बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत में पुराने और अवधि पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग का अभियान जारी है। इसी कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल की IAS अधिकारी सना अख्तर के पिता तमीम अख्तर का करीब 30 साल पुराना स्कूटर भी सीज कर दिया गया। इसके अलावा एक ADO की करीब 15 साल पुरानी बाइक भी परिवहन विभाग की कार्रवाई की चपेट में आई।
परिवहन विभाग के मुताबिक, बागपत में NCR के नियमों के तहत उम्र पूरी कर चुके वाहनों की जांच की जा रही है। पिछले करीब 10 दिनों से चल रहे अभियान में 122 वाहनों को सीज कर स्क्रैप सेंटर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
30 साल पुराने स्कूटर पर हुई कार्रवाई
इस पूरे अभियान में सबसे ज्यादा चर्चा IAS अधिकारी सना अख्तर के पिता के स्कूटर की हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्कूटर करीब 30 साल पुराना है और बागपत में उनके घर के बाहर खड़ा था।
परिवहन विभाग की टीम ने नियमों के तहत इसे सीज कर दिया। स्कूटर मालिक तमीम अख्तर ने बताया कि वह उस समय शहर से बाहर थे और उन्हें कार्रवाई की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि स्कूटर काफी पुराना है और दुकान के बाहर खड़ा रहता था।
ADO की 15 साल पुरानी बाइक भी जब्त
कार्रवाई सिर्फ आम लोगों के वाहनों तक सीमित नहीं रही। अभियान के दौरान एक ADO की करीब 15 साल पुरानी बाइक भी जब्त की गई और उसे स्क्रैप सेंटर भेजा गया।
इससे यह साफ है कि परिवहन विभाग पुराने वाहनों की पहचान करते समय वाहन मालिक की सरकारी या प्रशासनिक पृष्ठभूमि के आधार पर अलग कार्रवाई नहीं कर रहा है।
NCR में पुराने वाहनों को लेकर क्या नियम है?
बागपत NCR क्षेत्र में आता है। यहां निर्धारित उम्र पूरी कर चुके वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लागू है। रिपोर्ट के अनुसार, डीजल वाहनों के लिए 10 साल और पेट्रोल वाहनों के लिए 15 साल की सीमा लागू है।
इसी नियम के आधार पर परिवहन विभाग ऐसे वाहनों को चिन्हित कर रहा है, जो निर्धारित अवधि पूरी करने के बाद भी सड़क पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
घर के बाहर खड़े पुराने वाहनों पर भी नजर
परिवहन विभाग की कार्रवाई अब सिर्फ सड़क पर चल रहे पुराने वाहनों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों की ओर से ऐसे वाहनों के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है जो अवधि पूरी होने के बाद घर, दुकान या अन्य स्थानों पर खड़े हैं।
विभाग यह भी देख रहा है कि कहीं ऐसे वाहनों का बाद में दोबारा सड़क पर इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा।
अभियान में 122 वाहन सीज
एआरटीओ विपिन कुमार के नेतृत्व में चल रहे अभियान के दौरान अब तक 122 वाहनों को सीज कर स्क्रैप सेंटर भेजने की जानकारी Aaj Tak की रिपोर्ट में दी गई है। विभाग की टीम लगातार पुराने वाहनों की जांच कर रही है।
वहीं, अन्य रिपोर्ट में एक दिन की कार्रवाई में 43 वाहनों को जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे स्पष्ट है कि अलग-अलग कार्रवाई के आंकड़े अलग अवधि के हो सकते हैं।
कार्रवाई का विरोध भी हुआ
पुराने वाहनों के खिलाफ अभियान के दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध भी किया। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, खेकड़ा पाठशाला के पास दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर व्यापारियों और अन्य लोगों ने विरोध करते हुए कुछ समय के लिए जाम लगा दिया।
पुलिस और अधिकारियों के समझाने के बाद जाम हटाया गया।
क्यों बढ़ाई गई पुराने वाहनों पर सख्ती?
बागपत NCR का हिस्सा होने के कारण यहां उम्र पूरी कर चुके वाहनों को लेकर परिवहन विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। विभाग का उद्देश्य निर्धारित अवधि पार कर चुके वाहनों के सड़क पर संचालन को रोकना और उन्हें स्क्रैप प्रक्रिया में भेजना है।
इस अभियान में आम वाहन मालिकों के साथ-साथ अधिकारियों या सरकारी कर्मचारियों से जुड़े वाहन भी कार्रवाई की जद में आए हैं।