Wednesday, 16 September 2026
होम DBN Samachar ग्रेटर नोएडा में 50 लाख की MDMA के साथ दो विदेशी नागरिक गिरफ्तार, ऑनलाइन होती थी ड्रग्स की सप्लाई
DBN Samachar

ग्रेटर नोएडा में 50 लाख की MDMA के साथ दो विदेशी नागरिक गिरफ्तार, ऑनलाइन होती थी ड्रग्स की सप्लाई

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
16 September 2026 12:14 PM 1 मिनट पठन 115 Views
ग्रेटर नोएडा में 50 लाख की MDMA के साथ दो विदेशी नागरिक गिरफ्तार, ऑनलाइन होती थी ड्रग्स की सप्लाई

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के कब्जे से 600 ग्राम संदिग्ध MDMA बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। दोनों आरोपी बिजनेस वीजा पर भारत में रह रहे थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली-NCR में अलग-अलग जगहों पर स्टूडियो अपार्टमेंट किराये पर लेकर कथित तौर पर ड्रग्स सप्लाई करते थे। जांच में सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों से संपर्क और ऑनलाइन माध्यमों से डिलीवरी किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई के स्रोत की जांच अभी जारी है।

दो विदेशी नागरिक गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में आइवरी कोस्ट के 47 वर्षीय पीटर और घाना के 56 वर्षीय माइकल शामिल हैं। दोनों ग्रेटर नोएडा की पैरामाउंट सोसायटी के पाइन टावर स्थित एक स्टूडियो अपार्टमेंट में रह रहे थे।

पुलिस ने दोनों के पास से 600 ग्राम संदिग्ध MDMA के अलावा 1.19 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, पैकिंग पॉलिथीन, दो पासपोर्ट, दो मोबाइल फोन और दो बैग बरामद किए हैं। मामले में NDPS Act के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस को देखकर भागने लगे आरोपी

पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 7 बजे दोनों आरोपी सेक्टर-130 मीटर रोड पर पैरामाउंट सोसायटी के सामने एक ऑटो से उतरे। इसी दौरान उनकी नजर पुलिस की गाड़ी पर पड़ी और वे कथित तौर पर वहां से भागने लगे।

पुलिस का कहना है कि भागते समय दोनों ने अपने मोबाइल फोन जमीन पर पटककर तोड़ने की कोशिश की। एक बैग भी झाड़ियों में फेंक दिया गया। पुलिसकर्मियों ने करीब डेढ़ किलोमीटर पीछा करने के बाद दोनों को पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान पुलिस को कथित तौर पर MDMA और अन्य सामान मिला। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बरामद पदार्थ को लेकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और कथित तौर पर इसे ‘घोड़े का खाना’ बताया।

जहां सप्लाई, उसके आसपास किराये पर लेते थे कमरा

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक दोनों आरोपी लंबे समय तक एक ही जगह पर नहीं रहते थे। जिस इलाके में कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई करनी होती, उसके आसपास स्टूडियो अपार्टमेंट किराये पर लेने की बात सामने आई है।

फिलहाल दोनों ग्रेटर नोएडा की पैरामाउंट सोसायटी में रह रहे थे। पुलिस उनके भारत आने की तारीख, यहां रहने की अवधि और बिजनेस वीजा से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने हाल में वीजा रिन्यू भी कराया था।

सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों से संपर्क का दावा

पुलिस के मुताबिक, कथित ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क में सोशल मीडिया का इस्तेमाल ग्राहकों से संपर्क करने के लिए किया जाता था। इसके बाद ऑनलाइन ऐप और बाइक टैक्सी के जरिए डिलीवरी किए जाने का आरोप है।

पुलिस का दावा है कि आरोपी मुख्य रूप से दिल्ली-NCR में रहने वाले कुछ विदेशी नागरिकों और कॉलेज छात्रों तक ड्रग्स पहुंचाते थे। पुलिस के अनुसार, MDMA की कथित बिक्री 2,000 से 4,000 रुपये प्रति ग्राम के बीच की जाती थी। इस दावे की जांच अब पुलिस अन्य डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के जरिए कर रही है।

टूटे मोबाइल से खुलेगा नेटवर्क का राज?

गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों द्वारा मोबाइल फोन तोड़े जाने की बात पुलिस ने कही है। दोनों फोन अब पुलिस के कब्जे में हैं और उनकी जांच की जा रही है।

पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल जांच से कथित खरीदारों, सप्लाई से जुड़े लोगों, ऑनलाइन बातचीत और लेनदेन के बारे में जानकारी मिल सकती है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद MDMA की सप्लाई कहां से हुई थी।

ड्रग्स का स्रोत तलाश रही पुलिस

पुलिस को आशंका है कि दिल्ली-NCR में किसी स्थान से मादक पदार्थों की खेप आरोपियों तक पहुंच रही थी। हालांकि, यह अभी जांच का हिस्सा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है

पुलिस दोनों आरोपियों के पास मिले पासपोर्ट और वीजा दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही कथित सप्लाई नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

प्रतिक्रिया दें (Leave a Reply)

आपका ईमेल पता सुरक्षित है और प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *