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आजमगढ़ हत्याकांड: पूजा-पाठ से चिढ़ता था अरविंद सिंह, दोस्त ने बताई पूरी कहानी; भाई की हत्या के बाद बदल गया था व्यवहार

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
23 September 2026 12:19 PM 1 मिनट पठन 72 Views
आजमगढ़ हत्याकांड: पूजा-पाठ से चिढ़ता था अरविंद सिंह, दोस्त ने बताई पूरी कहानी; भाई की हत्या के बाद बदल गया था व्यवहार

आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुई हिंसक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घर में चल रहे महामृत्युंजय जाप के दौरान अरविंद सिंह पर अपनी पत्नी और दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। इसके बाद उसने अपने बच्चों को घर के अंदर बंधक बना लिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान अरविंद की भी मौत हो गई, जबकि घायल बेटे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया।

2018 में भाई की हत्या के बाद बदल गया था व्यवहार

अरविंद सिंह के बचपन के दोस्त आशुतोष सिंह ने आजतक से बातचीत में उसके पिछले कुछ वर्षों के व्यवहार को लेकर कई बातें बताईं। आशुतोष के मुताबिक, वर्ष 2018 में अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या के बाद वह पहले जैसा नहीं रहा था।

दोस्त का दावा है कि इस घटना के बाद अरविंद लोगों से दूरी बनाने लगा था। गांव में भी उसका मेल-जोल कम हो गया और वह धीरे-धीरे अकेले रहने लगा। इसी दौरान उसके गांजा सेवन करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, नशे की स्थिति में होने की अंतिम पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट से ही हो सकती है।

घर में तीन दिन से चल रहा था महामृत्युंजय जाप

घटना से पहले अरविंद के घर में कई दिनों से पूजा-पाठ चल रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक, अरविंद की पत्नी बबीता सिंह ने पुरोहितों को बुलाकर महामृत्युंजय जाप कराया था।

परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, पुराने पारिवारिक घटनाक्रम और घर के माहौल को लेकर पूजा कराने की बात कही गई थी। यह जाप करीब तीन दिन से चल रहा था। अरविंद कथित तौर पर इस पूजा के पक्ष में नहीं था।

पूजा-पाठ को लेकर नाराजगी की बात सामने आई

अरविंद के दोस्त के मुताबिक, भाई की मौत के बाद उसका पूजा-पाठ को लेकर रवैया बदल गया था। परिवार का कहना है कि उसे धार्मिक अनुष्ठानों से चिढ़ थी।

मंगलवार को जब अरविंद घर पहुंचा, उस समय वहां पूजा चल रही थी। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से सामने आई जानकारी के मुताबिक, उसने घर में मौजूद पुरोहितों से सवाल-जवाब शुरू किए और उनसे आधार कार्ड दिखाने को कहा। इसके बाद विवाद बढ़ गया।

विवाद के बाद पत्नी और दो पुरोहितों की मौत

प्रारंभिक पुलिस जांच के मुताबिक, विवाद के बाद अरविंद ने अपनी लाइसेंसी राइफल से फायरिंग की। गोलीबारी में उसकी पत्नी बबीता और दो पुरोहितों की मौत हो गई।

मृतकों की पहचान महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और अरविंद को आत्मसमर्पण के लिए समझाने की कोशिश शुरू की।

बच्चों को कमरे में बनाया बंधक

पत्नी और दोनों पुरोहितों की मौत के बाद अरविंद अपने बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर लिया। पुलिस ने कई घंटे तक उससे बातचीत कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की।

पुलिस के मुताबिक, काफी देर तक समझाने के बावजूद अरविंद बाहर नहीं आया। इसी दौरान कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। पुलिस के अनुसार, एक बच्चे को गोली लगी थी। इसके बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस टीम ने घर के अंदर कार्रवाई की।

पुलिस कार्रवाई में अरविंद की मौत

पुलिस के मुताबिक, कमरे में प्रवेश करने के दौरान अरविंद ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई।

घायल बेटे को भी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं दो अन्य बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पुराने पारिवारिक विवाद की भी जांच

इस मामले में अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की पुरानी हत्या का मामला भी जांच के दायरे में है। विभिन्न रिपोर्टों में परिवार से जुड़े लोगों के हवाले से पुराने पारिवारिक विवाद और तनाव का जिक्र किया गया है।

कुछ परिजनों ने पुराने विवाद और परिवार के भीतर तनाव को घटना की पृष्ठभूमि से जोड़कर बातें कही हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और पुलिस जांच से ही घटना के पीछे की पूरी वजह स्पष्ट होगी।

पूजा और हिंसा के बीच क्या संबंध था?

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि केवल पूजा-पाठ ही घटना की वजह थी। पुलिस जांच में परिवार के पुराने विवाद, अरविंद के व्यवहार, कथित नशे की आदत और उस दिन घर में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है।

परिवार और दोस्त की ओर से पूजा-पाठ को लेकर अरविंद की नाराजगी की बात सामने आई है, जबकि पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक वजह और जिम्मेदार परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।

दोस्त ने बताया- लोगों से कटता चला गया था

अरविंद के बचपन के दोस्त आशुतोष सिंह के मुताबिक, भाई की हत्या के बाद अरविंद के सामाजिक व्यवहार में बड़ा बदलाव आया था। वह पहले की तुलना में कम लोगों से मिलता था और धीरे-धीरे अपने परिवार तक सीमित होता चला गया।

दोस्त ने उसके गांजा सेवन और अकेले रहने की आदत का भी दावा किया है। इन बातों को फिलहाल दोस्त के बयान के रूप में ही देखा जा रहा है; पुलिस जांच से इनके संबंध में स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

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