीर होते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन और नियमित तकनीकी निरीक्षण बेहद महत्वपूर्ण होता है।
अब प्रशासन की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि हादसा तकनीकी कारणों से हुआ या सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी थी।
🏛️ CM योगी ने लिया हादसे का संज्ञान
हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मृतक मजदूरों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायल मजदूर का समुचित इलाज सुनिश्चित करने और मृतकों के परिजनों से संवाद कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
👮 पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
अब जांच के आधार पर यह तय किया जाएगा कि हादसे के लिए किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
📌 पूरी खबर एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| स्थान | रुक्मणि विहार, वृंदावन |
| जिला | मथुरा, उत्तर प्रदेश |
| प्रोजेक्ट | वृंदावन कोर्टयार्ड मॉल |
| निर्माण कंपनी | ओमेक्स |
| हादसा | शटरिंग और निर्माण सामग्री गिरना |
| चपेट में आए | 4 मजदूर |
| मृतक | 3 |
| गंभीर घायल | 1 |
| मृतकों में | पश्चिम बंगाल के 2, नेपाल का 1 |
| घायल | पश्चिम बंगाल निवासी 45 वर्षीय दिलदार |
| निर्माण शुरू | 7 अगस्त 2026 |
| परिजनों की मांग | ₹50 लाख मुआवजा |
| जांच | पुलिस/प्रशासन द्वारा जारी |
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