Ayodhya Ram Mandir: चढ़ावे की गिनती की निगरानी का आदेश मिलते ही कर्मचारी ने दिया इस्तीफा, WhatsApp पर भेजा रिजाइन
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की गणना की निगरानी के लिए तैनात किए गए ट्रस्ट के एक कर्मचारी ने ड्यूटी का आदेश मिलने के साथ ही इस्तीफा दे दिया। विजय पाठक नाम के कर्मचारी ने WhatsApp के जरिए राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन को अपना इस्तीफा भेजा। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से उन्हें औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए ईमेल के जरिए इस्तीफा भेजने और मंदिर से संबंधित प्रवेश पत्र व अन्य सामान जमा करने को कहा गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राम मंदिर में चढ़ावे की गणना और उससे जुड़े रिकॉर्ड की व्यवस्था को लेकर जांच चल रही है। चढ़ावा मामले में जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों के बीच चिंता की स्थिति होने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है।
चढ़ावे की निगरानी के लिए दो कर्मचारियों की नियुक्ति
रिपोर्ट के अनुसार राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने गुरुवार को चढ़ावे की गणना की निगरानी के लिए दो कर्मचारियों की नियुक्ति की थी।
इनमें अमित कुमार ने अपनी जिम्मेदारी संभाल ली, जबकि दूसरे कर्मचारी विजय पाठक ने नियुक्ति का आदेश मिलते ही इस्तीफा दे दिया। विजय पाठक ने अपना इस्तीफा WhatsApp के माध्यम से भेजा था।
ट्रस्ट की ओर से WhatsApp पर भेजे गए इस्तीफे को औपचारिक रूप से स्वीकार करने के बजाय कर्मचारी को ईमेल के माध्यम से इस्तीफा देने के निर्देश दिए गए हैं।
छह कर्मचारियों में से चार ने संभाला काम
रिपोर्ट में बताया गया है कि चढ़ावे की गणना की निगरानी के लिए कुल छह कर्मचारियों को तैनात किया गया था।
इनमें से अब तक चार कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। एक कर्मचारी ने अभी आदेश का पालन नहीं किया है, जबकि विजय पाठक ने नियुक्ति के साथ ही इस्तीफा दे दिया।
इस स्थिति ने राम मंदिर में चढ़ावे की गणना की निगरानी से जुड़ी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
चढ़ावा मामले की जांच के बीच कर्मचारियों में चिंता
Live Hindustan की रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद कर्मचारियों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ कर्मचारी गणना स्थल के आसपास ड्यूटी करने से भी बच रहे हैं। शुरुआती दिनों में निगरानी व्यवस्था के लिए रिटायर्ड सैन्यकर्मियों की सेवाएं लेने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, कर्मचारियों के इस्तीफे या ड्यूटी से दूरी बनाने के व्यक्तिगत कारणों को लेकर अलग-अलग परिस्थितियां हो सकती हैं। इसलिए इसे किसी एक कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा।
फिलहाल बैंक प्रबंधन के हाथ में व्यवस्था
रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल चढ़ावे की गणना से जुड़ी व्यवस्था का बड़ा हिस्सा बैंक प्रबंधन ने अपने हाथ में ले लिया है।
राम मंदिर ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच हुए समझौते तथा तैयार किए गए SOP के अनुसार भी इस व्यवस्था में बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका निर्धारित की गई थी।
अब जांच और निगरानी की स्थिति में बैंक तथा ट्रस्ट दोनों के सामने रिकॉर्ड और प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने की चुनौती है।
चढ़ावा मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में
रिपोर्ट में बताया गया है कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा मामले की जांच फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है। ऐसे माहौल में ट्रस्ट के कर्मचारियों की भूमिका और निगरानी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हो गई है।
ट्रस्ट की ओर से कुछ कर्मचारियों को उनके ड्यूटी आदेश का पालन नहीं करने पर सवाल-जवाब के लिए नोटिस दिए जाने की बात भी सामने आई है।
राम मंदिर में करीब एक दर्जन एजेंसियां कर रहीं काम
राम मंदिर परिसर में केवल चढ़ावे की गणना से संबंधित कर्मचारी ही नहीं, बल्कि कई अलग-अलग सेवाओं के लिए एजेंसियां भी काम कर रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक सफाई, सीवरेज और ड्रेनेज जैसी विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए करीब एक दर्जन एजेंसियां मानव संसाधन उपलब्ध करा रही हैं। इनमें बड़ी कंपनियों के साथ छोटी एजेंसियां भी शामिल हैं।
इन एजेंसियों के कर्मचारियों की वेतन व्यवस्था और ट्रस्ट से भुगतान की प्रक्रिया भी अलग-अलग तरीके से संचालित होती है।
कुछ एजेंसियों में वेतन भुगतान की समस्या
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं में काम करने वाली कुछ एजेंसियों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
कुछ कंपनियां अपने संसाधनों से कर्मचारियों को वेतन देती हैं और बाद में ट्रस्ट से भुगतान प्राप्त करती हैं। वहीं कुछ एजेंसियां अन्य स्रोतों से रकम जुटाकर कर्मचारियों का भुगतान करती हैं और ट्रस्ट से भुगतान मिलने का इंतजार करती हैं।
सफाई व्यवस्था से जुड़ी एक एजेंसी के कर्मचारियों का अप्रैल, मई, जून और जुलाई का वेतन बकाया होने का दावा भी रिपोर्ट में किया गया है।
इस्तीफे के बाद अब क्या होगा?
