मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेतृत्व में पहली किसान-मजदूर रात्रि महापंचायत आयोजित की गई। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में हुई इस पंचायत में मुजफ्फरनगर के अलावा आसपास के जिलों से भी किसान और कृषि मजदूर पहुंचे। महापंचायत में गन्ने के दाम, MSP की कानूनी गारंटी, बिजली, खाद, कृषि ऋण और जमीन के सर्किल रेट समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
रात में क्यों बुलाई गई महापंचायत?
BKU की ओर से यह पहली रात्रि महापंचायत बताई गई। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर दिन के साथ-साथ रात में भी बैठक और आंदोलन किया जा सकता है।
महापंचायत के दौरान किसानों और कार्यकर्ताओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। टिकैत ने कहा कि इस तरह की बैठकों के जरिए किसानों और कार्यकर्ताओं को मुद्दों पर संगठित करने की कोशिश की जा रही है।
गन्ने के लिए 500 रुपये प्रति क्विंटल की मांग
महापंचायत में गन्ने की कीमत प्रमुख मुद्दा रही। BKU की ओर से नए पेराई सत्र में गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग रखी गई।
राकेश टिकैत इससे पहले भी गन्ने की कीमत 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच घोषित करने की मांग कर चुके हैं। उनका तर्क रहा है कि खेती की लागत बढ़ रही है और गन्ने की फसल में किसानों का खर्च भी बढ़ा है।
MSP की कानूनी गारंटी की मांग
महापंचायत में किसानों की प्रमुख मांगों में फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी और प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था भी शामिल रही।
BKU की ओर से स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप MSP व्यवस्था की मांग उठाई गई। संगठन ने सरकारी खरीद को मजबूत करने की भी मांग रखी है।
बिजली और खाद को लेकर भी मांग
महापंचायत में कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली और घरेलू तथा ग्रामीण उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली की मांग भी उठाई गई। BKU ने बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और बिजली के निजीकरण से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी आपत्तियां रखीं।
इसके अलावा DAP, यूरिया और दूसरे उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता तथा खाद पर सब्सिडी बहाल करने की मांग भी रखी गई।
गन्ने के बकाया भुगतान और कर्ज का मुद्दा
किसानों ने चीनी मिलों से लंबित गन्ना भुगतान जल्द कराने की मांग की। BKU ने बकाया भुगतान के साथ ब्याज देने की मांग भी रखी।
महापंचायत में किसानों और कृषि मजदूरों के लिए व्यापक ऋण माफी योजना तथा ब्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी सामने आई।
प्राकृतिक आपदा और फसल बीमा पर भी जोर
BKU ने बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि, भूस्खलन और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों, बंटाईदारों और कृषि मजदूरों के लिए पर्याप्त मुआवजे की मांग की।
फसल और पशुधन बीमा व्यवस्था की समीक्षा कर इसे अधिक पारदर्शी बनाने की मांग भी महापंचायत में रखी गई।
भूमि अधिग्रहण को लेकर भी मांगें
महापंचायत में भूमि अधिग्रहण और ग्रामीण परिवारों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। BKU ने पुनर्वास के बिना भूमि अधिग्रहण, बेदखली और बुलडोजर कार्रवाई नहीं करने तथा भूमि अधिग्रहण कानून-2013 का पालन सुनिश्चित करने की मांग रखी।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र
रिपोर्ट के अनुसार, महापंचायत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम 16 सूत्रीय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 15 सूत्रीय मांगपत्र तैयार किया गया। इसमें किसानों और कृषि मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दे शामिल किए गए।
आगे भी जिलों में बैठकें करने की बात
राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर आने वाले समय में अन्य जिलों में भी ऐसी बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने किसानों के मुद्दों पर सरकार से ध्यान देने की मांग की और कहा कि संगठन आगे भी अपने कार्यक्रम जारी रखेगा। यह BKU की ओर से व्यक्त किया गया रुख है; आगे की कार्रवाई और सरकारी प्रतिक्रिया अलग से स्पष्ट होगी।