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मथुरा रेलवे स्टेशन से 5 महीने के बच्चे का अपहरण, मुरैना में लिव-इन कपल गिरफ्तार; मंदिर से मासूम बरामद

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
12 September 2026 12:45 PM 1 मिनट पठन 11221 Views
मथुरा रेलवे स्टेशन से 5 महीने के बच्चे का अपहरण, मुरैना में लिव-इन कपल गिरफ्तार; मंदिर से मासूम बरामद

Mathura Child Kidnapping Case: उत्तर प्रदेश के मथुरा में रेलवे स्टेशन के बाहर से पांच महीने के मासूम के अपहरण की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मध्य प्रदेश के मुरैना से एक युवक और उसकी लिव-इन पार्टनर को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से अपहृत बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्चे को लेकर मुरैना के एक मंदिर पहुंचे थे।

रेलवे स्टेशन के बाहर से गायब हुआ था बच्चा

पुलिस के अनुसार, उन्नाव निवासी एक परिवार अपने दो बच्चों के साथ मथुरा घूमने आया था। परिवार मथुरा जंक्शन के गेट नंबर-2 के बाहर ठहरा हुआ था। इसी दौरान उनकी मुलाकात एक युवक और महिला से हुई, जिन्होंने परिवार से दोस्ती कर ली और उनके आसपास ही रहने लगे।

परिवार को कुछ समय बाद दोनों की गतिविधियों पर शक भी हुआ था। पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर को मौका पाकर दोनों आरोपी महिला के पास सो रहे करीब पांच महीने के बच्चे को लेकर वहां से फरार हो गए।

घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। शिकायत मिलने पर थाना हाईवे पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की।

CCTV और सर्विलांस से मिली आरोपियों की लोकेशन

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की। रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की लोकेशन मध्य प्रदेश के मुरैना में मिली। इसके बाद मथुरा पुलिस की टीम ने साइबर और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर वहां कार्रवाई की।

पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर की सुबह करीब 7:10 बजे मुरैना के बसैया गांव में मंदिर के पास दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से पांच महीने का बच्चा भी बरामद हुआ।

संतान न होने की बात सामने आई

पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला की निजी परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, महिला की शादी वर्ष 2018 में हुई थी, लेकिन उसके कोई संतान नहीं थी। बाद में वह अपने पति से अलग हो गई और पिछले कुछ वर्षों से संजीव नाम के युवक के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी।

पुलिस के अनुसार, दोनों 5 सितंबर को मथुरा आए थे और धार्मिक स्थलों के दर्शन कर रहे थे। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के आसपास उनकी मुलाकात एक हस्तरेखा देखने वाले व्यक्ति से हुई थी। पुलिस का कहना है कि संतान से जुड़ी बातों के बाद आरोपियों के मन में बच्चे को लेकर यह कदम उठाने की बात सामने आई।

हालांकि, इस पूरे दावे और कथित हस्तरेखा विशेषज्ञ की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है।

मंदिर से बच्चे को लेकर लौट रहे थे आरोपी

पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्चे को लेकर मुरैना चले गए थे। गिरफ्तारी के समय दोनों मंदिर से लौट रहे थे। पुलिस टीम ने उन्हें रास्ते में पकड़ लिया और बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।

मथुरा पुलिस ने बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया है। बच्चे के सुरक्षित वापस मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली।

आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई शुरू

पुलिस के अनुसार, मामले में संजीव और उसकी महिला साथी को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ थाना हाईवे में मामला दर्ज है और संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि अपहरण की पूरी साजिश कैसे तैयार हुई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। कथित साधु या हस्तरेखा देखने वाले व्यक्ति की भूमिका के बारे में भी जांच की जा रही है।

72 घंटे के भीतर बरामद हुआ मासूम

इस मामले में पुलिस की CCTV और सर्विलांस आधारित कार्रवाई अहम रही। स्टेशन से बच्चे के गायब होने के बाद पुलिस ने कई कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों की गतिविधियों का पीछा करते हुए मध्य प्रदेश तक पहुंच बनाई।

करीब 36 से 72 घंटे के भीतर पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी जोड़े को गिरफ्तार कर लिया।

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