विजय पाठक के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट की ओर से उन्हें औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है। WhatsApp पर भेजे गए पत्र के स्थान पर ईमेल के जरिए इस्तीफा भेजने और प्रवेश पत्र सहित अन्य संबंधित सामान जमा कराने को कहा गया है।
अब यह देखना होगा कि उनकी जगह किसी दूसरे कर्मचारी की नियुक्ति की जाती है या मौजूदा टीम के जरिए निगरानी व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाता है।
चढ़ावे की गणना में निगरानी क्यों महत्वपूर्ण?
राम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और चढ़ावे के रूप में नकदी के साथ अन्य वस्तुएं भी प्राप्त होती हैं। ऐसे में गिनती, रिकॉर्ड तैयार करने, सुरक्षित रखने और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण है।
जांच के मौजूदा माहौल में किसी भी स्तर पर रिकॉर्ड और वास्तविक राशि के बीच अंतर की स्थिति को गंभीरता से देखा जाना स्वाभाविक है।
इसी वजह से निगरानी करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति और उनकी जिम्मेदारियां भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
जांच के बीच बढ़ी जवाबदेही की जरूरत
चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट और बैंकिंग व्यवस्था दोनों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किस स्तर तक हुआ और कहीं कोई कमी रही या नहीं।
हालांकि, किसी व्यक्ति या संस्था पर जिम्मेदारी तय करने से पहले जांच के निष्कर्ष और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।
आगे की तस्वीर जांच से होगी साफ
विजय पाठक का इस्तीफा इस पूरे घटनाक्रम में एक नया पहलू जरूर जोड़ता है, लेकिन इस्तीफा देने के पीछे उनका व्यक्तिगत कारण क्या था, इसकी विस्तृत जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
इसलिए यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि उन्होंने किसी विशेष विवाद या आरोप के कारण ही इस्तीफा दिया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने ड्यूटी का आदेश मिलने के साथ इस्तीफा भेजा और ट्रस्ट ने उन्हें औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।
निष्कर्ष
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की गणना की निगरानी के लिए नियुक्त ट्रस्ट कर्मचारी विजय पाठक ने ड्यूटी का आदेश मिलने के साथ ही इस्तीफा दे दिया। उन्होंने WhatsApp के जरिए अपना इस्तीफा भेजा, जिसके बाद ट्रस्ट ने उन्हें ईमेल के माध्यम से औपचारिक इस्तीफा देने और प्रवेश पत्र समेत संबंधित सामान जमा करने के निर्देश दिए।
छह कर्मचारियों में से चार के कार्यभार संभालने और एक अन्य के आदेश का पालन नहीं करने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच के बीच फिलहाल बैंक प्रबंधन द्वारा व्यवस्था संभाले जाने की बात कही गई है।
अब इस मामले में आगे की प्रशासनिक व्यवस्था और जांच के निष्कर्ष पर नजर रहेगी।
FAQs
राम मंदिर में किस कर्मचारी ने इस्तीफा दिया?
चढ़ावे की गणना की निगरानी के लिए नियुक्त विजय पाठक ने इस्तीफा दिया है।
विजय पाठक ने इस्तीफा कैसे भेजा?
उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन को WhatsApp के जरिए इस्तीफा भेजा। बाद में उन्हें ईमेल के माध्यम से औपचारिक इस्तीफा देने के लिए कहा गया।
चढ़ावे की निगरानी के लिए कितने कर्मचारी नियुक्त किए गए थे?
रिपोर्ट के अनुसार कुल छह कर्मचारियों को निगरानी के लिए तैनात किया गया था। इनमें चार ने कार्यभार संभाल लिया है।
क्या चढ़ावे के मामले की जांच चल रही है?
हां। रिपोर्ट के अनुसार चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच चल रही है और मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है।
फिलहाल चढ़ावे की व्यवस्था कौन संभाल रहा है?
रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल बैंक प्रबंधन ने व्यवस्था अपने हाथों में ले ली है।
Leave a Reply