Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के डिडौरी और मंगूपुरा गांवों में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण का असर अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में दिखाई देने लगा है। गांवों में नियमित साफ-सफाई, सामुदायिक शौचालयों के इस्तेमाल, फॉगिंग और पक्की सड़कों जैसी सुविधाओं ने ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाया है।
जहां पहले ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई और आवागमन को लेकर परेशानियां सामने आती थीं, वहीं अब इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार देखने को मिल रहा है।
डिडौरी गांव में नियमित होती है सफाई
मुरादाबाद के डिडौरी गांव में सामुदायिक शौचालय की नियमित साफ-सफाई की जा रही है। यहां आने वाले ग्रामीणों के लिए शौचालय को उपयोग के लायक बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सामुदायिक शौचालय की केयरटेकर प्रीति के मुताबिक, गांव में काफी लोग इसका इस्तेमाल करने आते हैं और इसकी साफ-सफाई नियमित रूप से की जाती है।
गांव में बनी पक्की सड़क से किसानों को भी फायदा हुआ है। खेतों तक आने-जाने में सुविधा होने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की मुश्किलें कम हुई हैं।
मंगूपुरा में सफाई व्यवस्था पर जोर
मंगूपुरा गांव में भी स्वच्छता को लेकर नियमित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। गांव की सड़कों पर सफाई व्यवस्था बेहतर नजर आई और सफाई कर्मचारी नियमित रूप से काम करते दिखाई दिए।
सफाई कर्मचारी हरचरण ने बताया कि वह शासन और प्रशासन के निर्देशों के अनुसार गांव में सफाई करते हैं। उनका कहना है कि गांव में कहीं भी गंदगी जमा न हो, इस पर लगातार ध्यान दिया जाता है।
फॉगिंग से मच्छरों पर नियंत्रण की कोशिश
मंगूपुरा के ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में समय-समय पर फॉगिंग भी कराई जाती है। इससे मच्छरों और उनसे होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिल रही है।
ग्रामीण समरपाल सिंह ने बताया कि गांव में अब नियमित रूप से सफाई होती है और सामुदायिक शौचालयों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके मुताबिक पहले कुछ स्थानों पर गंदगी की समस्या रहती थी, लेकिन अब स्थिति में काफी सुधार आया है।
पक्की सड़कों से ग्रामीणों को बड़ी राहत
मंगूपुरा गांव में पक्की सड़कों का निर्माण भी ग्रामीणों के लिए बड़ी सुविधा साबित हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार अब गांव में कच्ची सड़कें नहीं बची हैं।
पक्की सड़क बनने से लोगों को आने-जाने में आसानी हुई है। किसानों को भी खेतों तक पहुंचने और कृषि से जुड़े कामों के लिए आवागमन में सुविधा मिल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता के साथ सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार से गांव की तस्वीर पहले की तुलना में बेहतर हुई है।
स्वच्छ भारत मिशन का ग्रामीण जीवन पर असर
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण का उद्देश्य सिर्फ शौचालय निर्माण तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार के अनुसार SBM-G Phase II में ODF स्थिति को बनाए रखने के साथ गांवों को ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं से लैस कर ODF Plus मॉडल गांवों की दिशा में आगे बढ़ाना भी शामिल है।
मुरादाबाद के डिडौरी और मंगूपुरा गांवों में सफाई, सामुदायिक शौचालय, फॉगिंग और पक्की सड़कों पर जोर इसी व्यापक ग्रामीण विकास की तस्वीर दिखाता है।
ग्रामीणों ने बताया बदलाव का अनुभव
ग्रामीणों के मुताबिक नियमित सफाई और बेहतर सड़क व्यवस्था से गांव में रहने और आने-जाने का अनुभव बेहतर हुआ है। सामुदायिक शौचालयों के इस्तेमाल और साफ-सफाई पर ध्यान देने से स्वच्छता को लेकर भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है।
डिडौरी और मंगूपुरा की तस्वीर यह बताती है कि ग्रामीण विकास केवल बड़े निर्माण कार्यों से नहीं, बल्कि रोजाना की सफाई, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं और बेहतर आवागमन जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं से भी लोगों के जीवन में बदलाव ला सकता है।