फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मोबाइल नेटवर्क की खराब सेवा से नाराज ग्रामीणों ने ऐसा कदम उठाया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव में ग्रामीणों ने जियो टावर के एक तकनीशियन को पकड़कर टावर परिसर में खंभे से बांध दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई शुरू कर दी। बाद में पुलिस ने इस मामले में छह ग्रामीणों को गिरफ्तार किया।
करीब दो साल से नेटवर्क की समस्या का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि हरदौली गांव में करीब दो साल पहले मोबाइल टावर लगाया गया था। टावर लगने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि मोबाइल कॉल और इंटरनेट की समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन उनकी शिकायत के मुताबिक नेटवर्क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से कॉल करने और इंटरनेट चलाने में परेशानी हो रही थी। खासकर 5G नेटवर्क को लेकर भी लोगों में नाराजगी थी। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या दूर नहीं होने से ग्रामीणों में गुस्सा बढ़ता गया।
टावर पर काम करने पहुंचा था तकनीशियन
घटना गुरुवार शाम की बताई जा रही है। जियो कंपनी के तकनीशियन आदित्य भान सिंह टावर की जांच और पावर चेक करने के लिए हरदौली गांव पहुंचे थे।
इसी दौरान कुछ ग्रामीण वहां पहुंचे और नेटवर्क की समस्या को लेकर उनसे सवाल-जवाब करने लगे। विवाद बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने तकनीशियन को पकड़ लिया और टावर परिसर में ले जाकर एक खंभे से बांध दिया।
वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों ने वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में तकनीशियन खंभे से बंधा हुआ दिखाई दे रहा है और आसपास कई लोग मौजूद नजर आते हैं।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस ने छह ग्रामीणों को गिरफ्तार किया
फतेहपुर पुलिस के मुताबिक, तकनीशियन की शिकायत के आधार पर मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने घटना से जुड़े छह ग्रामीणों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में राहुल पटेल, सूरज यादव, आलोक पटेल, योगेंद्र पटेल, आलोक यादव और सचिन पटेल शामिल हैं। उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और बाद में जमानत मिलने की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों का क्या था कहना?
ग्रामीणों का कहना था कि गांव में लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। उनका आरोप था कि टावर होने के बावजूद कॉल और इंटरनेट सेवा ठीक से काम नहीं करती।
पुलिस के मुताबिक, सामने आए वीडियो में भी ग्रामीण 5G नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने की बात करते दिखाई दे रहे थे। कुछ लोगों की मांग थी कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आएं और नेटवर्क की समस्या का समाधान करें।
तकनीशियन की शिकायत पर हुई कार्रवाई
मामले में तकनीशियन ने पुलिस को बताया कि वह टावर की तकनीकी जांच के लिए गांव पहुंचा था। वहां कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और बाद में खंभे से बांध दिया।
पुलिस ने तकनीशियन की शिकायत और वायरल वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
नेटवर्क की समस्या बनी जांच का अहम पहलू
पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ गांव में लंबे समय से चल रही नेटवर्क समस्या भी इस घटना का अहम पहलू है। ग्रामीणों की नाराजगी का कारण कथित तौर पर खराब मोबाइल कनेक्टिविटी थी, लेकिन पुलिस का फोकस अब यह तय करने पर है कि तकनीशियन को किस तरह और किन परिस्थितियों में बंधक बनाया गया।
किसी तकनीकी समस्या को लेकर शिकायत करना अलग बात है, लेकिन किसी कर्मचारी को कथित तौर पर बंधक बनाकर खंभे से बांधना कानूनन गंभीर मामला हो सकता है। इसी वजह से पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध वीडियो के आधार पर कार्रवाई की है।
क्या है पूरा मामला?
फतेहपुर के हरदौली गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर ग्रामीण लंबे समय से नाराज बताए जा रहे थे। गुरुवार को जियो टावर का तकनीशियन गांव पहुंचा तो कुछ ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और टावर परिसर में खंभे से बांध दिया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और मामले में मुकदमा दर्ज कर छह लोगों को गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है।