Friday, 04 September 2026
होम DBN Samachar अखिलेश यादव का सहारनपुर दौरा: जयंत चौधरी की रैली से पहले 2027 की तैयारी तेज, सामाजिक समीकरण साधने पर जोर
DBN Samachar

अखिलेश यादव का सहारनपुर दौरा: जयंत चौधरी की रैली से पहले 2027 की तैयारी तेज, सामाजिक समीकरण साधने पर जोर

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
3 September 2026 1:06 PM 1 मिनट पठन 1166 Views
अखिलेश यादव सहारनपुर में 2027 चुनाव की रणनीति को लेकर नेताओं से मुलाकात करते हुए

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को सहारनपुर का दौरा किया। यह दौरा ऐसे समय हुआ जब राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जयंत चौधरी की रामपुर मनिहारान में 3 सितंबर को प्रस्तावित स्वाभिमान रैली की तैयारियां चल रही थीं।

अखिलेश यादव के दौरे को केवल संगठनात्मक बैठक या कार्यकर्ताओं से मुलाकात तक सीमित नहीं माना जा रहा है। उनके कार्यक्रम में अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं से मुलाकात और सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा प्रमुख रही। इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी में पार्टी की जमीन मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

मंदिर में पूजा के बाद नेताओं से मुलाकात

अखिलेश यादव ने अपने दौरे की शुरुआत स्टेट बैंक कॉलोनी स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना से की। इसके बाद उन्होंने सपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तथा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर उनका उत्साह बढ़ाया।

इसके बाद अखिलेश यादव सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसैन और चौधरी इंद्रसैन के आवास पहुंचे। बाद में उन्होंने पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान से भी मुलाकात की। इसके अलावा वह पूर्व विधायक मनोज चौधरी और पूर्व राज्य मंत्री विनोद तेजियान के घर भी पहुंचे। यानी एक ही दिन में कई प्रमुख नेताओं के घर जाकर उन्होंने पार्टी के अलग-अलग समूहों के साथ संपर्क मजबूत करने का प्रयास किया।

सामाजिक समीकरण पर खास नजर

अखिलेश यादव के इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पहलू सामाजिक समीकरण माना जा रहा है। चौधरी रुद्रसैन और चौधरी इंद्रसैन के यहां पहुंचने को किसान, हिंदू और पिछड़े वर्गों से जुड़े राजनीतिक आधार के लिहाज से देखा जा रहा है। वहीं पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान से मुलाकात के जरिए मुस्लिम मतदाताओं के बीच पार्टी के आधार को मजबूत रखने का संदेश माना जा रहा है।

पश्चिमी यूपी में चुनावी राजनीति में अलग-अलग सामाजिक समूहों का समर्थन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में अखिलेश का एक ही दिन में अलग-अलग नेताओं के यहां पहुंचना 2027 के लिए संगठन और सामाजिक आधार दोनों को साधने की कोशिश का संकेत देता है।

सहारनपुर की सात विधानसभा सीटों पर टिकट की दौड़

2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सहारनपुर की सभी सात विधानसभा सीटों पर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। सपा में टिकट के संभावित दावेदार भी सक्रिय नजर आ रहे हैं और शहर में पोस्टर-होर्डिंग के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।

अखिलेश यादव का प्रमुख नेताओं के घर जाना और कार्यकर्ताओं से संवाद करना संभावित प्रत्याशियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी तरफ जयंत चौधरी की रैली के कारण पश्चिमी यूपी में गठबंधन और सीटों के संभावित समीकरणों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो सकती हैं।

जयंत चौधरी की रैली से पहले क्यों महत्वपूर्ण है दौरा?

जयंत चौधरी की स्वाभिमान रैली 3 सितंबर को सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में प्रस्तावित है। रैली के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं और आयोजकों के मुताबिक करीब 50 हजार लोगों की क्षमता वाला पंडाल तैयार किया गया है। इसे पश्चिमी यूपी में रालोद के शक्ति प्रदर्शन और 2027 की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

ऐसे समय में अखिलेश यादव का एक दिन पहले सहारनपुर पहुंचना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इससे सपा और रालोद के बीच संभावित राजनीतिक समीकरणों, सीटों की दावेदारी और पश्चिमी यूपी में दोनों दलों के प्रभाव को लेकर चर्चा और बढ़ सकती है।

2022 के चुनाव को लेकर अखिलेश का बड़ा दावा

सहारनपुर दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि उस समय चुनाव में बेईमानी नहीं हुई होती तो नकुड़ सीट से सपा प्रत्याशी धर्म सिंह सैनी विधायक होते। उन्होंने अन्य क्षेत्रों में भी सपा प्रत्याशियों को हराए जाने का आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।

युवाओं, महंगाई और बिजली का मुद्दा

अखिलेश यादव ने 2027 के लिए अपनी पार्टी के संभावित मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर युवाओं की शिक्षा और रोजगार पर काम किया जाएगा। साथ ही बिजली सस्ती करने और महंगाई पर नियंत्रण की बात कही।

उन्होंने सहारनपुर में बंद हुए कारोबार और अमेरिकी पाबंदियों से प्रभावित कारोबार तथा खेती को सुधारने की बात भी कही। अखिलेश ने कहा कि 2027 में सरकार बनाने में सहारनपुर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

गन्ना किसानों के लिए 24 घंटे में भुगतान का वादा

पश्चिमी यूपी की राजनीति में किसान और गन्ना भुगतान बड़ा मुद्दा रहा है। अखिलेश यादव ने सहारनपुर दौरे के दौरान कहा कि यदि सपा की सरकार बनती है तो गन्ना किसानों का भुगतान 24 घंटे के भीतर करने की कोशिश की जाएगी और भुगतान में 48 घंटे से ज्यादा समय नहीं लगेगा। उन्होंने गन्ने के साथ एथनॉल उत्पादन और चीनी की कीमतों से जुड़े मुद्दे भी उठाए।

रैली स्थगित होने पर भी बोले अखिलेश

अखिलेश यादव ने अपनी पूर्व प्रस्तावित 6 सितंबर की दिल्ली रोड रैली स्थगित होने पर भी सफाई दी। उनके मुताबिक मौसम विभाग की ओर से बारिश की संभावना को देखते हुए रैली स्थगित की गई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को लगता है कि रैली उनके कारण टली है तो वह अपनी रैली कर सकता है और भीड़ की तुलना की जा सकती है।

सरसावा एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत

अखिलेश यादव सरसावा एयरपोर्ट पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उनके साथ सांसद इकरा हसन तथा विधायक आशु मलिक और अतुल प्रधान के आने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है। इसके बाद उनका काफिला विभिन्न मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थलों तक पहुंचा।

प्रतिक्रिया दें (Leave a Reply)

आपका ईमेल पता सुरक्षित है और प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *