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गोपाल की जन्मभूमि पर दुर्लभ अलौकिक घटना का दावा:जन्माष्टमी पर आए पूँगनूर गौवंश को दुग्धपान करा रही गौशाला की गाय,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था गौ दान

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
11 September 2026 5:26 PM 1 मिनट पठन 45031 Views
गोपाल की जन्मभूमि पर दुर्लभ अलौकिक घटना का दावा:जन्माष्टमी पर आए पूँगनूर गौवंश को दुग्धपान करा रही गौशाला की गाय,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था गौ दान

श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान का दावा है कि गोपाल की जन्मभूमि पर अलौकिक दिव्य घटना हुई है। संस्थान के सचिव के अनुसार श्री कृष्ण जन्मस्थान की गौशाला में मौजूद गाय श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर आईं पूँगनूर गायों को अपना दुग्धपान करा रही है। उन्होंने कहा यह वही गौवंश है जिनका श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर मुख्यमंत्री ने दान किया था। संस्थान सचिव के अनुसार मुख्यमंत्री ने 11 गाय दान की थीं जिनमें 2 पूँगनूर प्रजाति की गाय थीं। मुख्यमंत्री का गोपाल के प्रति भाव का प्रकटीकरण श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ महाराज ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर जो ग्यारह गाय दान की थीं, उनमें दो पुंगुरू गाय थीं। मुख्यमंत्री ने इन गायों का पूजन वैदिक मंत्रों के मध्य पूरे विधि विधान से किया था। मुख्यमंत्री ने गौमाता का पूजन कर कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर राष्ट्र और सनातन की मंगल कामना का संकल्प लिया था। कपिल शर्मा ने बताया कि गोपाल की ऐसी दिव्य गायों ने दोनों पूँगनूर गाय को अपनी संतान मान कर, अपने बछड़े के साथ प्रेमपूर्वक दुग्धपान कराना शुरू कर दिया है। संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि यह असामान्य एवं दिव्य घटना है। सामान्यतः ऐसे दर्शन दुर्लभ होते नहीं है। उन्होंने कहा आम तौर पर सामान्य गाय अपने बीच अलग तरह के जीव के साथ घुलमिल नहीं पाते। लेकिन श्री कृष्ण जन्मस्थान पर ऐसा नहीं है। यहां सभी गौ वंश एक साथ रह रहा है। दुनिया की सबसे छोटी गाय है पूँगनूर पूँगनूर गाय को दुनिया की सबसे छोटी,प्यारी और अद्भुत गाय माना जाता है। पूँगनूर गाय की संख्या भले ही कम हो लेकिन इसकी लोकप्रियता बहुत है। पूँगनूर आंध्रप्रदेश में एक जगह है। इस नस्ल को पूँगनूर शासकों द्वारा विकसित गया था। कुछ वर्ष पहले यह नस्ल खत्म होने की कगार पर थी लेकिन इस नस्ल के प्रति लोगों के लगाव ने इसकी लोकप्रियता को और अधिक बढ़ा दिया। इस गौवंश की ऊंचाई 3 से 5 फीट होती है। छोटे कद की बजह से माथा चौड़ा होता है और सींग छोटे छोटे होते हैं।

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