लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार, 15 सितंबर को कैबिनेट की अहम बैठक प्रस्तावित है। बैठक में करीब 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और फैसला होने की संभावना है। इनमें प्रांतीय रक्षक दल यानी PRD जवानों के मानदेय में बढ़ोतरी, कैशलेस इलाज, किसानों को रियायती ब्याज पर कर्ज, कोटेदारों के मार्जिन में बढ़ोतरी और अयोध्या में NSG के क्षेत्रीय केंद्र के लिए जमीन देने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
40 हजार PRD जवानों को मिल सकती है राहत
कैबिनेट बैठक में सबसे अहम प्रस्तावों में से एक PRD जवानों से जुड़ा है। करीब 40 हजार PRD स्वयंसेवकों के मानदेय में बढ़ोतरी पर विचार किया जा सकता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, वर्तमान दैनिक मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा जवानों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने पर भी विचार किया जा सकता है।
PRD जवान कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, मेलों-त्योहारों में भीड़ प्रबंधन और विभिन्न सरकारी आयोजनों में प्रशासन की मदद करते हैं। ऐसे में मानदेय और स्वास्थ्य सुविधा में बदलाव सीधे तौर पर इस वर्ग को प्रभावित करेगा।
किसानों को 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालिक कर्ज
कैबिनेट के एजेंडे में किसानों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल है। Aaj Tak के मुताबिक, किसानों को 6 फीसदी ब्याज दर पर 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालिक कर्ज देने की योजना पर विचार हो सकता है।
अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पात्र किसानों को कृषि और उससे जुड़ी जरूरतों के लिए अपेक्षाकृत कम ब्याज दर पर लंबी अवधि का कर्ज उपलब्ध कराने का रास्ता खुल सकता है।
कोटेदारों के मार्जिन में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी
सरकारी राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों के लिए भी बैठक महत्वपूर्ण हो सकती है।
प्रस्ताव के मुताबिक, कोटेदारों के मार्जिन में 25 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बढ़ोतरी की जा सकती है। रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश में करीब 78 हजार से अधिक कोटेदार इस व्यवस्था से जुड़े हैं।
इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े दुकानदारों की आय में अतिरिक्त राहत मिलने की उम्मीद है।
अयोध्या में बनेगा NSG का क्षेत्रीय केंद्र?
कैबिनेट के सामने सुरक्षा से जुड़ा भी एक बड़ा प्रस्ताव रखा जाना है। अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र में NSG के क्षेत्रीय केंद्र के लिए करीब 65 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
रिपोर्टों के मुताबिक, इसके लिए ग्रामसभा की जमीन गृह विभाग को देने की प्रक्रिया से जुड़ा प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद लगातार बढ़ी श्रद्धालुओं और वीआईपी आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से इस प्रस्ताव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास का प्रस्ताव
शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में है। राज्य के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में स्मार्ट क्लास और ICT लैब विकसित करने की योजना पर विचार किया जा सकता है।
एक रिपोर्ट के अनुसार करीब 14 हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास और ICT लैब विकसित करने के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर विचार हो सकता है।
इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को डिजिटल और तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ना है।
नई खिलौना विनिर्माण नीति को मिल सकती है मंजूरी
उत्तर प्रदेश में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाना है।
सरकार का उद्देश्य राज्य में खिलौना निर्माण को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना बताया जा रहा है।
वाहनों की फिटनेस जांच के लिए नई नीति
परिवहन क्षेत्र से जुड़ा एक अन्य प्रस्ताव वाहनों की तकनीकी जांच और फिटनेस के लिए नई राज्य नीति-2026 से संबंधित है।
इसके अलावा चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित प्रस्ताव और कुछ नए बस अड्डों के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखे जाने की जानकारी है।
चीनी मिल और एथेनॉल से जुड़े प्रस्ताव पर भी नजर
कैबिनेट के एजेंडे में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें मथुरा की सरकारी चीनी मिल को एथेनॉल उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए कंसेशन कम लीज पर देने और उत्तर प्रदेश चीनी निगम की कुछ मिलों के लिए वित्तीय गारंटी से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं।
इससे राज्य के चीनी उद्योग और एथेनॉल उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अलीगढ़ में निजी विश्वविद्यालय से जुड़ा प्रस्ताव
अलीगढ़ में साईं ग्लोबल विश्वविद्यालय की स्थापना से संबंधित आशय पत्र जारी करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने आ सकता है। इसके अलावा सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़-बढ़नी और हरदोई के सवायजपुर में नए बस अड्डों के लिए जमीन उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में बताए गए हैं।
18 प्रस्तावों पर टिकी नजर
योगी सरकार की इस कैबिनेट बैठक में सुरक्षा, शिक्षा, किसान, राशन व्यवस्था, परिवहन, उद्योग और कर्मचारियों/स्वयंसेवकों से जुड़े कई मुद्दे शामिल हैं।
हालांकि, किस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलेगी, इसका आधिकारिक फैसला कैबिनेट बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए बैठक से पहले सामने आए प्रस्तावों को अंतिम सरकारी निर्णय के रूप में देखना उचित नहीं होगा। Aaj Tak की रिपोर्ट भी इन्हें बैठक में विचार किए जाने वाले प्रस्तावों के रूप में पेश करती है।