कानपुर/दिल्ली: ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही स्लीपर बस में नाबालिग छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार आरोपी संदीप मूल रूप से कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र का रहने वाला है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, संदीप करीब चार साल से अपने भाइयों के साथ दिल्ली में रह रहा था और वहीं स्लीपर बस में परिचालक के रूप में काम करता था। उसके गांव में रहने वाले माता-पिता को उसके खिलाफ लगे आरोपों की जानकारी पुलिस के पहुंचने तक नहीं थी।
कानपुर के गांव का रहने वाला है आरोपी संदीप
पुलिस जांच के दौरान आरोपी की पहचान कानपुर जिले के घाटमपुर इलाके के कटरी गांव निवासी संदीप के रूप में हुई है। वह दिल्ली में स्लीपर बस में परिचालक का काम करता था।
रिपोर्ट के अनुसार, संदीप कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के लाडपुर निवासी कुलदीप के साथ काम करता था। दोनों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
चार साल से दिल्ली में रह रहा था
संदीप के परिवार के बारे में सामने आई जानकारी के मुताबिक, वह अपने दो भाइयों के साथ करीब चार-पांच साल से दिल्ली में रह रहा था। तीनों भाई अलग-अलग काम करते थे।
संदीप अविवाहित बताया गया है। उसके माता-पिता कानपुर के गांव में रहते हैं, जबकि उसकी बहन भी दिल्ली में रहने की जानकारी सामने आई है।
पिता बोले- बेटा ऐसा कर ही नहीं सकता
पुलिस जब संदीप के गांव पहुंची तो उसके पिता श्याम बाबू ने आरोपों पर हैरानी जताई। रिपोर्ट के मुताबिक, पिता ने कहा कि उन्हें बेटे पर लगे आरोपों की जानकारी नहीं थी।
उन्होंने आरोपों पर विश्वास न करते हुए कहा कि उनका बेटा ऐसा नहीं कर सकता और उस पर गलत आरोप लगाया गया है। हालांकि, मामले में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, यह घटना 4 अगस्त 2026 की रात ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली एक स्लीपर बस में हुई।
एक नाबालिग छात्रा बस से नोएडा की ओर जा रही थी। आरोप है कि बस में चालक और परिचालक ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। मामले की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बताई जा रही बस को भी कब्जे में लिया है।
छात्रा घर से निकली थी
रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा पढ़ाई को लेकर मां की डांट से नाराज होकर घर से निकली थी। उसका उद्देश्य नोएडा सेक्टर-63 में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर जाना था।
इसी दौरान उसने ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जाने वाली स्लीपर बस ली। आगे की घटना को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस अब घटना से जुड़े सभी तथ्यों, बस में मौजूद परिस्थितियों और आरोपों की जांच कर रही है। बस को भी जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
आरोपी के परिवार से भी पूछताछ
संदीप के गांव पहुंची पुलिस ने उसके परिवार और स्थानीय लोगों से उसके बारे में जानकारी जुटाई। परिवार के मुताबिक, संदीप लंबे समय से दिल्ली में रहकर काम कर रहा था।
इससे पुलिस को आरोपी के दिल्ली में रहने, काम करने और उसके संपर्कों से संबंधित जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है।
सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
चलती बस में नाबालिग छात्रा के साथ कथित अपराध की घटना ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
खासकर स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा, CCTV निगरानी, चालक-परिचालक के सत्यापन और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था की क्या कमी रही और घटना को कैसे अंजाम दिया गया, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही
चूंकि मामले में पीड़िता नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान, परिवार की पहचान या ऐसी कोई जानकारी साझा करना उचित नहीं है जिससे उसकी पहचान उजागर हो सकती है।
सार्वजनिक रिपोर्टों में उसकी उम्र को लेकर भी अलग-अलग उल्लेख दिखाई देता है, इसलिए यहां उसे नाबालिग छात्रा के रूप में ही संदर्भित किया जा रहा है।