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कानपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की जगह ड्राइवर ने देखे मरीज, दवाएं भी लिखीं; वीडियो वायरल

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
18 September 2026 9:53 AM 1 मिनट पठन 6840 Views
कानपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की जगह ड्राइवर ने देखे मरीज, दवाएं भी लिखीं; वीडियो वायरल

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रॉमा सेंटर में एक व्यक्ति के डॉक्टर की जगह ओपीडी में मरीजों को देखने और पर्चे पर दवाएं लिखने का वीडियो सामने आया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति संबंधित डॉक्टर का ड्राइवर बताया जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

डॉक्टर की गैरमौजूदगी में OPD में बैठा ड्राइवर

मामला कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रॉमा सेंटर का बताया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. रामकेश किसी कोर्ट संबंधी कार्य के लिए अस्पताल से बाहर गए थे। इसी दौरान ओपीडी में उनकी जगह एक व्यक्ति मरीजों से उनकी परेशानी पूछता और पर्चे पर दवाएं लिखता दिखाई दिया।

वायरल वीडियो में व्यक्ति मरीजों से उनकी समस्या के बारे में सवाल करता नजर आता है। वह पेट दर्द समेत अन्य तकलीफों के बारे में पूछता है और इसके बाद पर्चे पर दवाएं लिखता दिखाई देता है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ मरीजों से दवाएं अस्पताल के बजाय बाहर के मेडिकल स्टोर से लेने की बात भी कही गई।

अस्पताल प्रशासन ने शुरू की जांच

वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। कांशीराम अस्पताल के CMS डॉ. पीयूष मिश्रा ने संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि इस तरह की लापरवाही दोबारा सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति और जिम्मेदार डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें FIR भी शामिल हो सकती है।

CMS के अनुसार, वीडियो की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल में जांच की गई, लेकिन उस समय मौके पर कोई बाहरी व्यक्ति नहीं मिला। डॉक्टर से पूछताछ के दौरान सामने आया कि कोर्ट में जाने के दौरान मरीजों को देखने वाला व्यक्ति संभवतः उनका ड्राइवर देव था।

ड्राइवर के दवा लिखने से उठे गंभीर सवाल

किसी मरीज की बीमारी का आकलन कर दवा लिखना चिकित्सकीय जिम्मेदारी का हिस्सा है। ऐसे में यदि कोई गैर-चिकित्सकीय व्यक्ति मरीजों की जांच कर दवाएं लिखता है, तो उसकी योग्यता, दवा की सही मात्रा और मरीज की मेडिकल हिस्ट्री को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि किसी मरीज को गलत दवा दी गई या किसी मरीज को नुकसान हुआ। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।

डॉक्टर ने ड्राइवर को हटाने की बात कही

रिपोर्टों के अनुसार, डॉक्टर रामकेश ने अस्पताल प्रशासन को बताया कि वह कोर्ट की कार्यवाही के लिए गए थे और वीडियो में पर्चे लिखता दिखाई दे रहा व्यक्ति उनका ड्राइवर था। अन्य रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि डॉक्टर ने ड्राइवर को उसके इस कथित कृत्य के बाद हटा दिया।

वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के दौरान व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ओपीडी में मरीजों को देखने और दवा लिखने की अनुमति किस स्तर पर दी गई थी और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।

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