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गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा, एडिशनल प्रॉक्टर को दौड़ाया; पुलिस के वायरल वीडियो से मचा बवाल

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
9 September 2026 2:51 PM 1 मिनट पठन 111 Views
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा, एडिशनल प्रॉक्टर को दौड़ाया; पुलिस के वायरल वीडियो से मचा बवाल

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को अचानक हंगामे में बदल गया। प्रशासनिक भवन के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों और विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि कुछ छात्रों ने प्रॉक्टर को दौड़ा लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

विवाद के दौरान विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्डों और पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और प्रॉक्टर को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के बाद छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तनाव और बढ़ गया है।

मांगों को लेकर कई दिनों से चल रहा था आंदोलन

गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन 25 अगस्त से चल रहा है। छात्र विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के सामने धरना दे रहे थे। इसके बाद 5 सितंबर से आंदोलन को भूख हड़ताल में बदल दिया गया।

छात्र नेता सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह सहित अन्य छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

छात्रों की प्रमुख शिकायतों में छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के बावजूद छात्रसंघ शुल्क लिए जाने, डिग्री और मार्कशीट के नाम पर कथित वसूली की जांच तथा छात्रावासों में मेस और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति सुधारने जैसी मांगें शामिल बताई गई हैं।

बातचीत के दौरान बिगड़ा माहौल

मंगलवार 8 सितंबर की दोपहर एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय छात्रों से बातचीत करने और उनकी भूख हड़ताल खत्म कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर पहुंचे थे।

छात्रों ने उनके सामने अपनी मांगें रखीं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। बातचीत के दौरान बहस बढ़ गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद छात्रों का एक समूह प्रॉक्टर की तरफ बढ़ा और उन्हें वहां से निकलना पड़ा।

वायरल वीडियो में प्रॉक्टर को सुरक्षा गार्डों और पुलिसकर्मियों के साथ वहां से बाहर जाते देखा जा सकता है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक छात्रों ने उन्हें दौड़ाया, जबकि सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

पुलिसकर्मी का वीडियो भी हुआ वायरल

घटना के बाद इसी विवाद से जुड़ा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर छात्रों से सख्त लहजे में बात करते दिखाई दे रहे हैं।

वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी छात्रों को बल प्रयोग की चेतावनी देते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाया जाएगा। वीडियो में उनकी ओर से “ये गोरखपुर पुलिस है” जैसी बात भी कही गई है।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम का निष्कर्ष निकालने के बजाय पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की आधिकारिक जांच का इंतजार करना जरूरी है।

प्रॉक्टर ने थाने में दी तहरीर

घटना के बाद एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय की ओर से कैंट थाने में तहरीर दिए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों और विश्वविद्यालय कर्मचारियों के बीच विवाद के दौरान स्थिति बिगड़ी थी। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

आखिर छात्रों की क्या हैं मांगें?

छात्र लंबे समय से विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं। इनमें छात्रसंघ चुनाव से जुड़े शुल्क, डिग्री-मार्कशीट प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और हॉस्टल की सुविधाओं में सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहले धरना दिया और बाद में भूख हड़ताल शुरू की। उनका आरोप है कि प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण आंदोलन आगे बढ़ा।

नए कुलपति के कार्यभार संभालने से पहले विवाद

गोरखपुर विश्वविद्यालय में यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रोफेसर कृष्ण पाल सिंह ने अभी कार्यभार नहीं संभाला है। ऐसे में नए कुलपति के आने से पहले छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बढ़ा तनाव विश्वविद्यालय के लिए चुनौती माना जा रहा है।

अब सवाल यह है कि नए कुलपति के कार्यभार संभालने के बाद क्या छात्रों की मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकेगा या आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने बढ़ाई चर्चा

एडिशनल प्रॉक्टर को छात्रों द्वारा दौड़ाए जाने और पुलिसकर्मी के कथित धमकी भरे बयान वाले वीडियो के सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।

एक तरफ छात्र अपने मुद्दों को लेकर आंदोलन को जायज बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने परिसर में अनुशासन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।

फिलहाल पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई तथा छात्रों की मांगों पर होने वाली अगली बातचीत पर सभी की नजर है।

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